ऑपरेशन सागर बंधु: श्रीलंका संकट में, भारत फिर बना सबसे बड़ा सहारा –12 टन राहत सामग्री भेजी गई

ऑपरेशन सागर बंधु: श्रीलंका संकट में, भारत फिर बना सबसे बड़ा सहारा --12 टन राहत सामग्री भेजी गई

ऑपरेशन सागर बंधु: श्रीलंका संकट में, भारत फिर बना सबसे बड़ा सहारा --12 टन राहत सामग्री भेजी गई

INS विक्रांत और INS उदयगिरि ने भी राहत पहुंचाई

श्रीलंका इन दिनों दीतवाह तूफान की भारी तबाही से जूझ रहा है। तूफान ने देश में तबाही मचा दी है–अब तक 69 लोगों की मौत हो चुकी है और 34 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन की वजह से हालात बेहद खराब है। ऐसे मुश्किल समय में भारत ने एक बार फिर अपनी दोस्ती और मानवता का परिचय दिया है।

भारत ने ऑपरेशन सागर बंधु के तहत शनिवार को श्रीलंका के लिए 12 टन अतिरिक्त राहत सामग्री भेजी। भारतीय वायु सेवा काC-130J विमान यह सामग्री लेकर कोलंबो पहुंचा। इस सामग्री में टेंट, तिरपाल, कंबल, रेडी-टू-इट भोजन और हाइजीन किट शामिल है, ताकि प्रभावित लोगों को तुरंत मदद मिल सके।

भारतीय वायुसेना का विमान राहत लेकर कोलंबो पहुंचा

विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि भारत ने तूफान से प्रभावित लोगों की मदद के लिए रहा तुरंत राहत भेजी है। उन्होंने लिखा:

ऑपरेशन सागर बंधु शुरू हो गया है। इंडियन एयर फोर्स का C-130J प्लेन लगभग 12 तन मानवीय मदद लेकर कोलंबो पहुंचा है। इसमें टेंट, तिरपाल, कंबल, हाइजीन किट और खाने के लिए तैयार पैकेट शामिल है।

भारत ने इससे एक दिन पहले, यानी शुक्रवार को भी श्रीलंका के लिए राहत भेजी थी। लगातार दो दिनों से यह मदद पहुंच रही है, जिससे यह साफ है कि भारत स्थिति को बेहद गंभीरता से ले रहा है।

INS विक्रांत और INS उदयगिरि ने भी राहत पहुंचाई

वायुसेना के अलावा भारतीय नौसेना ने भी इस राहत अभियान में सक्रिय रूप से शामिल है। दीतवाह तूफान के तुरंत बाद भारत ने अपने दो बड़े और आधुनिक युद्ध पोत INS विक्रांत और INS उदयगिरि— से भी राहत सामग्री और राशन श्रीलंका भेजा है।

कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने बताया:

  • 4.5 टन सुख राशन
  • 2 तन ताजा राशन
  • और अन्य जरूरी राहत सामान

इन युद्धपोतों से श्रीलंका को पहुंचाए गए। यह मदद न सिर्फ सामग्री है, बल्कि भारत की नजदीकी और मानवीय भावनाओं का भी प्रतीक है। INS विक्रांत भारत का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत है, और इस राहत कार्य में इस्तेमाल दिखाता है कि भारत पड़ोसी देशों की मदद के लिए किसी भी स्तर पर जाने को तैयार है।

उच्चायुक्त ने कहा कि भारत की यह मदद दिखती है कि “भारत श्रीलंका के मुश्किल समय में मजबूती के साथ खड़ा है और अपनी नेबरहुड फर्स्ट नीति को निभा रहा है।”

PM मोदी ने व्यक्त की संवेदना

ऑपरेशन सागर बंधु: श्रीलंका संकट में, भारत फिर बना सबसे बड़ा सहारा --12 टन राहत सामग्री भेजी गई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीतवाह तूफान में जान गवाने वालों के लिए गहरी संवेदना प्रकट की। उन्होंने X पर लिखा:

"श्रीलंका ने उन लोगों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है जिन्होंने दीतवाह तूफान की वजह से अपने प्रियजनों को खो दिया है। मैं सभी प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, पुनर्वास और घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।"

उन्होंने साफ कहा कि भारत अपने सबसे करीबी समुद्री पड़ोसी देश के साथ हर परिस्थितियों में खड़ा रहेगा।

भारत की नीति: संकट में हमेशा पड़ोसी के साथ

भारत लंबे समय से अपनी नेबरहुड फर्स्ट नीति और विजन SAGAR ( Security and Growth for All in the Region) के तहत पड़ोसी देशों की मदद करता रहा है। दीतवाह तूफान के बाद श्रीलंका की तुरंत सहायता करना इसी नीति का हिस्सा है।

PM मोदी ने कहा:

जैसे-जैसे हालात बदलेंगे, भारत और मदद देने के लिए तैयार है। जरूरत के समय भारत श्रीलंका के साथ मजबूती से खड़ा है।

ऑपरेशन सागर बंधु इस बात का संकेत है कि भारत सिर्फ बातें नहीं करता–वह वास्तविक कार्यवाही करता है। चाहे भूकंप हो, बढ़ हो, सुखा हो या तूफान–भारत हर संकट में अपने पड़ोसीयो के साथ खड़ा रहता है।

ऑपरेशन सागर बंधु क्यों बना खास?

  1. भारत का मानवीय चेहरा सामने आया

          भारत ने बिना देर किए बड़ी मात्रा में भोजन टेंट और ज़रूरी  सामग्री भेज कर दर्शाया कि मानवता उसकी सर्वोच्च

          प्राथमिकता है

 

  1. तेजी से प्रतिक्रिया

          तूफान के तुरंत बाद INS विक्रांत और उदयगिरि जैसे महत्वपूर्ण जहाजों को राहत कार्य में लगाना भारत की क्षमता            और गंभीरता को दिखाता है।

 

  1. भारत-श्रीलंका रिश्ते हुए और मजबूत

          वर्षों से दोनों देशों के बीच गहरी दोस्ती रही है। इस संकट में भारत की मदद ने इन रिश्तों को और मजबूत बनाया

          है।

 

  1. हिंद महासागर में भारत की नेतृत्व क्षमता

          यह ऑपरेशन बताता है कि भारत में सिर्फ अपना ख्याल रखता है, बल्कि पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और मदद के लिए

          कदम उठाता है।

 निष्कर्ष:

दीतवाह तूफान ने श्रीलंका में भारी तबाही मचाई है, लेकिन इस संकट में भारत को आगे आना यह दिखाता है कि सच्चे साथी वही होते हैं जो मुश्किल समय में साथ खड़े रहे।

ऑपरेशन सागर बंधु सिर्फ राहत पहुंचाने का मिशन नहीं–यह भारत की दोस्ती, संवेदना और नेतृत्व का बड़ा उदाहरण है।

 भारत ने साफ दिखा दिया है कि संकट की किसी भी घड़ी में, श्रीलंका अकेला नहीं है।

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OM PRAKASH SINGH

तारागिरी: भारतीय नौसेना को मिली Project 17A की चौथी स्टेल्थ फ्रीगेट

तारागिरी: भारतीय नौसेना को मिली Project 17A की चौथी स्टेल्थ फ्रीगेट

तारागिरी: भारतीय नौसेना को मिली Project 17A की चौथी स्टेल्थ फ्रीगेट

तारागिरी: भारतीय नौसेना को मिली Project 17A की चौथी स्टेल्थ फ्रीगेट

भारत की नौसैनिक ताकत को बड़ा बूस्ट देते हुए भारतीय नौसेना को एक और आधुनिक और अत्याधुनिक युद्धपोत मिल गया है। 

मुंबई स्थित माझगांव डॉग शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) ने तारागिरी, नीलगिरी-क्लास (Project 17A) की चौथी स्टेल्थ फ्रीगेट भारतीय नौसेना को सौंप दी है। यह उपलब्धि भारत के नौसैनिक जहाज निर्माण के स्वदेशीकरण की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

INS Taragiri की विरासत को आगे बढ़ाती नई तारागिरी

नई तारागिरी जिसे यार्ड नंबर 12653 नाम दिया गया है, असल में पुराने INS Taragiri का आधुनिक अवतार है। 

पुरानी तारागिरी 1980 से 2013 तक पूरे 33 साल भारतीय नौसेना की सेवा में रही और कई मिशनों में अपनी क्षमता साबित की।
नई तारागिरी में वही मजबूती और विश्वनीयता तो है ही, इसके साथ इसमें अत्याधुनिक तकनीक, उन्नत स्टेल्थ फीचर्स, बेहतर ऑटोमेशन और अधिक सर्वाइवेबिलिटी जोड़ी गई है, जिससे यह आधुनिक युद्ध की जरूरत को पूरा करती है।

