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तारागिरी: भारतीय नौसेना को मिली Project 17A की चौथी स्टेल्थ फ्रीगेट

तारागिरी: भारतीय नौसेना को मिली Project 17A की चौथी स्टेल्थ फ्रीगेट

तारागिरी: भारतीय नौसेना को मिली Project 17A की चौथी स्टेल्थ फ्रीगेट

भारत की नौसैनिक ताकत को बड़ा बूस्ट देते हुए भारतीय नौसेना को एक और आधुनिक और अत्याधुनिक युद्धपोत मिल गया है। 

मुंबई स्थित माझगांव डॉग शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) ने तारागिरी, नीलगिरी-क्लास (Project 17A) की चौथी स्टेल्थ फ्रीगेट भारतीय नौसेना को सौंप दी है। यह उपलब्धि भारत के नौसैनिक जहाज निर्माण के स्वदेशीकरण की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

INS Taragiri की विरासत को आगे बढ़ाती नई तारागिरी

नई तारागिरी जिसे यार्ड नंबर 12653 नाम दिया गया है, असल में पुराने INS Taragiri का आधुनिक अवतार है। 

पुरानी तारागिरी 1980 से 2013 तक पूरे 33 साल भारतीय नौसेना की सेवा में रही और कई मिशनों में अपनी क्षमता साबित की।
नई तारागिरी में वही मजबूती और विश्वनीयता तो है ही, इसके साथ इसमें अत्याधुनिक तकनीक, उन्नत स्टेल्थ फीचर्स, बेहतर ऑटोमेशन और अधिक सर्वाइवेबिलिटी जोड़ी गई है, जिससे यह आधुनिक युद्ध की जरूरत को पूरा करती है।

यह जहाज भारतीय नौसेना की Aatmanirbhar Bharat पहल के तहत भारत में ही डिजाइन और विकसित किया गया है। इसका डिजाइन नौसेना के Warships Design Bereau ने तैयार किया, जबकि उसके निर्माण की निगरानी मुंबई की Warship Overseeing Team ने की।

कम समय में निर्माण - बढ़ती दक्षता का परिणाम

Project 17A के तहत बनने वाली फ्रीगेट्स का निर्माण आधुनिक तकनीक Integrated Construction Methodology से किया जाता है। नौसेना के अनुसार, पहले दो जहाजों के निर्माण से मिली सीख का फायदा यह हुआ कि तरागिरी को बनाने में केवल 81 महीने लगे।
पहले नीलगिरी-क्लास फ्रिगेट Nilgiri के निर्माण में 93 महीने लगे थे। यह दिखाता है कि भारत जटिल युद्धपोतों के निर्माण में कितनी तेजी से सक्षम हो रहा है।

शक्तिशाली हथियारों और सेंसरों से लैस

तारागिरी को एक मल्टी-रोल युद्धपोत के तौर पर तैयार किया गया है। इसमें वह सभी आधुनिक हथियार और सेंसर लगाए गए हैं जो एक स्टेल्थ फ्रीगेट को बेहद घातक और प्रभावशाली बनाते हैं।

मुख्य हथियार प्रणाली:

• BrahMos मिसाइल सिस्टम – लंबी दूरी से सटीक वार करने वाली मिसल

• MF -STAR रडार – मल्टी फंक्शन रडार जो आसमान और समुद्र दोनों में खतरों को पकड़ सकता है।

• MRSAM एयर डिफेंस सिस्टम – हवाई हमले से बचाव के लिए

• 76mm Super Rapid Gun Mount – तेज और सटीक फायरिंग वाला मुख्य गन

• Close-in Weapon System (CIWS) – मिसाइलों और नजदीकी खतरों को रोकने के लिए

इसके अलावा इसमें एंटी सबमरीन रॉकेट, सोनार और टॉरपीडो सिस्टम भी लगाए गए हैं, जो पानी के अंदर चलने वाली दुश्मन पनडुब्बियों का पता लगाकर उन पर हमला कर सकते हैं। 

इस तरह तरह तारागिरी हवा समुंद्र और पानी के भीतर तीनों तरह के खतरों से निपटने में सक्षम है।

शक्तिशाली इंजन और बेहतर नियंत्रण

जहाज की रफ्तार और शक्ति को बढ़ाने के लिए इसमें CODOG (Combined Diesel Or Gas) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। यानी इसमें डीजल इंजन के साथ गैस टरबाइन भी लगी है।

 दोनों मिलकर जहाज को तेज, शांत और ऊर्जा-सक्षम बनाते हैं। जहाज के संचालन को आसान बनाने के लिए इसमें Integrated Platform Management System लगाया गया है, जिससे सभी तकनीकी सिस्टम एक ही जगह से ऑटोमेटिक तरीके से नियंत्रित किए जा सकते हैं।

एक साल में चौथी P17A फ्रिगेट - तेजी से आगे बढ़ रहा भारतीय नौसेना कार्यक्रम

तारागिरी: भारतीय नौसेना को मिली Project 17A की चौथी स्टेल्थ फ्रीगेट

भारतीय नौसेना की खास बात यह है की तरागिरी पिछले 11 महीना में सौंपे गए Project 17A के चौथे जहाज है।

बाकी तीन जहाज़ अभी निर्माणाधीन हैं –

• एक (MDL) मुंबई में।

• और दो Garden Reach Shipbuilders & Engineers (GRSE) कोलकाता में।

सभी जहाजों की डिलीवरी अगस्त 2026 तक होने की उम्मीद है।

इसका मतलब है कि आने वाले दो वर्षों में भारतीय नौसेना की ताकत और बढ़ेगी, और भारत हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी रणनीतिक स्थिति को और मजबूत करेगा।

75% स्वदेशीकरण - भारत में हजारों लोगों को मिला रोजगार

Project 17A की एक और खास उपलब्धि इसका 75% घरेलू कंटेंट है। यानी इस जहाज में इस्तेमाल होने वाला अधिकांश उपकरण, सामग्री, तकनीक और सिस्टम भारत में ही विकसित या निर्मित किए गए हैं।

इस परियोजना ने—

• 200 से अधिक MSMEs को जोड़ा

• करीब 4000 लोगों को सीधा रोजगार मिला

• और 10000 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से काम मिला।

यह बताता है कि ऐसे बड़े रक्षा प्रोजेक्ट सिर्फ सैन्य ताकत नहीं बढ़ते, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और उद्योग जगत को भी मजबूत करते हैं।

तारागिरी —भारत की भविष्य की नौसेना की झलक

नई तारागिरी सिर्फ एक जहाज नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमता, कौशल और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।

जहां पहले उन्नत युद्धपोतों के लिए भारत को स्वदेशी तकनीक पर निर्भर रहना पड़ता था। वहीं अब भारत खुद ऐसी आधुनिक फ्रीगेट बना रहा है जो दुनिया के बेहतरीन जहाज के मुकाबले खड़ी हो सकती है।

Project 17A के जहाज न सिर्फ स्टेल्थ टेक्नोलॉजी और मल्टी रोल ऑपरेशन में सक्षम है, बल्कि वे आधुनिक युद्ध की सबसे कठिन स्थितियों में भी लंबे समय तक टिकाऊ बनाए रखने के लिए डिजाइन किए गए हैं।

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बिहार रोजगार योजना 2025: नीतीश कुमार का 1 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का बड़ा ऐलान

बिहार रोजगार योजना 2025: नीतीश कुमार का 1 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का बड़ा ऐलान

बिहार रोजगार योजना 2025: नीतीश कुमार का 1 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का बड़ा ऐलान
Nitish Kumar (Photo Credit: X)

बिहार रोजगार योजना 2025: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज के युवाओं के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण घोषणा की है। 

