शशि थरूर ने असम के मंत्री की विवादित ‘गोभी खेती’ पोस्ट की कड़ी आलोचना की
“गोभी खेती विवाद: थरूर का सख्त विरोध, लेकिन मानवता और एकता पर सकारात्मक संदेश भी” 2026
असम के मंत्री अशोक सिंगल की एक सोशल मीडिया पोस्ट पर विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने फूलगोभी के खेती की एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा,
*बिहार ने गोभी की खेती को मंजूरी दी।*
ऑनलाइन कई लोगों ने इस पोस्ट पर नाराज़गी व्यक्त की,
क्योंकि उनका कहना था कि यह तस्वीर (1989 के बिहार के भागलपुर दंगों) की याद दिलाती है, जहां कई मुसलमानों की हत्या के बाद कथित तौर पर शवो को खेतों में दफ़न कर फूलगोभी के पौधे लगाए गए थे।
इस पोस्ट पर नेताओं और लोगों ने सवाल खड़े किए कि यह किसी (पुरानी त्रासदी का मजाक उड़ाना उसका महिमामंडन है।)
“थरूर ने कहा – धर्म और राष्ट्रवाद किसी नरसंहार को सही नहीं ठहराते”
कांग्रेस सांसद ** शशि थरूर ** ने रविवार को पोस्ट की तीखी निंदा की।
उन्होंने कहा कि ( न हिंदू धर्म और न ही राष्ट्रवाद ) कभी किसी कि वह “समावेशी भारत” के समर्थक हैं और ऐसी मानसिकता को गलत बताते हैं। जब एक उपयोगकर्ता ने आरोप लगाया कि थरूर ने सीधी निंदा नहीं की तो उन्होंने जवाब दिया, “मैंने साफ-साफ इसकी निंदा की है”
** हनी नेताओं ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी**
कांग्रेस नेता (गौरव गोगोई) ने कहा कि एक मंत्री द्वारा ऐसी भाषा का इस्तेमाल राजनीति में
*नई और खतरनाक गिरावट दिखता है*
उन्होंने याद दिलाया कि यह तस्वीर (1989 के लोग नरसंहार) से जुड़ी है जिसमें 116 मुसलमान की हत्या हुई थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ऐसी सोच को मुख्यमंत्री “हिमंत बिस्वा सरमा” बढ़ावा दे रहे हैं और कहा कि असम की धरती नफरत के लिए नहीं है।
टीएमसी सांसद (साकेत गोखले) नेवी पोस्ट की आलोचना करते हुए कहा कि “गोभी खेती” शब्दावली “भागलपुर की सामूहिक हत्या का महिमा मंडल” करती है।
गोखले ने यह भी कहा कि पोस्ट एक बाहरी व्यक्ति की नहीं बल्कि एक “केंद्रीय भाजपा मंत्री से जुड़े असम सरकार के मंत्री” की है!
टीएमसी नेता ने x पर कहा, “स्पष्ट रूप से, @PMOIndia इसे मंजूरी देता है। दुनिया को पता चलना चाहिए।”