यह जहाज भारतीय नौसेना की Aatmanirbhar Bharat पहल के तहत भारत में ही डिजाइन और विकसित किया गया है। इसका डिजाइन नौसेना के Warships Design Bereau ने तैयार किया, जबकि उसके निर्माण की निगरानी मुंबई की Warship Overseeing Team ने की।

कम समय में निर्माण - बढ़ती दक्षता का परिणाम

Project 17A के तहत बनने वाली फ्रीगेट्स का निर्माण आधुनिक तकनीक Integrated Construction Methodology से किया जाता है। नौसेना के अनुसार, पहले दो जहाजों के निर्माण से मिली सीख का फायदा यह हुआ कि तरागिरी को बनाने में केवल 81 महीने लगे।
पहले नीलगिरी-क्लास फ्रिगेट Nilgiri के निर्माण में 93 महीने लगे थे। यह दिखाता है कि भारत जटिल युद्धपोतों के निर्माण में कितनी तेजी से सक्षम हो रहा है।

शक्तिशाली हथियारों और सेंसरों से लैस

तारागिरी को एक मल्टी-रोल युद्धपोत के तौर पर तैयार किया गया है। इसमें वह सभी आधुनिक हथियार और सेंसर लगाए गए हैं जो एक स्टेल्थ फ्रीगेट को बेहद घातक और प्रभावशाली बनाते हैं।

मुख्य हथियार प्रणाली:

• BrahMos मिसाइल सिस्टम – लंबी दूरी से सटीक वार करने वाली मिसल

• MF -STAR रडार – मल्टी फंक्शन रडार जो आसमान और समुद्र दोनों में खतरों को पकड़ सकता है।

• MRSAM एयर डिफेंस सिस्टम – हवाई हमले से बचाव के लिए

• 76mm Super Rapid Gun Mount – तेज और सटीक फायरिंग वाला मुख्य गन

• Close-in Weapon System (CIWS) – मिसाइलों और नजदीकी खतरों को रोकने के लिए

इसके अलावा इसमें एंटी सबमरीन रॉकेट, सोनार और टॉरपीडो सिस्टम भी लगाए गए हैं, जो पानी के अंदर चलने वाली दुश्मन पनडुब्बियों का पता लगाकर उन पर हमला कर सकते हैं। 

इस तरह तरह तारागिरी हवा समुंद्र और पानी के भीतर तीनों तरह के खतरों से निपटने में सक्षम है।

शक्तिशाली इंजन और बेहतर नियंत्रण

जहाज की रफ्तार और शक्ति को बढ़ाने के लिए इसमें CODOG (Combined Diesel Or Gas) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। यानी इसमें डीजल इंजन के साथ गैस टरबाइन भी लगी है।

 दोनों मिलकर जहाज को तेज, शांत और ऊर्जा-सक्षम बनाते हैं। जहाज के संचालन को आसान बनाने के लिए इसमें Integrated Platform Management System लगाया गया है, जिससे सभी तकनीकी सिस्टम एक ही जगह से ऑटोमेटिक तरीके से नियंत्रित किए जा सकते हैं।

एक साल में चौथी P17A फ्रिगेट - तेजी से आगे बढ़ रहा भारतीय नौसेना कार्यक्रम

तारागिरी: भारतीय नौसेना को मिली Project 17A की चौथी स्टेल्थ फ्रीगेट

भारतीय नौसेना की खास बात यह है की तरागिरी पिछले 11 महीना में सौंपे गए Project 17A के चौथे जहाज है।

बाकी तीन जहाज़ अभी निर्माणाधीन हैं –

• एक (MDL) मुंबई में।

• और दो Garden Reach Shipbuilders & Engineers (GRSE) कोलकाता में।

सभी जहाजों की डिलीवरी अगस्त 2026 तक होने की उम्मीद है।

इसका मतलब है कि आने वाले दो वर्षों में भारतीय नौसेना की ताकत और बढ़ेगी, और भारत हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी रणनीतिक स्थिति को और मजबूत करेगा।

75% स्वदेशीकरण - भारत में हजारों लोगों को मिला रोजगार

Project 17A की एक और खास उपलब्धि इसका 75% घरेलू कंटेंट है। यानी इस जहाज में इस्तेमाल होने वाला अधिकांश उपकरण, सामग्री, तकनीक और सिस्टम भारत में ही विकसित या निर्मित किए गए हैं।

इस परियोजना ने—

• 200 से अधिक MSMEs को जोड़ा

• करीब 4000 लोगों को सीधा रोजगार मिला

• और 10000 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से काम मिला।

यह बताता है कि ऐसे बड़े रक्षा प्रोजेक्ट सिर्फ सैन्य ताकत नहीं बढ़ते, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और उद्योग जगत को भी मजबूत करते हैं।

तारागिरी —भारत की भविष्य की नौसेना की झलक

नई तारागिरी सिर्फ एक जहाज नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमता, कौशल और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।

जहां पहले उन्नत युद्धपोतों के लिए भारत को स्वदेशी तकनीक पर निर्भर रहना पड़ता था। वहीं अब भारत खुद ऐसी आधुनिक फ्रीगेट बना रहा है जो दुनिया के बेहतरीन जहाज के मुकाबले खड़ी हो सकती है।

Project 17A के जहाज न सिर्फ स्टेल्थ टेक्नोलॉजी और मल्टी रोल ऑपरेशन में सक्षम है, बल्कि वे आधुनिक युद्ध की सबसे कठिन स्थितियों में भी लंबे समय तक टिकाऊ बनाए रखने के लिए डिजाइन किए गए हैं।

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SUBODH KUMAR

बिहार रोजगार योजना 2025: नीतीश कुमार का 1 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का बड़ा ऐलान

बिहार रोजगार योजना 2025: नीतीश कुमार का 1 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का बड़ा ऐलान

बिहार रोजगार योजना 2025: नीतीश कुमार का 1 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का बड़ा ऐलान

बिहार रोजगार योजना 2025: नीतीश कुमार का 1 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का बड़ा ऐलान
Nitish Kumar (Photo Credit: X)

बिहार रोजगार योजना 2025: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज के युवाओं के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण घोषणा की है। 

उन्होंने साफ कहा है कि आने वाले 5 वर्षों यानी 2025 से 2030 के बीच बिहार में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य तय किया गया है। 

यह घोषणा न सिर्फ युवाओं को उम्मीद देती है, बल्कि राज्य सरकार की आने वाली योजनाओं के लिए भी एक मजबूत दिशा तय करती है।

नीतीश कुमार ने कहा कि शुरू से ही उनका ध्यान सरकारी नौकरियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने पर रहा है। 

साथ निश्चय-2 कार्यक्रम के तहत 2020 से 2025 के बीच 50 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार दिया जा चुका है। सरकार अब अगले चरण में इससे भी बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है।

रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया तेज — 31 दिसंबर 2025 तक सभी विभागों को आदेश

बिहार रोजगार योजना 2025: मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा की नई सरकार के गठन के बाद से ही हर विभाग में खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है। उन्होंने सभी प्रशासनिक विभागों, प्रमंडलीय आयुक्तों, पुलिस मुख्यालय और जिलाधिकारीयों को निर्देश दिया है कि_

•अपने-अपने विभागों में मौजूद सभी रिक्त पदों की पूरी सूची
• 31 दिसंबर 2025 तक समान प्रशासन विभाग को भेजें दे।

इसके बाद सामान प्रशासन विभाग इन व्यक्तियों की जांच करके उन्हें तुरंत संबंधित नियुक्ति आयोग को भेज देगा ताकि बहाली प्रक्रिया में किसी तरह की देरी न हो।

सरकार का कहना है की नियुक्ति प्रक्रिया में देरी युवाओं के समय और भविष्य दोनों को प्रभावित करती है इसलिए इस बार सिस्टम को और तेज तथा पारदर्शी बनाया जा रहा है।

जनवरी 2026 में पूरे साल का भर्ती कैलेंडर जारी होगा

नीतीश कुमार ने बताया कि सभी नियुक्ति आयोगों और चयन एजेंसियों को या निर्देश दिया गया है कि वह जनवरी 2026 में पूरे साल का एक भारती कैलेंडर जारी करें।
इस कैलेंडर में निम्न बातें स्पष्ट रूप से लिखी होंगी_

• विज्ञापन जारी होने की तिथि
• परीक्षा आयोजित होने की संभावित तारीख
• अंतिम परिणाम जारी होने की तय तिथि

यानी अब उम्मीदवारों को भर्ती प्रक्रिया के हर चरण की स्पष्ट जानकारी पहले से मिल जाएगी। इससे युवाओं को तैयारी में सुविधा होगी और भारती को लेकर होने वाली अनिश्चितता कम होगी

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि किसी भी भर्ती प्रक्रिया में:

➡ विज्ञापन से लेकर अंतिम परिणाम आने तक अधिकतम एक वर्ष का समय ही लगेगा।
इससे अधिक समय किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

यह व्यवस्था युवाओं के लिए बेहद फायदेमंद होगी, क्योंकि बिहार में कई बार बहाली प्रक्रियाएं वर्षों तक लंबी खींच जाती है

परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता — कड़े निर्देश जारी

बिहार रोजगार योजना 2025: सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि सभी परीक्षाएं__

• पूरी तरह पारदर्शी,
• निष्पक्ष
• और तकनीक आधारित तरीके से कराई जाएंगी।

उन्होंने नियुक्ति आयोगों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी अनुचित साधन या गलत तरीके को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि परीक्षा में किसी तरह की अनियमितता पाई जाती है तो–

• दोषियों को चिन्हित किया जाएगा
• और उन्हें फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए सख्त सजा दी जाएगी

सरकार का कहना है की पारदर्शी परीक्षा प्रणाली ही युवाओं में भरोसा कायम करती है और उसके बिना रोजगार प्रक्रिया विश्वसनीय नहीं हो सकती।

कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) के लिए परीक्षा केंद्र बढ़ेंगे

आज ज्यादातर सरकारी परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित होती जा रही है। (बिहार रोजगार योजना 2025) इसी को देखते हुए बिहार सरकार ने फैसला लिया है कि पूरे राज्य में:

➡ CBT परीक्षा केंद्र की संख्या बढ़ाई जाएगी। इससे दो बड़े फायदे होंगे:

• परीक्षाएं समय पर आयोजित की जा सकेगी
• कम समय में अधिक अभ्यर्थियों की परीक्षा कराई जा सकेगी

कई बार बिहार में CBT केंद्रों की कमी के कारण एग्जाम डेट आगे बढ़ जाती थी। सरकार का कहना है कि आने वाले महीना में अधिक परीक्षा केंद्र तैयार होंगे ताकि भर्ती कैलेंडर में किसी तरह की रुकावट न आए।

युवाओं का भविष्य सुरक्षित बनाना सरकार की प्राथमिकता

बिहार रोजगार योजना 2025: नीतीश कुमार का 1 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का बड़ा ऐलान

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के बेहतर भविष्य और आत्मनिर्भरता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। 

उनकी सरकार लगातार ऐसे कदम उठा रही है जिनसे:-

• अधिक रोजगार पैदा हों
• सरकारी नौकरी पाने की प्रक्रिया स्पष्ट और भरोसेमंद बने
• युवाओं को ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट का अधिक मौका मिले
• रोजगार के नए सेक्टर खड़े हो

नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी प्राथमिकता है कि बिहार का हर युवा अपने क्षेत्र में कुशाल बने और रोजगार के अवसरों को आसानी से प्राप्त कर सके।

क्यों है यह घोषणा महत्वपूर्ण?

बिहार की बड़ी आबादी युवा है, और यहां रोजगार की कमी हमेशा एक बड़ी चुनौती रही है। 

नए लक्ष्य—1 करोड़ नौकरियां का मतलब है:

• हर साल औसतन 20 लाख रोजगार
• सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में नई संभावनाओं को बढ़ावा
• युवाओं के लिए रोजगार आधारित योजनाओं में तेजी
• राज्य में आर्थिक गतिविधियों में बड़ा उछाल+

यह लक्ष्य महत्वाकांक्षी जरूर है, लेकिन यदि इसे सही दिशा में लागू किया गया, तो बिहार की रोजगार स्थिति में बड़ा बदलाव आ सकता है।

अगले 5 साल में क्या बदल सकता है

अगर सरकार अपनी योजना पर सही तरीके से काम करती है तो:

1. सरकारी विभागों में सालों से खाली पेट भर जाएंगे

स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस, परिवहन, ग्रामीण विकास—हर विभाग में हजारों पद खाली हैं।

2. बिहार में निजी निवेश बढ़ेगा

नए उद्योग, स्टार्टअप और MSME सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा।

3. स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम मजबूत होंगे

तकनीकी और व्यावसायिक ट्रेनिंग को बढ़ाया जाएगा।

4. भर्ती प्रक्रिया समयबद्ध होगी

एक साल में प्रक्रिया पूरी करने से युवाओं में भरोसा भी बढ़ेगा।

5. पारदर्शी परीक्षाएं युवाओं का विश्वास लौटाएंगी

गलत तरीकों का इस्तेमाल करने वालों पर सख्त कार्रवाई से सिस्टम साफ होगा।

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सोनागाछी में SIR प्रक्रिया: 2002 की फैमिली हिस्ट्री से जूझती सेक्स वर्करें

सोनागाछी में SIR प्रक्रिया: 2002 की फैमिली हिस्ट्री से जूझती सेक्स वर्करें

सोनागाछी में SIR प्रक्रिया: 2002 की फैमिली हिस्ट्री से जूझती सेक्स वर्करें

सोनागाछी में SIR प्रक्रिया: 2002 की फैमिली हिस्ट्री से जूझती सेक्स वर्करें
image credit: (Photo: ITG)

कोलकाता का सोनागाछी में SIR प्रक्रिया:—एशिया का सबसे बड़ा रेड लाइट एरिया। यहां रहने वाली हजारों महिलाओं के सामने इन दिनों एक नई चुनौती खड़ी हो गई है:

2002 की पारिवारिक जानकारी यानी फैमिली हिस्ट्री कैसे साबित करें?

बंगाल चुनाव से पहले शुरू हुई SIR — Special Intensive Revision भीम ने इन महिलाओं के लिए पहचान बचाने का सवाल खड़ा कर दिया है। जिनके लिए अपना नाम वोटर लिस्ट में बनाए रखना ही सबसे बड़ी लड़ाई बन गया है।

पुराने बच्चों से धूल भरे कागज तक — पहचान की जद्दोजहद

सोनागाछी में इन दोनों अजीब सी बेचैनी है।
जो महिलाएं कभी अपनी अतीत को भूल कर आगे बढ़ना चाहती थी, आज वही पुरानी यादों और पुराने बक्सों में छिपे कागज तलाशने को मजबूर है।

हर महिला के हाथ में एक ही सवाल है:

2002 का कौन सा दस्तावेज दिखाएं?

मां-बाप का नाम कैसे साबित करें जब उनसे रिश्ता ही नहीं रहा?

10000 से ज्यादा सेक्स वर्करों से भरे इस इलाके में ज्यादातर महिलाओं के पास:

• ना पिता का पता

• न घर का कोई कागज

• न पुरानी वोटर लिस्ट से खुद को जोड़ने का कोई तरीका

 

कई महिलाओं की कहानी ऐसी है कि वे तस्करी के जरिए यहां लाई गई, किसी के पास कोई दस्तावेज नहीं।

बहुत सी लड़कियां घर से भागकर यहां पहुंची— उन्हें अपने परिवार का नाम पता है, लेकिन 2002 की वोटर लिस्ट से जानकारी निकालना उनके लिए नामुमकिन है।

परिवार से रिश्ता टूट चुका है। ऐसे में 23 साल पुराना रिकॉर्ड कहां से लाया जाए?

2002 की वोटर लिस्ट — क्यों है इतनी अहम?

SIR प्रक्रिया में नियम साफ है:


2002 की वोटर लिस्ट को बेसलाइन मानकर ही मौजूद वोटर लिस्ट अपडेट होगी।

यानी आज का कोई भी व्यक्ति तभी आसानी से नए वोटर लिस्ट में नाम जोड़ सकता है यदि:

 

• 2002 की लिस्ट में उसका

• या उसके माता-पिता का

• या किसी रिश्तेदार का नाम मौजूद हो।

 

लेकिन सोनागाछी की ज्यादातर महिलाओं के लिए पूरी प्रक्रिया लगभग असंभव है।

क्योंकि 2002 में उनके पास:

• पहचान पत्र नहीं थे
• वोटर आईडी नहीं थी
• कई महिलाएं उसे समय अपने परिवार से अलग हो चुकी थी

ऐसे में पुरानी लिस्ट में अपने परिवार को ढूंढना एक बंद गली जैसा लगता है

NGOs का कहना — इनसे 2002 के दस्तावेज मांगना ना इंसाफी है

सोनागाछी में SIR प्रक्रिया: 2002 की फैमिली हिस्ट्री से जूझती सेक्स वर्करें

सोनागाछी में सेक्स वर्करों के लिए काम करने वाली संस्था दरबार महिला समन्वय समिति की सचिव विशाखा लश्कर का कहना है:

• “2002 में इन महिलाओं को पहली बार वोटर ID मिले थे।”
• “कई महिलाएं तब तक अपने घर से रिश्ता तोड़ चुकी थी।”
• “आज उनके पास आधार, पेन, राशन कार्ड जैसे नए दस्तावेज है–इनका ही मान्य किया जाना चाहिए।”

उनका तर्क साफ है—
23 साल पुराने कागज दिखाना संभव ही नहीं, फिर पहचान कैसे बचेगी?