उन्होंने साफ कहा है कि आने वाले 5 वर्षों यानी 2025 से 2030 के बीच बिहार में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य तय किया गया है। 

यह घोषणा न सिर्फ युवाओं को उम्मीद देती है, बल्कि राज्य सरकार की आने वाली योजनाओं के लिए भी एक मजबूत दिशा तय करती है।

नीतीश कुमार ने कहा कि शुरू से ही उनका ध्यान सरकारी नौकरियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने पर रहा है। 

साथ निश्चय-2 कार्यक्रम के तहत 2020 से 2025 के बीच 50 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार दिया जा चुका है। सरकार अब अगले चरण में इससे भी बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है।

रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया तेज — 31 दिसंबर 2025 तक सभी विभागों को आदेश

बिहार रोजगार योजना 2025: मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा की नई सरकार के गठन के बाद से ही हर विभाग में खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है। उन्होंने सभी प्रशासनिक विभागों, प्रमंडलीय आयुक्तों, पुलिस मुख्यालय और जिलाधिकारीयों को निर्देश दिया है कि_

•अपने-अपने विभागों में मौजूद सभी रिक्त पदों की पूरी सूची
• 31 दिसंबर 2025 तक समान प्रशासन विभाग को भेजें दे।

इसके बाद सामान प्रशासन विभाग इन व्यक्तियों की जांच करके उन्हें तुरंत संबंधित नियुक्ति आयोग को भेज देगा ताकि बहाली प्रक्रिया में किसी तरह की देरी न हो।

सरकार का कहना है की नियुक्ति प्रक्रिया में देरी युवाओं के समय और भविष्य दोनों को प्रभावित करती है इसलिए इस बार सिस्टम को और तेज तथा पारदर्शी बनाया जा रहा है।

जनवरी 2026 में पूरे साल का भर्ती कैलेंडर जारी होगा

नीतीश कुमार ने बताया कि सभी नियुक्ति आयोगों और चयन एजेंसियों को या निर्देश दिया गया है कि वह जनवरी 2026 में पूरे साल का एक भारती कैलेंडर जारी करें।
इस कैलेंडर में निम्न बातें स्पष्ट रूप से लिखी होंगी_

• विज्ञापन जारी होने की तिथि
• परीक्षा आयोजित होने की संभावित तारीख
• अंतिम परिणाम जारी होने की तय तिथि

यानी अब उम्मीदवारों को भर्ती प्रक्रिया के हर चरण की स्पष्ट जानकारी पहले से मिल जाएगी। इससे युवाओं को तैयारी में सुविधा होगी और भारती को लेकर होने वाली अनिश्चितता कम होगी

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि किसी भी भर्ती प्रक्रिया में:

➡ विज्ञापन से लेकर अंतिम परिणाम आने तक अधिकतम एक वर्ष का समय ही लगेगा।
इससे अधिक समय किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

यह व्यवस्था युवाओं के लिए बेहद फायदेमंद होगी, क्योंकि बिहार में कई बार बहाली प्रक्रियाएं वर्षों तक लंबी खींच जाती है

परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता — कड़े निर्देश जारी

बिहार रोजगार योजना 2025: सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि सभी परीक्षाएं__

• पूरी तरह पारदर्शी,
• निष्पक्ष
• और तकनीक आधारित तरीके से कराई जाएंगी।

उन्होंने नियुक्ति आयोगों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी अनुचित साधन या गलत तरीके को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि परीक्षा में किसी तरह की अनियमितता पाई जाती है तो–

• दोषियों को चिन्हित किया जाएगा
• और उन्हें फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए सख्त सजा दी जाएगी

सरकार का कहना है की पारदर्शी परीक्षा प्रणाली ही युवाओं में भरोसा कायम करती है और उसके बिना रोजगार प्रक्रिया विश्वसनीय नहीं हो सकती।

कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) के लिए परीक्षा केंद्र बढ़ेंगे

आज ज्यादातर सरकारी परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित होती जा रही है। (बिहार रोजगार योजना 2025) इसी को देखते हुए बिहार सरकार ने फैसला लिया है कि पूरे राज्य में:

➡ CBT परीक्षा केंद्र की संख्या बढ़ाई जाएगी। इससे दो बड़े फायदे होंगे:

• परीक्षाएं समय पर आयोजित की जा सकेगी
• कम समय में अधिक अभ्यर्थियों की परीक्षा कराई जा सकेगी

कई बार बिहार में CBT केंद्रों की कमी के कारण एग्जाम डेट आगे बढ़ जाती थी। सरकार का कहना है कि आने वाले महीना में अधिक परीक्षा केंद्र तैयार होंगे ताकि भर्ती कैलेंडर में किसी तरह की रुकावट न आए।

युवाओं का भविष्य सुरक्षित बनाना सरकार की प्राथमिकता

बिहार रोजगार योजना 2025: नीतीश कुमार का 1 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का बड़ा ऐलान

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के बेहतर भविष्य और आत्मनिर्भरता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। 

उनकी सरकार लगातार ऐसे कदम उठा रही है जिनसे:-

• अधिक रोजगार पैदा हों
• सरकारी नौकरी पाने की प्रक्रिया स्पष्ट और भरोसेमंद बने
• युवाओं को ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट का अधिक मौका मिले
• रोजगार के नए सेक्टर खड़े हो

नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी प्राथमिकता है कि बिहार का हर युवा अपने क्षेत्र में कुशाल बने और रोजगार के अवसरों को आसानी से प्राप्त कर सके।

क्यों है यह घोषणा महत्वपूर्ण?

बिहार की बड़ी आबादी युवा है, और यहां रोजगार की कमी हमेशा एक बड़ी चुनौती रही है। 

नए लक्ष्य—1 करोड़ नौकरियां का मतलब है:

• हर साल औसतन 20 लाख रोजगार
• सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में नई संभावनाओं को बढ़ावा
• युवाओं के लिए रोजगार आधारित योजनाओं में तेजी
• राज्य में आर्थिक गतिविधियों में बड़ा उछाल+

यह लक्ष्य महत्वाकांक्षी जरूर है, लेकिन यदि इसे सही दिशा में लागू किया गया, तो बिहार की रोजगार स्थिति में बड़ा बदलाव आ सकता है।

अगले 5 साल में क्या बदल सकता है

अगर सरकार अपनी योजना पर सही तरीके से काम करती है तो:

1. सरकारी विभागों में सालों से खाली पेट भर जाएंगे

स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस, परिवहन, ग्रामीण विकास—हर विभाग में हजारों पद खाली हैं।

2. बिहार में निजी निवेश बढ़ेगा

नए उद्योग, स्टार्टअप और MSME सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा।

3. स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम मजबूत होंगे

तकनीकी और व्यावसायिक ट्रेनिंग को बढ़ाया जाएगा।

4. भर्ती प्रक्रिया समयबद्ध होगी

एक साल में प्रक्रिया पूरी करने से युवाओं में भरोसा भी बढ़ेगा।

5. पारदर्शी परीक्षाएं युवाओं का विश्वास लौटाएंगी

गलत तरीकों का इस्तेमाल करने वालों पर सख्त कार्रवाई से सिस्टम साफ होगा।

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100 साल तक स्वस्थ कैसे जिए? डॉ. नरेश त्रेहन की 10 आसन आदतें।

100 साल तक स्वस्थ कैसे जिए? डॉ. नरेश त्रेहन की 10 आसन आदतें।

लंबी उम्र हर कोई चाहता है, लेकिन सच में मायने यह रखता है कि आप अपनी उम्र कैसे जी रहे हैं- क्या आप एक्टिव हैं, खुश हैं,और बीमारियों से दूर है? 

एक्सपर्ट्स का मानना है कि हमारी रोज की छोटी-छोटी आदतें ही तय करती है कि भविष्य में हमारी सेहत कैसी रहेग !

देश के मशहूर कार्डियक सर्जन डॉ. नरेश त्रेहन कहते हैं की लंबी और हेल्दी लाइफ पाना कोई जादू नहीं है। 

यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आप आज अपनी लाइफ में कैसी आदतें अपनाते हैं दवाई से ज्यादा असरदार है अच्छी लाइफस्टाइल।

यहां जानिए वे आसान बदलाव जो आपकी जिंदगी को लंबा और हेल्दी बना सकते हैं –

1. अपनी फैमिली हिस्ट्री समझे।

अगर परिवार में हार्ट डिज़ीज़, हाई बीपी या डायबिटीज रही है तो आपको इसकी रोकथाम जल्दी शुरू कर देना चाहिए। फैमिली हिस्ट्री में तो इन बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए समय पर चेकअप कराते रहे।

2. हेल्थ चेकअप को आदत बनाएं।

2. हेल्थ चेकअप को आदत बनाएं।
image credit :kokilaben hospital:

 भारत में ज्यादातर लोग तब डॉक्टर के पास जाते हैं जब बीमारी बिगड़ जाती है।

 यदि फैमिली हिस्ट्री है तो 25 साल की उम्र से चेकअप शुरू करें, नहीं तो 30 साल पर एक पूरा बॉडी चेकअप जरूर कराएं।

छोटा सा सालाना खर्च आपको भविष्य में बड़े अस्पताल बिलों से बचा सकता है।

3. वजन को कंट्रोल में रखें।

3. वजन को कंट्रोल में रखें।
Image Credit : Life Leafs:

डॉक्टर नरेश त्रेहन कहते हैं  अगर आपका वजन आपके आइडियल वजन से सिर्फ 10% के अंदर है, तो आपकी उम्र 10-12 साल तक बढ़ सकती है!

घर में वेट मशीन रखें,रोज वजन चेक करें और बढ़ते ही खाने को कंट्रोल करें।

4. मसल्स को बचाएं, रोज एक्सरसाइज करें।

4. मसल्स को बचाएं, रोज एक्सरसाइज करें।
Image Credit :Envision Fitness:

काम मसल्स = कमजोर इम्यूनिटी, जल्दी थकान और जॉइंट पेन।

रोज 30-40 मिनट की एक्सरसाइज आपकी बॉडी को लंबे समय तक फिट रखती है।

 

5. दिल का खास ध्यान रखा करें।

डॉ. नरेश त्रेहन कहते हैं – दिल 24 घंटे बिना रुके काम करता है।

दिल की सेहत के लिए:

  . रोजाना 30 मिनिट वॉक

  . नमक कम

  . स्मोकिंग और तंबाकू पूरी तरह बंद

  . शराब किसी भी मात्रा में सुरक्षित नहीं है।

6. तनाव कम करें।

6. तनाव कम करें।
Image Credit :Harvard Health:

तनाव सिर्फ मूड खराब नहीं करता, यह हार्ट अटैक, हाई बीपी, खराब नींद और वजन बढ़ाने का कारण भी बनता है।

थोड़ा-थोड़ा ब्रेक लेना, मेडिटेशन और हल्की एक्सरसाइज स्ट्रेस कम करने में काफी मदद करती है

7. 30 की उम्र के बाद एक्सरसाइज जरूरी, 40 के बाद डबल जरूरी।

40 की उम्र के बाद मेटाबॉलिज्म स्लो होता है, वजन तेजी से बढ़ता है और हार्मोन बदलाव शुरू हो जाते हैं ।

इसलिए 40 की उम्र के बाद:

 

. 40 मिनट एक्सरसाइज

. स्ट्रेस कम

. हेल्दी डाइट

. नियमित चेकअप

   –ये चारों चीजें बहुत जरूरी है।

8. हेल्दी डाइट खाएं।

8. हेल्दी डाइट खाएं।
Image Credit :Harvard Health:

लंबी उम्र के लिए डाइट सबसे अहम है:

 नामक एक-दो ग्राम तक रखें

चीनी कम

. घी सीमित मात्रा में

. वनस्पति तेल बंद करें

. हर 6 महीने में तेल बदलें

मोटापा कई परेशानियों की जड़ है – हार्ट, डायबिटीज, कैंसर, जॉइंट पेन इसलिए वजन कंट्रोल करना जरूरी है

9. तंबाकू और शराब छोड़ दें।

9. तंबाकू और शराब छोड़ दें।
Image Credit :SCITECHDAILY:

यह सबसे आसान और असरदार बदलाव है।

इन्हें छोड़ने से आपकी उम्र 5-7 साल तक बढ़ सकती है

10. बीपी कंट्रोल रखें और जितनी भूख हो उतना ही खाएं।

बीपी को 130/80 के अंदर रखें।

 

बहुत ज्यादा खाने से शरीर पर दबाव बढ़ता है, इसलिए “कम खाओ, सही खाओ, रोज चलो-फिर और तनाव कम रखो”

 

यही सरल मंत्र है लंबी उम्र का।

अंत में एक जरूरी बात

यह जानकारी सिर्फ जागरूकता के लिए है। किसी भी समस्या या दवा के बारे में हमेशा अपनी डॉटर से सलाह ले।

2025 Tata Sierra: Tata Motors का बड़ा बदलाव, नई तकनीक और दमदार फीचर्स के साथ वापसी

2025 Tata Sierra: Tata Motors का बड़ा बदलाव, नई तकनीक और दमदार फीचर्स के साथ वापसी

2025 Tata Sierra: Tata Motors का बड़ा बदलाव, नई तकनीक और दमदार फीचर्स के साथ वापसी
Upcoming Tata Car in November 2025, Credit (S-M)

2025 Tata Sierra एक बार फिर मार्केट में लौट आई है, और इस बार यह सिर्फ पुरानी यादों को ताज़ा करने के लिए नहीं आई, बल्कि Tata Motors ke लिए कई नए “पहली बार वाले फीचर्स लेकर आई है। नए टेक, नए इंजन और एक बिल्कुल नए प्लेटफार्म के साथ, Sierra कंपनी के लिए एक बड़ा कदम साबित हो रही है।

नए Sierra की शुरुआत कीमत ₹ 11.49 लाख (एक्स- शोरूम) रखी गई है। SUV को Tata की ICE लाइन-अप में Curvv और Harrier के बीच पोजीशन किया गया है। अभी तक सिर्फ बेस वेरिएंट की कीमत बताई गई है।

ट्रिपल-स्क्रीन का कमाल

Tata पहली बार किसी SUV में तीन स्क्रीन वाला डैशबोर्ड दे रही है, जो केबिन को काफी आधुनिक और प्रीमियम एहसास देता है।

     • 10.25- इंच डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर

     • 12.3- इंच सेंट्रल टचस्क्रीन

     • 12.3- इंच पैसेंजर डिस्प्ले

बड़ी स्क्रीन पैसेंजर के लिए मिररिंग और कंटेंट सिंकिंग की सुविधा भी देती है, जो आमतौर पर सिर्फ लग्जरी कारों में देखने को मिलती है।

पहली बार: AR बेस्ड HUD (हेड-अप डिस्प्ले)

Tata Sierra भारत में पहली इसी ICE सब बन गई है, जिसमें Augmented Reality HUD दिया गया है।