चुनाव आयोग ने लिया संज्ञान — सोनागाछी में लगेगा विशेष कैंप

सेक्स वर्करों की स्थिति को देखते हुए चुनाव आयोग ने बड़ा कदम उठाया है।
अब सोनागाछी में स्पेशल हियरिंग कैंप लगाए जाएंगे।

चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारी ने स्वीकार किया है कि:

• कई महिलाओं के पास 2002 की कोई जानकारी नहीं है

• कई कभी माता-पिता के साथ रही ही नहीं

• कई के परिवार ने उन्हें छोड़ दिया था

• कई के घर से आज भी संपर्क नहीं

 

ऐसे मामलों में महिलाएं फॉर्म तो भर रही है, लेकिन 2002 की लिस्ट से लिंक नहीं मिल रहा

इसी वजह से आयोग ने फैसला किया है कि:

• 9 दिसंबर को ड्राफ्ट लिस्ट आने के बाद
• सोनागाछी में विशेष सुनवाई होगी
• अधिकारी खुद कैंप में जाकर महिलाओं के केस सुनेंगे

NGO जैसे अमर पदातिक, उषा मल्टीपर्पस कोऑपरेटिव सोसाइटी आदि ने भी आयोग से ही यही मांग की थी।

क्या होगा आगे?

सोनागाछी में SIR प्रक्रिया: 2002 की फैमिली हिस्ट्री से जूझती सेक्स वर्करें
image credit: (freepik)

9 दिसंबर 2025: ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी

• जिनका नाम नहीं होगा, वह 8 जनवरी 2026 तक आपत्ति दर्ज कर सकेंगे

7 फरवरी 2026 : अंतिम वोटर लिस्ट जारी होगी

चुनाव नजदीक है और प्रशासन चाहता है कि किसी महिला का नाम सिर्फ दस्तावेजी समस्या की वजह से न कट जाए ।

इसलिए स्पेशल कैंप का मकसद है:

• मौके पर ही जांच

• सच्चे और योग्य मामलों की तुरंत मंजूरी

• ताकि सेक्स वर्करों का वोटिंग अधिकार सुरक्षित रहे

निष्कर्ष :

सोनागाछी की महिलाएं पहले ही जीवनभर की चुनौतियों का बोझ ढो रही हैं।

ऐसे में 23 साल पुराने कागज ढूंढना उनके लिए लगभग असंभव है।

SIR की यह प्रक्रिया उन्हें एक और पहचान संकट में ना धकेल दे इसी डर से पुरा इलाके में चिंता बढ़ रही है

अब उम्मीद चुनाव आयोग के इन स्पेशल कैंपों पर टिकी है, जो शायद इन महिलाओं को उनकी पहचान, उनके अधिकार और उनका सम्मान वापस दिला सके।

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कैबिनेट: ने महाराष्ट्र और गुजरात में दो बड़े रेलवे प्रोजेक्ट को मंजूरी दी – यात्रियों और उद्योगों को मिलेगा सीधा फायदा

कैबिनेट ने महाराष्ट्र और गुजरात में दो बड़े रेलवे प्रोजेक्ट को मंजूरी दी – यात्रियों और उद्योगों को मिलेगा सीधा फायदा

कैबिनेट: ने महाराष्ट्र और गुजरात में दो बड़े रेलवे प्रोजेक्ट को मंजूरी दी – यात्रियों और उद्योगों को मिलेगा सीधा फायदा

कैबिनेट :ने महाराष्ट्र और गुजरात में दो बड़े रेलवे प्रोजेक्ट को मंजूरी दी – यात्रियों और उद्योगों को मिलेगा सीधा फायदा

भारत में रेल नेटवर्क को और मजबूत बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) की बैठक में महाराष्ट्र और गुजरात में दो महत्वपूर्ण मल्टी- ट्रैकिंग रेलवे परीयोजनाओं को मंजूरी दे दी गई है। 

इन दोनों प्रोजेक्ट्स की कुल लागत लगभग ₹2781 करोड़ है। सरकार का कहना है कि इसे न केवल रेल लाइन की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि ट्रेनों की गति, सुरक्षा और संचालन की दक्षता में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा

यह दोनों प्रोजेक्ट्स मिलकर भारतीय रेल नेटवर्क में लगभग 224 किलोमीटर नई क्षमता जोड़ेंगे। 

इससे जहां महाराष्ट्र के मुंबई उप नगरीय नेटवर्क पर भीड़ कम होगी, वहीं गुजरात में लाखों लोगों को तेज और सुविधाजनक रेल संपर्क मिलेगा

दो बड़े प्रोजेक्ट: कहां और क्या काम होगा?

1. देवभूमि द्वारका (ओखा) कानालुस सेक्शन डबलिंग (141 किमी)

यह परियोजना गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस 141 किलोमीटर लंबे रेल सेक्शन को डबल लाइन में बदला जाएगा। वर्तमान में यहां एक ही ट्रैक है, जिससे ट्रेनों का ट्रैफिक बढ़ने पर देरी की समस्या होती है

डबल लाइन बनने के बाद ट्रेनों का परिचालन सुचारू होगा, अधिक ट्रेनें चलाई जा सकेंगी और यात्रियों को यात्रा समय में कमी का फायदा मिलेगा।

ये डबलिंग क्यों जरूरी है?

• द्वारकाधीश मंदिर तक पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए बेहतर कनेक्टिविटी

• सौराष्ट्र क्षेत्र के विकास में तेजी

• उद्योगों और बंदरगाहों के बीच माल ढुलाई को बढ़ावा

• संचालन में देरी कम होगी और ट्रेनों की समयबद्धता सुधरेगी

इसके पूरा होने के बाद पूरे इलाके में विकास का नया अध्यक्ष शुरू होने की उम्मीद है।

2. बदलापुर- करजात तीसरी और चौथी लाइन (32 किमी)

महाराष्ट्र के लिए स्वीकृत दूसरी परियोजना काफी रणनीतिक है। मुंबई महानगर क्षेत्र में रोजाना लाखों लोग लोकल ट्रेन में सफर करते हैं। बदलापुर-करजात सेक्शन को तीसरी और चौथी लाइन से लैस किया जाएगा। कुल लंबाई लगभग 32 कमी है।

इस लाइन का महत्व क्या है?

•मुंबई सबर्बन नेटवर्क पर बढ़ता दबाव कम होगा
• लोकल और एक्सप्रेस ट्रेनों के अलग-अलग ट्रैक होने से दोनों की रफ्तार बढ़ेगी
• करजात के आगे दक्षिण भारत की ओर जाने वाली ट्रेनों के लिए भी सुविधा बढ़ेगी
• यात्रा समय घटेगा और लोकल ट्रेन ज्यादा चलाई जा सकेंगी

यह परियोजना मुंबई में बढ़ते आवागमन और कनेक्टिविटी की जरूरत को पूरा करने में बड़ी भूमिका निभाएगी।

कितने लोग होंगे लाभान्वित?

रेल मंत्रालय के अनुसार, इन दोनों प्रोजेक्टस से 585 गांवों को सीधा फायदा होगा।

 इन गांवों की कुल जनसंख्या लगभग 32 लाख (3.2 मिलियन) है। यानी लाखों लोग बेहतर, तेज और सुरक्षित रेल सुविधा का उपयोग कर सकेंगे।

PM गति शक्ति योजना के तहत तेजी पकड़ेगी परियोजनाएं

कैबिनेट: ने महाराष्ट्र और गुजरात में दो बड़े रेलवे प्रोजेक्ट को मंजूरी दी – यात्रियों और उद्योगों को मिलेगा सीधा फायदा

दोनों रेलवे प्रोजेक्ट्स PM Gati Shakti National Master Plan का हिस्सा हैं। 

इस योजना का मुख्य उद्देश्य है:

• मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी बढ़ाना

• लॉजिस्टिक लागत कम करना

• उद्योगों और परिवहन क्षेत्रों को एक साथ जोड़ना

• ढांचागत सुविधाओं को आधुनिक बनाना

 

गति शक्ति योजना की वजह से इन प्रोजेक्ट को तेज गति से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

आर्थिक विकास में बड़ा योगदान

रेल मंत्रालय के मुताबिक, इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद क्षमता में भारी वृद्धि होगी। इससे माल ढुलाई को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा

18 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता

इन नई लाइनों से रेलवे हर साल 18 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढो सकेंगी। इस रूट पर पहले से ही कोयला, पेट्रोलियम उत्पाद, नमक, सीमेंट, कंटेनर और अन्य प्रमुख वस्तुएं बड़े पैमाने पर परिवहन की जाती है।