यह पारंपरिक HUD की तरह एक छोटे डिस्प्ले पर प्रोजेक्ट नहीं करता, बल्कि सीधे विंडस्क्रीन पर नेविगेशन, वार्निंग और गाइडेंस दिखाता है। इससे ड्राइविंग और भी आसान और सुरक्षित बनती है।

“यह फीचर Accomplished वेरिएंट में मिलता है,जबकि Accomplished+ में आर हुड की जगह ट्रिपल- स्क्रीन लेआउट आता है।”

दो नए पेट्रोल इंजन – पहली बार

नई Sierra में Tata ने बिल्कुल नई 1.5- लीटर पेट्रोल इंजन फैमिली पेश की है।

1.1.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड इंजन

    • पावर: 106 bhp

    • टॉर्क: 145 Nm

    • गियरबॉक्स: 6-स्पीड मैनुअल/ 7-स्पीड DCT ऑटोमैटिक

2. 1.5-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन
    • पवार: 160 bhp

    •टॉर्क: 255 Nm

    • गियरबॉक्स:6-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमेटिक

यह टर्बो इंजन जल्द ही Harrier और Safari में भी आएगा। इसके अलावा,Sierra में 1.5 लीटर डीजल इंजन भी मिलेगा, जो Curvv वाले इंजन से 20 Nm ज्यादा टॉर्क देता है।

नया ARGOS प्लेटफार्म –बेहद प्लेक्सिबल

2025 Tata Sierra: Tata Motors का बड़ा बदलाव, नई तकनीक और दमदार फीचर्स के साथ वापसी
Tata Sierra 2025 Launch Update (credit-sm)

Sierra पहली कार है जो Tata के नए ARGOS प्लेटफार्म पर बनी है। इसका पूरा नाम है:
ऑल-terrain Ready, Omni-Energy, Geometry Scalable Architecture

यह प्लेटफॉर्म भविष्य में कई तरह की तकनीकी को सपोर्ट करेगा:

    • AWD (ऑल – व्हील ड्राइव)

    • CNG

    • स्ट्रांग हाइब्रिड

    • इलेक्ट्रिक वर्जन

फिलहाल साइट सिर्फ फेड में आती है, लेकिन आने वाले समय में AWD और Electric वर्ज़न भी पेश किए जाएंगे।

पहली बार: Extendable थाई स्पोर्ट

कंफर्ट के मामले में भी नया Sierra कमाल दिखती है।
Tata पहली बार किसी SUV में फ्रंट सीट्स के लिए Expendable Under-Thigh Support दे रही है।

यह फीचर खासकर लंबी यात्राओं में थकान काम करता है और इस सेगमेंट में किसी भी SUV में यह सुविधा नहीं मिलती।

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धर्मेंद्र नहीं रहे: 89 साल की उम्र में मुंबई स्थित घर पर हुआ निधन, बॉलीवुड में शोक की लहर

धर्मेंद्र नहीं रहे: 89 साल की उम्र में मुंबई स्थित घर पर हुआ निधन, बॉलीवुड में शोक की लहर

धर्मेंद्र नहीं रहे: 89 साल की उम्र में मुंबई स्थित घर पर हुआ निधन, बॉलीवुड में शोक की लहर
धर्मेंद्र का निधन : अभिनेता दो हफ्ते पहले अस्पताल में भर्ती हुए थे और सोमवार को उनका निधन हो गया

बॉलीवुडके दिग्गज और सभी के प्रिय कलाकार धर्मेंद्र का 89 साल की उम्र में मुंबई में निधन हो गया। कुछ ही दिनों बाद वे अपना 90 वां जन्मदिन मनाने वाले थे। He Man of Bollywood कहलाने वाले धर्मेंद्र ने 60 से अधिक सालों के शानदार कैरियर में 300 से ज्यादा फ़िल्मों में काम किया और करोड़ो दिलों पर राज किया।

हाल ही में उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल से छुट्टी मिली थी और कहा जा रहा था कि उनकी तबियत धीरे-धीरे सुधर रही है। लेकिन 24 नवंबर की दोपहर अचानक उनके घर से एंबुलेंस निकलती दिखी। इसके बाद कई फिल्मी सितारे जुहू स्थित पवन हंस श्मशान पहुंचे । जबकि परिवार की ओर से आधिकारिक बयान अभी तक नहीं आया, फिल्ममेकर करण जौहर ने उनकी मौत की पुष्टि कर दी।

अभी तक उनकी मौत का कारण सामने नहीं आया है, लेकिन 1 नवंबर से उनकी तबियत लगातार खराब चल रही थी। धर्मेन्द्र की आखिरी फिल्म श्रीराम राघवन की Ikkis होगी, जिसमें अगस्त्य नंदा और जयदीप अहलावत भी नज़र आएंगे।

कारण जौहर का इमोशनल पोस्ट

धर्मेंद्र जी के निधन की खबर सामने आने के बाद कारण जौहर ने इंस्टाग्राम पर बेहद भावुक पोस्ट लिखा:

"एक युग का अंत... एक विशाल सुपरस्टार.. हिंदी सिनेमा के असली हीरो... बेहद हैंडसम और करिश्माई शख्सियत... वो हमेशा भारतीय सिनेमा के इतिहास में। उनका प्यार, उनका आशीर्वाद, उनकी गर्मजोशी... सबको बहुत याद आएगी। आज इंडस्ट्री में एक ऐसी जगह खोली गई है, जिसे कोई कभी भर नहीं पाएगा। हम आपको हमेशा याद रखेंगे धरमजी... अभी ना जाओ छोड़कर, कि दिल अभी भरा नहीं... ॐ शांति।"

करण का यह पोस्ट साफ दिखता है की फिल्म इंडस्ट्री धर्मेंद्र को सिर्फ एक कलाकार नहीं, बल्कि एक इंसान के रूप में भी बेहद प्यार करते थी।

गरम धरम की विरासत

धर्मेंद्र जी की आखिरी कुछ फ़िल्मों — ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ (2023) और ‘तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया’ (2024) ने एक बार फिर साबित किया की उम्र सिर्फ एक नंबर है।

उनकी बहुमुखी प्रतिभा ही उनकी पहचान थी

• रोमांटिक हीरो – फूल और पत्थर आए दिन बहार के
• एक्शन आईकॉन – धर्मवीर हुकूमत
• क्लासिक कॉमिक टाइमिंग – चुपके चुपके

लेकिन उनका सबसे यादगार किरदार था
👉 वीर, 1975 की कालजई फिल्म शोले में।

उनकी मुस्कुराहट, डायलॉग डिलीवरी, डांस स्टेप्स और ‘यमला पगला दीवाना’ जैसे गाने आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। धर्मेंद्र सिर्फ महिलाओं के ही नहीं, बल्कि पुरुषों के भी चहेते सितारे थे।

धर्मेंद्र – ही- 'मैन ऑफ बॉलीवुड' कैसे बने?

धर्मेंद्र जी  का जन्म 8 दिसंबर 1935, नसरेली (पंजाब) में हुआ था।
1960 में फिल्म दिल भी तेरा हम भी तेरे से उन्होंने अपना अभिनय सफर शुरू किया। कुछ ही सालों में वह रोमांस और ड्रामा फिल्मों के पसंदीदा हीरो बन गए।

1960 और 70 का दशक धर्मेंद्र के नाम रहा।
उनके लुक्स, एक्टिंग, स्टाइल, कॉमेडी और एक्शन—
सब में महारत थी। फिल्म चुपके चुपके में उनकी ही कॉमिक टाइमिंग आज भी लोगों के चेहरे पर मुस्कान लेती आती है।

सम्मान
2012 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया।

धर्मेंद्र का परिवार

धर्मेंद्र नहीं रहे: 89 साल की उम्र में मुंबई स्थित घर पर हुआ निधन, बॉलीवुड में शोक की लहर

धर्मेंद्र का पारिवारिक जीवन भी उतना ही चर्चा में रहा जितना उनका फिल्मी करियर।

वे दो बार शादीशुदा थे:

1. प्रकाश कौर जिनसे उनके चार बच्चे:
• सनी देओल
•बॉबी देओल
• विजेता देओल
• अजीत देओल

2. हेमा मालिनी – उनके पोस्टर और बाद में जीवन संगिनी

• ईशा देओल
• अहाना देओल

परिवार, विशेष कर बेटे सनी और बॉबी अक्सर पिता के प्रति अपनी भावनाओं को सार्वजनिक रूप से व्यक्त करते रहे हैं।

धर्मेंद्र घर जाना सिर्फ एक अभिनेता का जाना नहीं है—यह हिंदी सिनेमा के एक पूरे दौर का अंत है।
उनकी मुस्कान, उनका सादापन, उनका अंदाज और उनका दिल सबको हमेशा याद रहेगा।

**धर्म की सदैव दिलों में जिंदा रहेंगे ।
ओम शांति

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SUBODH KUMAR

स्मृति मंधाना: भारतीय महिला क्रिकेट की स्टार बल्लेबाज की पूरी कहानी

स्मृति मंधाना: भारतीय महिला क्रिकेट की स्टार बल्लेबाज की पूरी कहानी

स्मृति मंधाना: भारतीय महिला क्रिकेट की स्टार बल्लेबाज की पूरी कहानी
Smriti Mandhana's (Credit: Instagram/@palash_muchhal)

स्मृति मंधाना—भारतीय महिला क्रिकेट का वह नाम, जिसने अपनी बेहतरीन बैटिंग, दमदार प्रदर्शन और शांत स्वभाव से दुनिया भर में लाखों क्रिकेट प्रशंसकों का दिल जीता है। बाएं हाथ की इस ओपनर ने बहुत कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाई और आज वह भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे भरोसेमंद और सबसे लोकप्रिय खिलाड़ियों में से एक है।

शुरुआती जीवन और परिवार

स्मृति मंधाना का जन्म 18 जुलाई 1996 को मुंबई में हुआ, लेकिन उनका पालन-पोषण महाराष्ट्र के सांगली में हुआ। उनके पिता श्रीनिवास मंधना और भाई दोनों क्लब-स्तरीय क्रिकेटर खेल चुके हैं, इसलिए स्मृति को क्रिकेट वातावरण में बढ़ना तय था।

•  उनके पिता बैट बनाने का काम करते थे, जिसने स्मृति को बचपन से ही क्रिकेट का माहौल मिला।
•  भाई की क्रिकेट प्रैक्टिस देखते-देखते उन्होंने भी 9 साल की उम्र में बल्ला उठाया।
•  11 साल की उम्र में वह महाराष्ट्र अंदर- 15 टीम में चुन ली गई।
•  13 साल की उम्र में वे महाराष्ट्र की अंडर- 19 टिम का हिस्सा बन गई। 

कहने का मतलब— क्रिकेट उनके लिए सिर्फ खेल नहीं बल्कि घर-घर की हवा थी।

अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत

स्मृति मंधाना ने 2013 में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की शुरुआत की। कुछ सालों में अगर टीम की सबसे मजबूत ओपनिंग बल्लेबाज बन गई।

डेब्यू वर्ष – 2013

  • T20I डेब्यू: 5 अप्रैल 2013
  • ODI डेब्यू: 10 अप्रैल 2014
  • टेस्ट डेब्यू: अगस्त 2014

पहले ही साल में उन्होंने दिखा दिया कि भारतीय महिला क्रिकेट को एक बड़ी स्टार मिल चुकी है।

बड़े मेचों की शानदार प्रदर्शन

स्मृति मंधाना बाय प्लेटफार्म पर खेलने में माहिर है खासकर ICC टूर्नामेंट में उन्होंने कई अब अविस्मरणीय पारियां खेली हैं!

2017 विश्व कप – यह वही टूर्नामेंट था, जिसने स्मृति को सुपरस्टार बना दिया।

• इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के खिलाफ शानदार शतकीय पारियां
• पूरे टूर्नामेंट में भारत को मजबूत से शुरुआत देना
• फाइनल तक पहुंचने में बड़ी भूमिका

और अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें __

खेलने का अंदाज (Playing Style)

स्मृति का बैटिंग स्टाइल बेहद क्लीन, टाइमिंग और इलैगंस पर आधारित है।
उनके शॉट इतना आसान लगते हैं कि दर्शकों को क्रिकेट कला जैसा महसूस होता है।

• Extra cover drive उनकी पहचान
• Left hand elegance
• शांत और संयमित बल्लेबाजी
• तेज स्ट्राइक रेट के साथ टिककर लंबी पारी खेलना

रिकॉर्ड और उपलब्धियां

• ICC women’s cricketer of the year 2018 and 2022
• सीमित ओवर क्रिकेट में सबसे तेज 2000 रन
•ऑस्ट्रेलिया इंग्लैंड और न्यूजीलैंड में शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला बल्लेबाज
•भारत की ओर से सबसे तेज T20 आई 50 (23 गेंद)
• महिला IPL (WPL) की सबसे महंगी खिलाड़ी

WPL में कप्ताती

• वो रॉयल चैलेंजर बेंगलुरु (RCB) महिला टीम की कप्तान है।
• उनके नेतृत्व में RCB ने 2024 में WPL का खिताब जीता यह उनकी कप्तानी क्षमता को भी साबित करता है।

व्यक्तित्व और लोकप्रियता

स्मृति सिर्फ एक क्रिकेटर नहीं है बल्कि एक युवा आइकॉन है___

• शांत स्वभाव
• विनम्र व्यवहार
• जमीन से जुड़ी प्रकृति
• सोशल मीडिया पर बड़ी फैन फॉलोइंग

उन्हें ब्रांच भी खूब पसंद करते हैं—Nike, Hero, Red Bull सहित कई बड़े ब्रांडस से उनके पार्टनरशिप रही है।

निजी जीवन और हालिया चर्चा

स्मृति मंधाना: भारतीय महिला क्रिकेट की स्टार बल्लेबाज की पूरी कहानी

हाल ही में स्मृति मंधाना अपने निजी जिंदगी को लेकर भी सुर्खियों में रहीं।

संगीतकार पलाश मुच्छल के साथ उनकी सगाई की चर्चा खूब वायरल हुई। इंस्टाग्राम रील्स, दी पाटिल स्टेडियम वाल रोमांटिक प्रपोजल- सबने फैंस का दिल जीत लिया।

लेकिन शादी रुकी

 
23 नवंबर को होने वाली शादी को उनके पिता की अचानक तबियत बिगड़ने के कारण अनिश्चित समय तक के लिए डाल दिया गया
स्मृति ने कहा कि परिवार की स्वास्थ्य स्थिति में हुए शादी नहीं कर सकती। यह दिखाता है कि वह अपने परिवार से कितनी जुड़ी हुई है।

स्मृति मंधाना का महिला क्रिकेट में योगदान

भारत में महिला क्रिकेट के बढ़ते प्रभाव में स्मृति का योगदान बहुत बड़ा है।

• उन्होंने देश में महिला क्रिकेट को ग्लैमरस और लोकप्रिय बनाया
• युवा लड़कियों के लिए वह प्रेरणा बन चुकी है।
• मैदान पर उनकी तकनीक और मैदान के बाहर उनका व्यवहार उन्हें एक परफेक्ट रोल मॉडल बनता है।