मालगाड़ियों की बड़ी क्षमता से:

• उद्योग में तेजी

• कम लागत में सामान की डिलीवरी

• आयात पर निर्भरता कम

• व्यापार में वृद्धि जैसे फायदे साफ तौर पर दिखाई देंगे।

पर्यावरण को भी बड़ा फायदा

सरकार ने बताया कि इन प्रोजेक्टस से पर्यावरण को भी उल्लेखनीय लाभ होगा।

मुख्य पर्यावरणीय फायदे:

• 3 करोड़ लीटर तेल की बचत

• 16 करोड़ किलो कार्बन उत्सर्जन में कमी

• यह कमी 64 लाख पेड़ लगाने के बराबर

रेल मार्ग को अधिक सक्षम बनाने से लंबी दूरी की सड़क परिवहन पर निर्भरता कम होगी। सड़कों पर कम ट्रैक दौड़ेंगे, जिससे प्रदूषण भी घटेगा।

धार्मिक और स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा

खासकर गुजरात में देवभूमि द्वारका प्रोजेक्ट धार्मिक पर्यटन के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। द्वारकाधीश मंदिर हर साल लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।

डबलिंग के बाद:

• यात्रियों को अधिक रेल विकल्प मिलेंगे
•सफर आरामदायक होगा
• बड़ी संख्या में पर्यटक आसानी से द्वारका पहुंच सकेंगे

इससे स्थानीय दुकानों, होटलों, टैक्सियों और अन्य सेवाओं को भी बढ़ावा मिलेगा।

मुंबई शहरी क्षेत्र की बड़ी समस्या का समाधान

बदलापुर–करजात सेक्शन की तीसरी और चौथी लाइन
को मुंबई की लाइफलाइन यानी लोकल ट्रेन नेटवर्क की एक तरह से रीढ़ माना जा रहा है।

दैनिक यात्रियों (डेली कंप्यूटर) के लिए इससे:

• भीड़ कम होगी
• अधिक लोकल ट्रेनें चलाई जा सकेंगी
• तकनीकी बढ़ाएं कम होगी
• फास्ट और स्लो ट्रेनों का संचालन आसान होगा

यह प्रोजेक्ट मुंबई जैसे विशाल महानगर की ट्रांसपोर्ट लाइफ को नए स्तर पर ले जा सकता है।

परियोजनाओं से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे

ऐसी बड़ी रेलवे परियोजनाएं केवल परिवार ही नहीं सुधारतीं, बल्कि हजारों लोगों को रोजगार भी देती हैं।
निर्माण कार्य, इंजीनियरिंग, मशीनरी, सामग्री आपूर्ति,
सुरक्षा से जुड़े कार्यों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं।

यह परियोजनाएं:

• प्रत्यक्ष रोजगार (कंट्रक्शन साइट पर)
• अप्रत्यक्ष रोजगार (कैटरिंग, स्टील, सीमेंट उद्योग)
• स्थानीय बाजार और अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन

 जैसे लाभ भी देगी।

लंबी दूरी की ट्रेन होंगी समय पर

मल्टी-ट्रैकिंग का सबसे बड़ा फायदा यही है कि ट्रेनें एक ही लाइन पर अटकती नहीं है। कई एक्सप्रेस ट्रेनों को रुकना पड़ता है क्योंकि उसे समय सामने से आने वाली या पीछे से आने वाली गाड़ियां उसी ट्रैक पर होती हैं।

डबल और मल्टी लाइनों के बाद:

 • काम लाइन कंजेशन
• ट्रेनों का बेहतर फ्री-फ्लो
• समय पर पहुंचने की संभावना बढ़ेगी
• दोनों राज्यों में रेल यात्रा और भरोसेमंद होगी

अंत में — इन दोनों प्रोजेक्ट्स से बदल जाएगा कनेक्टिविटी का चेहरा
महाराष्ट्र और गुजरात दोनों ही आर्थिक और औद्योगिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण राज्य है। ऐसे में इंदौर परियोजनाओं का असर सिर्फ रेल अधोसंरचना पर नहीं पड़ेगा, बल्कि पूरा क्षेत्र इससे लाभान्वित होगा।

इन प्रोजेक्ट से:

• यात्रियों को आरामदायक यात्रा

• उद्योगों को तेज सप्लाई चैन

• धार्मिक पर्यटन में तेजी

• पर्यावरण संरक्षण 

• रोजगार के अवसर 

• और समग्र आर्थिक विकास 

जैसे लाभ मिलने वाले हैं!

 

सरकार का दावा है कि दोनों प्रोजेक्ट 23 में से पूरे किए जाएंगे और आने वाले वर्षों में यह देश की रेलवे क्षमता को नए आयाम देंगे।

100 साल तक स्वस्थ कैसे जिए? डॉ. नरेश त्रेहन की 10 आसन आदतें।

100 साल तक स्वस्थ कैसे जिए? डॉ. नरेश त्रेहन की 10 आसन आदतें।

100 साल तक स्वस्थ कैसे जिए? डॉ. नरेश त्रेहन की 10 आसन आदतें।

लंबी उम्र हर कोई चाहता है, लेकिन सच में मायने यह रखता है कि आप अपनी उम्र कैसे जी रहे हैं- क्या आप एक्टिव हैं, खुश हैं,और बीमारियों से दूर है? 

एक्सपर्ट्स का मानना है कि हमारी रोज की छोटी-छोटी आदतें ही तय करती है कि भविष्य में हमारी सेहत कैसी रहेग !

देश के मशहूर कार्डियक सर्जन डॉ. नरेश त्रेहन कहते हैं की लंबी और हेल्दी लाइफ पाना कोई जादू नहीं है। 

यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आप आज अपनी लाइफ में कैसी आदतें अपनाते हैं दवाई से ज्यादा असरदार है अच्छी लाइफस्टाइल।

यहां जानिए वे आसान बदलाव जो आपकी जिंदगी को लंबा और हेल्दी बना सकते हैं –

1. अपनी फैमिली हिस्ट्री समझे।

अगर परिवार में हार्ट डिज़ीज़, हाई बीपी या डायबिटीज रही है तो आपको इसकी रोकथाम जल्दी शुरू कर देना चाहिए। फैमिली हिस्ट्री में तो इन बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए समय पर चेकअप कराते रहे।

2. हेल्थ चेकअप को आदत बनाएं।

2. हेल्थ चेकअप को आदत बनाएं।
image credit :kokilaben hospital:

 भारत में ज्यादातर लोग तब डॉक्टर के पास जाते हैं जब बीमारी बिगड़ जाती है।

 यदि फैमिली हिस्ट्री है तो 25 साल की उम्र से चेकअप शुरू करें, नहीं तो 30 साल पर एक पूरा बॉडी चेकअप जरूर कराएं।

छोटा सा सालाना खर्च आपको भविष्य में बड़े अस्पताल बिलों से बचा सकता है।

3. वजन को कंट्रोल में रखें।

3. वजन को कंट्रोल में रखें।
Image Credit : Life Leafs:

डॉक्टर नरेश त्रेहन कहते हैं  अगर आपका वजन आपके आइडियल वजन से सिर्फ 10% के अंदर है, तो आपकी उम्र 10-12 साल तक बढ़ सकती है!

घर में वेट मशीन रखें,रोज वजन चेक करें और बढ़ते ही खाने को कंट्रोल करें।

4. मसल्स को बचाएं, रोज एक्सरसाइज करें।

4. मसल्स को बचाएं, रोज एक्सरसाइज करें।
Image Credit :Envision Fitness:

काम मसल्स = कमजोर इम्यूनिटी, जल्दी थकान और जॉइंट पेन।

रोज 30-40 मिनट की एक्सरसाइज आपकी बॉडी को लंबे समय तक फिट रखती है।

 

5. दिल का खास ध्यान रखा करें।

डॉ. नरेश त्रेहन कहते हैं – दिल 24 घंटे बिना रुके काम करता है।

दिल की सेहत के लिए:

  . रोजाना 30 मिनिट वॉक

  . नमक कम

  . स्मोकिंग और तंबाकू पूरी तरह बंद

  . शराब किसी भी मात्रा में सुरक्षित नहीं है।

6. तनाव कम करें।

6. तनाव कम करें।
Image Credit :Harvard Health:

तनाव सिर्फ मूड खराब नहीं करता, यह हार्ट अटैक, हाई बीपी, खराब नींद और वजन बढ़ाने का कारण भी बनता है।

थोड़ा-थोड़ा ब्रेक लेना, मेडिटेशन और हल्की एक्सरसाइज स्ट्रेस कम करने में काफी मदद करती है