भारत का भविष्य मंधाना के कंधों पर

आने वाले वर्षों में भारतीय महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में स्मृति की भूमिका अहम रहेगी।
वह न सिर्फ एक स्टार खिलाड़ी हैं बल्कि टीम की आधारशिला बन चुकी हैं।

निष्कर्ष:

स्मृति मंधाना सिर्फ एक क्रिकेटर नहीं__

वह देश की उम्मीद, युवा खिलाड़ियों की प्रेरणा और दुनिया भर में भारतीय महिला क्रिकेट का चेहरा है

उनकी कहानी दिखती है की प्रतिभा, मेहनत और अनुशासन के साथ दुनिया का कोई भी शिकार हासिल किया जा सकता है।

 

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Android में आया AirDrop जैसा कमाल! अब Android और iPhone के बीच फाइल शेयरिंग होगी सुपर आसान

Android में आया AirDrop जैसा कमाल! अब Android और iPhone के बीच फाइल शेयरिंग होगी सुपर आसान

Android में आया AirDrop जैसा कमाल! अब Android और iPhone के बीच फाइल शेयरिंग होगी सुपर आसान

iPhone और Android: यूजेस का सबसे बड़ा दर्द हमेशा से रहा है **फाइल शेयरिंग की दिक्कत**।

अलग-अलग Ecosystem होने की वजह से एक फोन से दूसरे फोन में फोटो वीडियो या डॉक्यूमेंट भेजना हमेशा झंझट भरा रहा है।

लेकिन अब Google ने एक बड़ा और बेहद काम का कदम उठाया है। कंपनी ने **Quick Share** को **Apple AirDrop** के साथ इंटीग्रेट कर दिया है।

इसका मतलब है कि आप एंड्रॉयड और आईफोन के बीच फाइल ट्रांसफर पहले से ज्यादा आसान, तेज और बिना किसी परेशानी के होगा।

नीचे इस नए अपडेट का आसान और छोटा सा ओवरव्यू दिया गया है:

10 पॉइंट में बड़ा अपडेट आसान भाषा में समझें।

1. Android और iPhone अब सीधे फाइल शेयर कर पाएंगे।

Google का Quick share अब Apple के Airdrop से सीधे कनेक्ट होगा। यानी दोनों प्लेटफार्म के बीच फाइल भेजने की दिक्कत लगभग खत्म।

2. पुराने यूजर्स की एक बड़ी परेशानी हल।

सालों से लोग Android – iPhone के बीच फाइल शेयरिंग को लेकर परेशान थे यह अपडेट इस बड़ी शिकायत का समाधान लाता है।

3. फाइल ट्रांसफर अब सीधे फोन-टू-फोन।

यह कनेक्शन पूरी तरह peer-to-peer रहेगा—कोई सरवर बीच में नहीं होगा। इससे ट्रांसफर तेज भी होगा और सुरक्षित भी।

4. Pixel 10 को अपडेट मिल चुका है।

पहले चरण में या फीचर *Google Pixel 10 series* में रोल आउट हो चुका है धीरे-धीरे यह सभी Android डिवाइस में आएगा।

5. सुरक्षा का खास ध्यान 

फाइल भेजते समय यूजर्स को रिसीवर डिवाइस का नाम कंफर्म करना होगा ताकि गलत डिवाइस में फाइल न जाए।

6. AirDrop के 10 मिनट Everywhere मोड के साथ काम करेगा।

यानी अब 10 मिनट के लिए अपनी डिवाइस को सभी के लिए विजिबल कर सकते हैं और आसानी से फाइल रिसीव कर पाएंगे।

7. Contacts Only मोड भी आने वाला है।

Google और Contacts Only दोनों मिलकर भविष्य में इस फीचर को Contacts Only ऑप्शन के साथ और बेहतर बनाएंगे

8. सिक्योरिटी टेस्ट पास 

इस नए सिस्टम को सुरक्षा के लिहाज से खास तौर पर डिजाइन किया गया है और इसे कई इंडिपेंडेंस एक्सपर्ट्स ने टेस्ट भी किया है।

9. RCR और Tracker Alerts की तरह Interoperability पर फोकस।

Google लगातार Android और iOS के बीच बेहतर कनेक्टिविटी पर काम कर रहा है यह भी इस दिशा का बड़ा कदम है।

10. टेक दुनिया में नई शुरुआत 

यह फीचर उसे समय की शुरुआत है जब ब्रांड की सीमाएं खत्म होगी और फाइल शेयरिंग हर डिवाइस पर स्मूथ और एक जैसा अनुभव देगी।

Jio Gemini Pro Plan Free Offer: जियो 5G यूज़र्स के लिए Google Gemini 3 अब 18 महीने तक बिल्कुल मुफ्त

Jio Gemini Pro Plan Free Offer: जियो 5G यूज़र्स के लिए Google Gemini 3 अब 18 महीने तक बिल्कुल मुफ्त

“इस ऑफर को आप MyJio ऐप में दिख रहे Claim Now बैनर पर टैप करके तुरंत एक्टिवेट कर सकते हैं।”

Jio Gemini Pro Plan Free Offer: जियो 5G यूज़र्स के लिए
Representational image. Shutterstock

अगर आप जियो के अनलिमिटेड 5G यूजर है तो आपके लिए शानदार ऑफर आया है। 

जियो ने अपने AI सर्विस पैक Jio Gemini Pro Plan को बड़े अपग्रेड के साथ लांच किया है। 

अब कंपनी में Google के नए Gemini 3 AI मॉडल को इस प्लान में जोड़ दिया है और इसे 18 महीने के लिए बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध कराया है।

MyJio ऐप पर एक क्लिक में क्लिक करें।

इस ऑफर को एक्टिवेट करना भी बेहतर आसान है।
बस MyJio ऐप खोलें – होम स्क्रीन पर दिख रहे Claim Now बैनर पर टाइप करें – आपका जिओ Gemini Pro प्लान तुरंत एक्टिव हो जाएगा।

35,100 रुपए वाला प्लान अब सभी 5G यूजेस के लिए फ्री

कंपनी के मुताबिक पहले जो 351,00 कीमत वाला Gemini Pro Plan केवल चुनिंदा युवा ग्राहकों के लिए उपलब्ध था। अब वह सभी योग अनलिमिटेड 5G ग्राहकों को मुफ्त दे दिया गया है। यह ऑफर 18 महीना के लिए मान्य रहेगा।

Jio ने किया साल का सबसे बड़ा AI अपग्रेड

Jio ने X (Twitter) पर पोस्ट कर कहा:

"साल की सबसे बड़ी AI ड्रॉप! Google का नया Gemini 3 अब ऑनलॉक करें। जिओ अनलिमिटेड 5G प्लान के साथ प्रो प्लान 18 महीना के लिए बिल्कुल मुफ्त।"

इसके साथ ही जियो ने यह भी बताया कि कंपनी अपने जियो Gemini Pro Plan में बड़े सुधार कर रही है, और Google Gemini 3 इसका सबसे खास हिस्सा है।

Google Gemini 3 क्या है और क्यों खास है?