7. 30 की उम्र के बाद एक्सरसाइज जरूरी, 40 के बाद डबल जरूरी।

40 की उम्र के बाद मेटाबॉलिज्म स्लो होता है, वजन तेजी से बढ़ता है और हार्मोन बदलाव शुरू हो जाते हैं ।

इसलिए 40 की उम्र के बाद:

 

. 40 मिनट एक्सरसाइज

. स्ट्रेस कम

. हेल्दी डाइट

. नियमित चेकअप

   –ये चारों चीजें बहुत जरूरी है।

8. हेल्दी डाइट खाएं।

8. हेल्दी डाइट खाएं।
Image Credit :Harvard Health:

लंबी उम्र के लिए डाइट सबसे अहम है:

 नामक एक-दो ग्राम तक रखें

चीनी कम

. घी सीमित मात्रा में

. वनस्पति तेल बंद करें

. हर 6 महीने में तेल बदलें

मोटापा कई परेशानियों की जड़ है – हार्ट, डायबिटीज, कैंसर, जॉइंट पेन इसलिए वजन कंट्रोल करना जरूरी है

9. तंबाकू और शराब छोड़ दें।

9. तंबाकू और शराब छोड़ दें।
Image Credit :SCITECHDAILY:

यह सबसे आसान और असरदार बदलाव है।

इन्हें छोड़ने से आपकी उम्र 5-7 साल तक बढ़ सकती है

10. बीपी कंट्रोल रखें और जितनी भूख हो उतना ही खाएं।

बीपी को 130/80 के अंदर रखें।

 

बहुत ज्यादा खाने से शरीर पर दबाव बढ़ता है, इसलिए “कम खाओ, सही खाओ, रोज चलो-फिर और तनाव कम रखो”

 

यही सरल मंत्र है लंबी उम्र का।

अंत में एक जरूरी बात

यह जानकारी सिर्फ जागरूकता के लिए है। किसी भी समस्या या दवा के बारे में हमेशा अपनी डॉटर से सलाह ले।

Google ने भारत में पहला AI Hub लॉन्च किया, 15 बिलियन डॉलर का बड़ा निवेश

Google ने भारत में पहला AI Hub लॉन्च किया, 15 बिलियन डॉलर का बड़ा निवेश

Google ने भारत में पहला AI Hub लॉन्च किया, 15 बिलियन डॉलर का बड़ा निवेश

Google ने भारत में पहला AI Hub लॉन्च किया, 15 बिलियन डॉलर का बड़ा निवेश
माननीय मंत्रियों के साथ AI Hub की घोषणा।

नई दिल्ली 14 अक्टूबर 2025:
Google ने आज घोषणा की है कि वह आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम (विजाग) में भारत का पहला Artificial Intelligence (AI) Hub स्थापित कर रहा है। यह अब गूगल की पूरी आई टेक्नोलॉजी मजबूत डाटा सेंटर क्षमता, बड़े ऊर्जा स्रोत और हाई-स्पीड फाइबर नेटवर्क को एक जगह लाकर भारत में AI के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल को और आगे बढ़ाएगा।

यह निवेश लगभग 15 बिलियन डॉलर का है जो 2026 से 2030 तक किया जाएगा यह गूगल द्वारा भारत में किया गया सबसे बड़ा निवेश है और सरकार के विकसित भारत 2047 के विजन से मेल खाता है।

एक रिपोर्ट के अनुसार इस, AI हब से एआई और क्लाउड सेवाओं के बढ़ते उपयोग की वजह से अगले 5 सालों में अमेरिकी जीडीपी में भी लगभग 15 बिलीयन डॉलर का आर्थिक प्रभाव पड़ेगा। यानी यह निवेश भारत और अमेरिका दोनों के लिए बड़ी आर्थिक और तकनीकी संभावनाएं लेकर आएगा।

यह घोषणा नई दिल्ली में आयोजित Bharat AI Shakti इवेंट में की गई, जो India-AI Impact Summit 2026 का प्री-इवेंट था।

देश के बड़े नेताओं और गूगल के शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी

कार्यक्रम में कई प्रमुख नेता और अधिकारी उपस्थित थे, जिनमें शामिल है:

 

    • अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, और इलेक्ट्रॉनिक्स & IT मंत्री

 

    • निर्मला सीतारमण, वित्त मंत्री

 

    • एन चंद्रबाबू नायडू, मुख्यमंत्री आंध्र प्रदेश

 

    • नारा लोकेश, IT मंत्री आंध्र प्रदेश

 

    • थॉमस कुरियन, CEO, Google Cloud

सभी नेताओं ने इस निवेश को भारत के डिजिटल भविष्य के लिए ऐतिहासिक कदम बताया।

नेताओं ने क्या कहा?

"मैं Google को 15 बिलियन डॉलर के इस बड़े निवेश के लिए धन्यवाद देता हूं। यह इंफ्रास्ट्रक्चर हमारे India AI मिशन को मजबूत करेगा। हमें खुशी है कि Google स्किल डेवलपमेंट और अपस्किलिंग को अपनी प्राथमिकता बना रहा है। AI सेवाएं हमारी डिजिटल अर्थव्यवस्था की नई कैटेगरी बन रही है।"

"यह निवेश आंध्र प्रदेश और भारत के डिजिटल परिवर्तन के लिए नई शुरुआत है। हमें गर्व है कि देश का पहला गीगावॉट-स्केल डाटा सेंटर और Google का पहला भारतीय AI Hub हमारे राज्य में बन रहा है।"

"विशाखापट्टनम में Google का AI Hub भारत के डिजिटल भविष्य के लिए एक अहम कदम है। बड़े पैमाने पर विश्व-स्तरीय AI इंफ्रास्ट्रक्चर से हम नवाचार को तेज कर रहे हैं और समावेशी विकास के नए अवसर बना रहे हैं।

भारत में AI को तेजी देने वाला मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर

विजाग का नया AI हब:

    • गीगावॉट-स्केल डेटा सेंटर

 

    • हाई परफार्मेंस कंप्यूटिंग

 

    • लो-लेटेंसी AI सेवाएं

 

    • बड़े अस्तर की ऊर्जा परियोजनाएं

 

    • मजबूत फाइबर नेटवर्क

 

शामिल करेगा, जिसमें भारतीय कंपनियां, स्टार्टअप्स और रिसर्च टीमें अपनी AI एप्स और सेवाओं को और तेजी से विकसित कर पाएंगी।

यह हब Google के 12 देशों में फैले ग्लोबल AI डेटा सेंटर के नेटवर्क में शामिल हो जाएगा और भारत के Bengaluru, Hyderabad और Pune स्थिति R&D सेंटर इसमें तकनीकी योगदान देंगे।

भारत के लिए नया Subsea Internet Gateway

Google ने भारत में पहला AI Hub लॉन्च किया, 15 बिलियन डॉलर का बड़ा निवेश
विशाखापत्तनम में समुद्र के अंदर नई केबल बिछाने से इंटरनेट कनेक्टिविटी और तेज होगी। यह कदम भारत की डिजिटल नेटवर्क सिस्टम को और मजबूत और सुरक्षित बनाएगा।

गूगल अपने AI हब के साथ एक नया अंतरराष्ट्रीय Subsea इंटरनेट गेटवे भी बना रहा है, जिसमें कई अंतरराष्ट्रीय केबल सीधे विजाग तट पर आएंगी

इससे:    

    • भारत का इंटरनेट और तेज होगा


    • मुंबई और चेन्नई पर निर्भरता कम होगी


    • डिजिटल नेटवर्क की क्षमता और सुरक्षा बढ़ेगी


    • देशभर में आई सेवाएं और सुगम होगी

 

विजाग अब भारत के पूर्वी तट पर एक बड़ा ग्लोबल कनेक्टिविटी हब बनेगा।

ऊर्जा क्षमता बढ़ाने पर भी बड़ा फोकस

Google भारत में अपने AI Hub को साफ और टिकाऊ ऊर्जा से चलने के लिए:

    • नई बिजली लाइनों

 

    • क्लीन एनर्जी प्लांट्स

 

    • ऊर्जा भंडारण प्रणाली

पर काम करेगा। इससे भारत की बिजली व्यवस्था मजबूत होगी और ग्रीन एनर्जी के उपयोग में भी बढ़ोतरी होगी।

 

Google के बारे में

Google का मिशन है — दुनिया की जानकारी को व्यवस्थित करना और हर किसी के लिए उसे सुलभ और उपयोगी बनाना। Search, Maps, Android, YouTube, Workspace और Google Cloud जैसे प्लेटफार्म आज दुनिया भर में अर्बन लोगों की रोजमर्रा की गिनी का हिस्सा है। Google, Alphabet Inc. की सहायक कंपनी है।

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2025 Tata Sierra: Tata Motors का बड़ा बदलाव, नई तकनीक और दमदार फीचर्स के साथ वापसी