Jio Gemini Pro Plan Free Offer: जियो 5G यूज़र्स के लिए Google Gemini 3 अब 18 महीने तक बिल्कुल मुफ्त

हाल ही में लॉन्च हुआ Google Gemini 3 कंपनी का अब तक का सबसे स्मार्ट AI/मॉडल माना जा रहा है।

गूगल के अनुसार:

  • यह मॉडल बेहतरीन तर्क-शक्ति (reasoning) रखता है।
  • गहराई और बारीकियों को समझने में बेहद सक्षम है।
  • रचनात्मक आइडियाज़ में छिपे संकेतों को पहचानने की क्षमता रखता है।
  • कठिन समस्याओं की परतों को अलग कर समाधान तक पहुँच सकता है।

Google मैं यह भी पुष्टि की है gemini 3 शुरुआत से ही AI Mode in Search के साथ उपलब्ध होगा, जिससे सर्च अनुभव और भी स्मार्ट और डायनेमिक हो जाएगा।

डेवलपर के लिए भी उपलब्ध।

Google ने इस मॉडल को इन पर प्लेटफ़ॉर्म्स पर डेवलपर्स के लिए भी जारी किया है:

  • Gemini ऐप
  • AI Studio
  • Vertex AI

नया एजेंटिक डेवलपमेंट प्लेटफॉर्म — Google Antigravity

भारतीय टेलीकॉम में AI की दौड़।

जियो का यह कदम ऐसे समय में आया है जब भारतीय टेलीकॉम कंपनियाँ एआई का भरपूर उपयोग कर अपनी सेवाओं को और बेहतर बनाने, ग्राहक अनुभव मजबूत करने और बाजार में बढ़त हासिल करने की कोशिश कर रही हैं।

Humane Sagar Biography: ओडिश के स्टार सिंगार की कहानी

Humane Sagar Biography: ओडिश के स्टार सिंगर की कहानी

Humane Sagar Biography: ओडिश के स्टार सिंगार की कहानी
Image Source : INSTAGRAM/ @HUMANESAGAR_OFFICIAL Humane Sagar

उड़ीसा का नाम लेते हैं सबसे पहले समुद्र की लहरें, मंदिरों की घंटियां और संस्कृति की खुशबू याद आती है।
लेकिन पिछले एक दशक में अगर उड़ीसा ने किसी को सबसे ज्यादा अपने दिल में बसाया है तो वह है – ह्यूमेन सागर, जिनकी आवाज आज हर घर, हर मोबाइल हर शादी और हर दिल की धड़कन में घूमती है।
सागर की गायकी में एक अलग ही जादू है – कभी-कभी दर्द भरी सिसकियां जैसा, कभी मासूम मोहब्बत जैसा, और कभी जो स उत्साह से भरा हुआ।

आज ह्यूमन सागर सिर्फ एक गायक नहीं बल्कि युवा पीढ़ी का आईकॉन संगीत प्रेमियों की धड़कन और उड़ीया इंडस्ट्री की सबसे बड़ी पहचान बन चुके हैं।

शुरुआती जीवन - एक साधारण परिवार से बड़े सपने तक

Humane Sagar Biography: शुरुआती जीवन – एक साधारण परिवार में ह्यूमेन सागर का जन्म 1990 में उड़ीसा के गंजाम जिले में हुआ। पिता खुद एक लोक – गायक थे और मैन चर्च में भजन गाया करती थी।

यही वह माहौल था जिसने बचपन से ही सागर को संगीत से जोड़ दिया। कम उम्र में ही उन्होंने हारमोनियम और तबले जैसे वाद्य यंत्र सीख लिए।

आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी कि हर मुश्किल उनके लिए नया सबक बन जाती

सागर ने कई बार खुद बताया है कि –

"संगीत मेरे लिए शौक नहीं, मेरे परिवार की विरासत है, इसे ही आगे बढ़ना था।"

Voice of Odisha से मिली पहली बड़ी पहचान

Humane Sagar Biography: ह्यूमेन सागर का असली सफर शुरू हुआ 2012 में “Voice of Oudisa”जीतने के बाद।
इस प्रतियोगिता ने उनकी किस्मत बदल दी।
उन्हें पहली बार उड़ीसा इंडस्ट्री में पहचान मिली, और जनता ने उनकी आवाज में वह दर्द और खनक सुनी जो बहुत कम गायकों में होती है,
इस शो के बाद सागर सीधे एक फील्ड में आ गए, जहां उन्हें लगातार गाने, लाइव शो और फिल्मों में काम मिलने लगा।

करियर की उड़ान - एक के बाद एक सुपरहिट गाने

Humane Sagar Biography: ओडिश के स्टार सिंगार की कहानी

Humane Sagar Biography: करियर की उड़ान – आज ह्यूमेन सागर के खाते में हजारों गाने हैं- Romantic, sad, devotional, periodic, item number, हर तरह के।
उनकी आवाज में एक खास बात है।

जितनी आसानी से वह दर्द को गा लेते हैं, उतने ही खूबसूरती से खुशी के रंग भी भर देते हैं।

कई गाने हैं जैसे:

  • “Tu Mo Love Stor”
  • “Emiti Bi Heipare”
  • “Mun Bi Namita Agarwal” Hebi
  • “Mo Diya Mo Duniya”
  • “Mo Samar”
  • ने तो रिकॉर्ड तोड़ व्यूज हासिल किए।

आज यूट्यूब पर ह्यूमेन सागर का नाम आते हैं लोग समझ जाते हैं कि गाना दिल को छूने वाला होगा।

केआवाज की खासियत - दर्द मिठास और सच्चाई का अनोखा मिश्रण

Humane Sagar: आवाज की खासियत -ह्यूमेन सागर की आवाज में तीन मुख्य चीज सबसे ज्यादा झलकती है:

1. दर्द का एहसास

Humane Sagar आवाज किसी भी दर्द भरी कहानी को जिवंत कर देती है। उनकी Sad Song इतने पॉपुलर हैं कि कॉलेज के स्टूडेंट से लेकर रिश्तो का दर्द झेल रहा हर शख्स उनका गाना सुनकर खुद को जोड़ लेता है। उनकी आवाज़ किसी भी दर्दभरी कहानी को जीवंत कर देती है।

2. रोमांटिक टच

रोमांटिक गानों में सागर की आवाज में एक मासूमियत होती है। जैसे किसी ने पहले मोहब्बत को गुनगुनाते हुए दिल से महसूस किया हो।

3. लोक - संगीत की छाया

ओड़िया संस्कृति की मिट्टी का रंग उनकी आवाज में साफ सुनाई देता है। इससे उनके गानों में उड़ीसा की अपनी खुशबू रहती है। 

व्यक्तिगत जीवन - परिवार और रिश्ते

ह्यूमेन सागर की शादी लोकप्रिय सिंगर झारणा पटनायक से हुई और दोनों की एक बेटी भी है। झारणा भी एक बेहतरीन सिंगर है और कई म्यूजिक वीडियो में दोनों साथ नजर आते हैं। सागर अपने परिवार से बेहद जुड़ाव रखते हैं।

वह मानते हैं-

"मेरा सफलता में जितना योगदान जनता का है, उतना ही मेरी पत्नी का भी है"

विवाद और मुश्किलें - लेकिन इसे और मजबूत होकर उभरे

हर सफल व्यक्ति की तरह सागर के सफर में भी विवाद सामने आए। विवाद और मुश्किलें – लेकिन इनसे और मजबूत होकर उभरे।

व्यक्तिगत जीवन की मुश्किलें
सोशल मीडिया ट्रॉलिंग
मानसिक तनाव

कई बार ऐसा लगा कि परिस्थितियाँ उनके खिलाफ खड़ी है। लेकिन उन्होंने इन सबको पीछे छोड़कर फिर से खुद को संगीत में झोंक दिया। उनकी वापसी उतनी ही दमदार थी जितनी उनकी आवाज। आज वे मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी खुलकर बात करते हैं और अपने प्रशंसकों को हमेशा सकारात्मक रहने की सलाह देते हैं

युवा पीढ़ी पर ह्यूमेन सागर का प्रभाव

उड़ीसा में शायद ही कोई युवा ऐसा हो जिसने ह्यूमेन सागर के गाने ना सुनें हो। कई उभरते सिंगर्स बताते हैं कि उन्होंने गाना गाना सागर को सुनकर सीखा।

उनके प्रभाव की खास बातें।
  • उनकी आवाज़ Relatable है।
  • साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले युवाओं को प्रेरणा देती है।
  • गानों में भावनाएं बहुत गहरी होती है।
  • संगीत की Simplicity उन्हें Unique बनाती है।

उड़ीसा में शायद ही कोई युवा ऐसा हो जिसने ह्यूमेन सागर के गाने ना सुनें हो। कई उभरते सिंगर्स बताते हैं कि उन्होंने गाना गाना सागर को सुनकर सीखा।

YouTube पर बादशाहत - Digital Platform ke Superstar

ह्यूमेन सागर उड़ीसा के कुछ ऐसे गायको में से हैं जिन्होंने डिजिटल शब्द को सबसे अच्छा समझा। उनके कई गानों के 100 मिलियन+ views है।

YouTube पर उनका उनका Dominating Presence दिखता है कि उनका Magic सिर्फ स्टूडियो

संगीत इंडस्ट्री में योगदान

ह्यूमेन सागर ने सिर्फ गाने ही नहीं दिए, बल्कि उड़ीसा इंडस्ट्री को कई नई चीज भी दी।

  • Regional Music को
  • Mainstream में लाना।
  • इंडी म्यूजिक को लोकप्रिय बनाना।
  • युवा गायको को मौका देना।
  • Modern और Folk का मिश्रण बनाना
  •  

उनका काम आने वाली पीढियां के लिए Inspiration है।

पुरस्कार और उपलब्धियां

ह्यूमेन सागर ने अपने करियर में कई बड़े अवॉर्ड जीते।

  • Best playback singer (multiple award)
  • YouTube creator award
  • लोकप्रियता के कई सामान
    कई फिल्मों के हिट एल्बम
  •  

लेकिन दिलचस्प बात यह है कि वह पुरस्कारों से ज्यादा लोगों का प्यार पाने को अपनी असली कमाई मानते हैं।

10 वीं बार CM बनने की तैयारी में नीतीश कुमार : जानिए देश के सबसे लम्बे समय तक मुख्यमंत्री रहे नेता कौन-कौन हैं ?

10 वीं बार CM बनने की तैयारी में नीतीश कुमार : जानिए देश के सबसे लम्बे समय तक मुख्यमंत्री रहे नेता कौन-कौन हैं ?

10 वीं बार CM बनने की तैयारी में नीतीश कुमार : जानिए देश के सबसे लम्बे समय तक मुख्यमंत्री रहे नेता कौन-कौन हैं ।
बिहार के नीतीश कुमार, पश्चिम बंगाल के ज्योति बसु, ओडिशा के नवीन पटनायक

10 वीं बार CM बनने की तैयारी में नीतीश कुमार : विधानसभा चुनाव में एनडीए को बड़ी जीत मिलने के बाद राज्य के सबसे अनुभवी नेता और (JDU) चीफ नीतीश कुमार एक बार फिर मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। नीतीश कुमार अब तक 9 बार बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। साल 2000 में उनका एक कार्यकाल सिर्फ 7 दिन चला था, क्योंकि बहुमत नहीं जुट पाया था। अब सवाल उठता है- देश में कौन-कौन नेता सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे हैं?

आइए नजर डालते हैं, भारत के 10 सबसे लंबे समय तक पद संभालने वाले मुख्यमंत्री : –

1) पवन कुमार चामलिंग – 24 साल (सिक्कम)

(12 दिसंबर 1994 – 26 मई 2019)
आईए नजर डालते हैं, लगातार पांच बार चुनाव जीतकर चामलिंग ने लगभग 25 साल तक सिक्किम की कमान संभाली। वह भारत के लंबे समय तक सेवा देने वाले मुख्यमंत्री बने।

2) नवीन पटनायक – 24 साल (ओडिशा)

(5 मार्च 2000 – 12 जून 2024)
आइए नजर डालते हैं, नवीन पटनायक ने दो दशक से ज्यादा समय तक ओडिशा के नेतृत्व किया। 2024 में बीजेपी को जीत मिलने के बाद उनका लंबा कार्यकाल समाप्त हुआ।

3) ज्योति बसु – 23 साल (पश्चिम बंगाल)

(21 जून 1977 – 5 नवंबर 2000)
आइए नजर डालते हैं, ज्योति बसु भारतीय राजनीति के सबसे सम्मानित नेताओं में गिने जाते हैं। दो दशक से अधिक समय तक उन्होंने बंगाल का नेतृत्व किया। उन्हें प्रधानमंत्री बनने का मौका भी मिला था, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया।

4) Gegong Apang – 22 साल (अरुणाचल प्रदेश)

(18 जनवरी 1980 – 19 जनवरी 1999, 3 अगस्त 2003 – 9 अप्रैल 2007)
लगभग 23 साल तक सत्ता में रहे अपांग दो अलग-अलग कार्यकाल में अरुणाचल प्रदेश के सबसे प्रभावशाली नेता बने।

5) लाल थनहवाला – 22 साल (मिजोरम)

(1984 – 1986, 1989 – 1998, 2008 – 2018)

तीन अलग-अलग कार्यकाल में CM रहे थनहवला ने मिजोरम में सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा सुधारो पर खास ध्यान दिया।

6) वीरभद्र सिंह – 21 साल (हिमाचल प्रदेश)

(1983 – 1990, 1993 – 1998, 2003 – 2007, 2012 – 2017)
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरभद्र सिंह ने चार बार सत्ता संभाली और हिमाचल के इतिहास में सबसे लंबे समय तक CM रहे।

7) माणिक सरकार – 19 साल (त्रिपुरा)

(11 मार्च 1998 – 9 मार्च 2018)
सीपीएम नेता माणिक सरकार लगातार चार कार्यकाल तक त्रिपुरा के मुख्यमंत्री रहे और अपनी सादगी के लिए देशभर में जाने जाते हैं।

8) नीतीश कुमार – 19 साल (बिहार)

(3–11 मार्च 2000; 24 नवंबर 2005 – 20 मई 2014; 2 फरवरी 2015 – वर्तमान)
नीतीश कुमार बिहार के सबसे लंबे कार्यकाल वाले मुख्यमंत्री हैं और वह अपने 10वे कार्यकाल की ओर बढ़ रहे हैं, नीतीश कुमार को बिहार में कानून व्यवस्था सुधारने और भ्रष्टाचार पर काबू पाने की कोशिशों के कारण लोग सुशासन बाबू कहने लगे, नितेश कुमार ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी और शुरुआती समय में उन्होंने बिहार स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड में भी नौकरी की।

9) एम. करुणानिधि – 18 साल (तमिलनाडु)

(1969–1976, 1989–1991, 1996–2001, 2006–2011)
डीएमके के दिग्गज नेता करुणानिधि कई बार तमिलनाडु के CM रहे हैं। और राज्य की राजनीति के पर उनकी गहरी छाप है।

10) प्रकाश सिंह बादल – 18 साल (पंजाब)

(1970–1971, 1977–1980, 1997–2002, 2007–2017)
प्रकाश की बादल पंजाब के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक रहे हैं और देश के सबसे कम उम्र में प्रधानमंत्री बनने का रिकॉर्ड भी उन्हीं के नाम है। प्रकाश सिंह बादल सिर्फ 43 साल की उम्र में पहली बार मुख्यमंत्री बने थे इस वजह से वह भारत के सबसे कम उम्र में CM बनने वाले नेताओं में गिने जाते हैं, वह बड़े किसान परिवार से आते थे किसान और किसानों से जुड़ी समस्याओं को उठाने के लिए पूरे देश में जाने जाते थे।