TATA SIERRA

2025 Tata Sierra: Tata Motors का बड़ा बदलाव, नई तकनीक और दमदार फीचर्स के साथ वापसी

Sierra vs XEV 9S: अगले 3 दिनों में शोरूम में एंट्री | पेट्रोल SUV या इलेक्ट्रिक EV – कौन बेहतर?
Upcoming Tata Car in November 2025, Credit (S-M)

2025 Tata Sierra एक बार फिर मार्केट में लौट आई है, और इस बार यह सिर्फ पुरानी यादों को ताज़ा करने के लिए नहीं आई, बल्कि Tata Motors ke लिए कई नए “पहली बार वाले फीचर्स लेकर आई है। नए टेक, नए इंजन और एक बिल्कुल नए प्लेटफार्म के साथ, Sierra कंपनी के लिए एक बड़ा कदम साबित हो रही है।

नए Sierra की शुरुआत कीमत ₹ 11.49 लाख (एक्स- शोरूम) रखी गई है। SUV को Tata की ICE लाइन-अप में Curvv और Harrier के बीच पोजीशन किया गया है। अभी तक सिर्फ बेस वेरिएंट की कीमत बताई गई है।

ट्रिपल-स्क्रीन का कमाल

Tata पहली बार किसी SUV में तीन स्क्रीन वाला डैशबोर्ड दे रही है, जो केबिन को काफी आधुनिक और प्रीमियम एहसास देता है।

     • 10.25- इंच डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर

     • 12.3- इंच सेंट्रल टचस्क्रीन

     • 12.3- इंच पैसेंजर डिस्प्ले

बड़ी स्क्रीन पैसेंजर के लिए मिररिंग और कंटेंट सिंकिंग की सुविधा भी देती है, जो आमतौर पर सिर्फ लग्जरी कारों में देखने को मिलती है।

पहली बार: AR बेस्ड HUD (हेड-अप डिस्प्ले)

Tata Sierra भारत में पहली इसी ICE सब बन गई है, जिसमें Augmented Reality HUD दिया गया है।

यह पारंपरिक HUD की तरह एक छोटे डिस्प्ले पर प्रोजेक्ट नहीं करता, बल्कि सीधे विंडस्क्रीन पर नेविगेशन, वार्निंग और गाइडेंस दिखाता है। इससे ड्राइविंग और भी आसान और सुरक्षित बनती है।

“यह फीचर Accomplished वेरिएंट में मिलता है,जबकि Accomplished+ में आर हुड की जगह ट्रिपल- स्क्रीन लेआउट आता है।”

दो नए पेट्रोल इंजन – पहली बार

नई Sierra में Tata ने बिल्कुल नई 1.5- लीटर पेट्रोल इंजन फैमिली पेश की है।

1.1.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड इंजन

    • पावर: 106 bhp

    • टॉर्क: 145 Nm

    • गियरबॉक्स: 6-स्पीड मैनुअल/ 7-स्पीड DCT ऑटोमैटिक

2. 1.5-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन
    • पवार: 160 bhp

    •टॉर्क: 255 Nm

    • गियरबॉक्स:6-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमेटिक

यह टर्बो इंजन जल्द ही Harrier और Safari में भी आएगा। इसके अलावा,Sierra में 1.5 लीटर डीजल इंजन भी मिलेगा, जो Curvv वाले इंजन से 20 Nm ज्यादा टॉर्क देता है।

नया ARGOS प्लेटफार्म –बेहद प्लेक्सिबल

2025 Tata Sierra: Tata Motors का बड़ा बदलाव, नई तकनीक और दमदार फीचर्स के साथ वापसी
Tata Sierra 2025 Launch Update (credit-sm)

Sierra पहली कार है जो Tata के नए ARGOS प्लेटफार्म पर बनी है। इसका पूरा नाम है:
ऑल-terrain Ready, Omni-Energy, Geometry Scalable Architecture

यह प्लेटफॉर्म भविष्य में कई तरह की तकनीकी को सपोर्ट करेगा:

    • AWD (ऑल – व्हील ड्राइव)

    • CNG

    • स्ट्रांग हाइब्रिड

    • इलेक्ट्रिक वर्जन

फिलहाल साइट सिर्फ फेड में आती है, लेकिन आने वाले समय में AWD और Electric वर्ज़न भी पेश किए जाएंगे।

पहली बार: Extendable थाई स्पोर्ट

कंफर्ट के मामले में भी नया Sierra कमाल दिखती है।
Tata पहली बार किसी SUV में फ्रंट सीट्स के लिए Expendable Under-Thigh Support दे रही है।

यह फीचर खासकर लंबी यात्राओं में थकान काम करता है और इस सेगमेंट में किसी भी SUV में यह सुविधा नहीं मिलती।

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धर्मेंद्र नहीं रहे: 89 साल की उम्र में मुंबई स्थित घर पर हुआ निधन, बॉलीवुड में शोक की लहर

धर्मेंद्र नहीं रहे: 89 साल की उम्र में मुंबई स्थित घर पर हुआ निधन, बॉलीवुड में शोक की लहर

धर्मेंद्र नहीं रहे: 89 साल की उम्र में मुंबई स्थित घर पर हुआ निधन, बॉलीवुड में शोक की लहर

धर्मेंद्र नहीं रहे: 89 साल की उम्र में मुंबई स्थित घर पर हुआ निधन, बॉलीवुड में शोक की लहर
धर्मेंद्र का निधन : अभिनेता दो हफ्ते पहले अस्पताल में भर्ती हुए थे और सोमवार को उनका निधन हो गया

बॉलीवुडके दिग्गज और सभी के प्रिय कलाकार धर्मेंद्र का 89 साल की उम्र में मुंबई में निधन हो गया। कुछ ही दिनों बाद वे अपना 90 वां जन्मदिन मनाने वाले थे। He Man of Bollywood कहलाने वाले धर्मेंद्र ने 60 से अधिक सालों के शानदार कैरियर में 300 से ज्यादा फ़िल्मों में काम किया और करोड़ो दिलों पर राज किया।

हाल ही में उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल से छुट्टी मिली थी और कहा जा रहा था कि उनकी तबियत धीरे-धीरे सुधर रही है। लेकिन 24 नवंबर की दोपहर अचानक उनके घर से एंबुलेंस निकलती दिखी। इसके बाद कई फिल्मी सितारे जुहू स्थित पवन हंस श्मशान पहुंचे । जबकि परिवार की ओर से आधिकारिक बयान अभी तक नहीं आया, फिल्ममेकर करण जौहर ने उनकी मौत की पुष्टि कर दी।

अभी तक उनकी मौत का कारण सामने नहीं आया है, लेकिन 1 नवंबर से उनकी तबियत लगातार खराब चल रही थी। धर्मेन्द्र की आखिरी फिल्म श्रीराम राघवन की Ikkis होगी, जिसमें अगस्त्य नंदा और जयदीप अहलावत भी नज़र आएंगे।

कारण जौहर का इमोशनल पोस्ट

धर्मेंद्र जी के निधन की खबर सामने आने के बाद कारण जौहर ने इंस्टाग्राम पर बेहद भावुक पोस्ट लिखा:

"एक युग का अंत... एक विशाल सुपरस्टार.. हिंदी सिनेमा के असली हीरो... बेहद हैंडसम और करिश्माई शख्सियत... वो हमेशा भारतीय सिनेमा के इतिहास में। उनका प्यार, उनका आशीर्वाद, उनकी गर्मजोशी... सबको बहुत याद आएगी। आज इंडस्ट्री में एक ऐसी जगह खोली गई है, जिसे कोई कभी भर नहीं पाएगा। हम आपको हमेशा याद रखेंगे धरमजी... अभी ना जाओ छोड़कर, कि दिल अभी भरा नहीं... ॐ शांति।"

करण का यह पोस्ट साफ दिखता है की फिल्म इंडस्ट्री धर्मेंद्र को सिर्फ एक कलाकार नहीं, बल्कि एक इंसान के रूप में भी बेहद प्यार करते थी।

गरम धरम की विरासत

धर्मेंद्र जी की आखिरी कुछ फ़िल्मों — ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ (2023) और ‘तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया’ (2024) ने एक बार फिर साबित किया की उम्र सिर्फ एक नंबर है।

उनकी बहुमुखी प्रतिभा ही उनकी पहचान थी

• रोमांटिक हीरो – फूल और पत्थर आए दिन बहार के
• एक्शन आईकॉन – धर्मवीर हुकूमत
• क्लासिक कॉमिक टाइमिंग – चुपके चुपके

लेकिन उनका सबसे यादगार किरदार था
👉 वीर, 1975 की कालजई फिल्म शोले में।

उनकी मुस्कुराहट, डायलॉग डिलीवरी, डांस स्टेप्स और ‘यमला पगला दीवाना’ जैसे गाने आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। धर्मेंद्र सिर्फ महिलाओं के ही नहीं, बल्कि पुरुषों के भी चहेते सितारे थे।

धर्मेंद्र – ही- 'मैन ऑफ बॉलीवुड' कैसे बने?

धर्मेंद्र जी  का जन्म 8 दिसंबर 1935, नसरेली (पंजाब) में हुआ था।
1960 में फिल्म दिल भी तेरा हम भी तेरे से उन्होंने अपना अभिनय सफर शुरू किया। कुछ ही सालों में वह रोमांस और ड्रामा फिल्मों के पसंदीदा हीरो बन गए।

1960 और 70 का दशक धर्मेंद्र के नाम रहा।
उनके लुक्स, एक्टिंग, स्टाइल, कॉमेडी और एक्शन—
सब में महारत थी। फिल्म चुपके चुपके में उनकी ही कॉमिक टाइमिंग आज भी लोगों के चेहरे पर मुस्कान लेती आती है।

सम्मान
2012 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया।

धर्मेंद्र का परिवार

धर्मेंद्र नहीं रहे: 89 साल की उम्र में मुंबई स्थित घर पर हुआ निधन, बॉलीवुड में शोक की लहर

धर्मेंद्र का पारिवारिक जीवन भी उतना ही चर्चा में रहा जितना उनका फिल्मी करियर।

वे दो बार शादीशुदा थे:

1. प्रकाश कौर जिनसे उनके चार बच्चे:
• सनी देओल
•बॉबी देओल
• विजेता देओल
• अजीत देओल

2. हेमा मालिनी – उनके पोस्टर और बाद में जीवन संगिनी

• ईशा देओल
• अहाना देओल

परिवार, विशेष कर बेटे सनी और बॉबी अक्सर पिता के प्रति अपनी भावनाओं को सार्वजनिक रूप से व्यक्त करते रहे हैं।

धर्मेंद्र घर जाना सिर्फ एक अभिनेता का जाना नहीं है—यह हिंदी सिनेमा के एक पूरे दौर का अंत है।
उनकी मुस्कान, उनका सादापन, उनका अंदाज और उनका दिल सबको हमेशा याद रहेगा।

**धर्म की सदैव दिलों में जिंदा रहेंगे ।
ओम शांति

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SUBODH KUMAR

स्मृति मंधाना: भारतीय महिला क्रिकेट की स्टार बल्लेबाज की पूरी कहानी

Smriti Mandhana

स्मृति मंधाना: भारतीय महिला क्रिकेट की स्टार बल्लेबाज की पूरी कहानी

स्मृति मंधाना: भारतीय महिला क्रिकेट की स्टार बल्लेबाज की पूरी कहानी
Smriti Mandhana's (Credit: Instagram/@palash_muchhal)

स्मृति मंधाना—भारतीय महिला क्रिकेट का वह नाम, जिसने अपनी बेहतरीन बैटिंग, दमदार प्रदर्शन और शांत स्वभाव से दुनिया भर में लाखों क्रिकेट प्रशंसकों का दिल जीता है। बाएं हाथ की इस ओपनर ने बहुत कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाई और आज वह भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे भरोसेमंद और सबसे लोकप्रिय खिलाड़ियों में से एक है।

शुरुआती जीवन और परिवार

स्मृति मंधाना का जन्म 18 जुलाई 1996 को मुंबई में हुआ, लेकिन उनका पालन-पोषण महाराष्ट्र के सांगली में हुआ। उनके पिता श्रीनिवास मंधना और भाई दोनों क्लब-स्तरीय क्रिकेटर खेल चुके हैं, इसलिए स्मृति को क्रिकेट वातावरण में बढ़ना तय था।

•  उनके पिता बैट बनाने का काम करते थे, जिसने स्मृति को बचपन से ही क्रिकेट का माहौल मिला।
•  भाई की क्रिकेट प्रैक्टिस देखते-देखते उन्होंने भी 9 साल की उम्र में बल्ला उठाया।
•  11 साल की उम्र में वह महाराष्ट्र अंदर- 15 टीम में चुन ली गई।
•  13 साल की उम्र में वे महाराष्ट्र की अंडर- 19 टिम का हिस्सा बन गई। 

कहने का मतलब— क्रिकेट उनके लिए सिर्फ खेल नहीं बल्कि घर-घर की हवा थी।

अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत

स्मृति मंधाना ने 2013 में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की शुरुआत की। कुछ सालों में अगर टीम की सबसे मजबूत ओपनिंग बल्लेबाज बन गई।

डेब्यू वर्ष – 2013

  • T20I डेब्यू: 5 अप्रैल 2013
  • ODI डेब्यू: 10 अप्रैल 2014
  • टेस्ट डेब्यू: अगस्त 2014

पहले ही साल में उन्होंने दिखा दिया कि भारतीय महिला क्रिकेट को एक बड़ी स्टार मिल चुकी है।

बड़े मेचों की शानदार प्रदर्शन

स्मृति मंधाना बाय प्लेटफार्म पर खेलने में माहिर है खासकर ICC टूर्नामेंट में उन्होंने कई अब अविस्मरणीय पारियां खेली हैं!

2017 विश्व कप – यह वही टूर्नामेंट था, जिसने स्मृति को सुपरस्टार बना दिया।

• इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के खिलाफ शानदार शतकीय पारियां
• पूरे टूर्नामेंट में भारत को मजबूत से शुरुआत देना
• फाइनल तक पहुंचने में बड़ी भूमिका

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खेलने का अंदाज (Playing Style)

स्मृति का बैटिंग स्टाइल बेहद क्लीन, टाइमिंग और इलैगंस पर आधारित है।
उनके शॉट इतना आसान लगते हैं कि दर्शकों को क्रिकेट कला जैसा महसूस होता है।

• Extra cover drive उनकी पहचान
• Left hand elegance
• शांत और संयमित बल्लेबाजी
• तेज स्ट्राइक रेट के साथ टिककर लंबी पारी खेलना

रिकॉर्ड और उपलब्धियां

• ICC women’s cricketer of the year 2018 and 2022
• सीमित ओवर क्रिकेट में सबसे तेज 2000 रन
•ऑस्ट्रेलिया इंग्लैंड और न्यूजीलैंड में शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला बल्लेबाज
•भारत की ओर से सबसे तेज T20 आई 50 (23 गेंद)
• महिला IPL (WPL) की सबसे महंगी खिलाड़ी

WPL में कप्ताती

• वो रॉयल चैलेंजर बेंगलुरु (RCB) महिला टीम की कप्तान है।
• उनके नेतृत्व में RCB ने 2024 में WPL का खिताब जीता यह उनकी कप्तानी क्षमता को भी साबित करता है।

व्यक्तित्व और लोकप्रियता

स्मृति सिर्फ एक क्रिकेटर नहीं है बल्कि एक युवा आइकॉन है___

• शांत स्वभाव
• विनम्र व्यवहार
• जमीन से जुड़ी प्रकृति
• सोशल मीडिया पर बड़ी फैन फॉलोइंग

उन्हें ब्रांच भी खूब पसंद करते हैं—Nike, Hero, Red Bull सहित कई बड़े ब्रांडस से उनके पार्टनरशिप रही है।

निजी जीवन और हालिया चर्चा

स्मृति मंधाना: भारतीय महिला क्रिकेट की स्टार बल्लेबाज की पूरी कहानी

हाल ही में स्मृति मंधाना अपने निजी जिंदगी को लेकर भी सुर्खियों में रहीं।

संगीतकार पलाश मुच्छल के साथ उनकी सगाई की चर्चा खूब वायरल हुई। इंस्टाग्राम रील्स, दी पाटिल स्टेडियम वाल रोमांटिक प्रपोजल- सबने फैंस का दिल जीत लिया।

लेकिन शादी रुकी

 
23 नवंबर को होने वाली शादी को उनके पिता की अचानक तबियत बिगड़ने के कारण अनिश्चित समय तक के लिए डाल दिया गया
स्मृति ने कहा कि परिवार की स्वास्थ्य स्थिति में हुए शादी नहीं कर सकती। यह दिखाता है कि वह अपने परिवार से कितनी जुड़ी हुई है।

स्मृति मंधाना का महिला क्रिकेट में योगदान

भारत में महिला क्रिकेट के बढ़ते प्रभाव में स्मृति का योगदान बहुत बड़ा है।

• उन्होंने देश में महिला क्रिकेट को ग्लैमरस और लोकप्रिय बनाया
• युवा लड़कियों के लिए वह प्रेरणा बन चुकी है।
• मैदान पर उनकी तकनीक और मैदान के बाहर उनका व्यवहार उन्हें एक परफेक्ट रोल मॉडल बनता है।

भारत का भविष्य मंधाना के कंधों पर

आने वाले वर्षों में भारतीय महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में स्मृति की भूमिका अहम रहेगी।
वह न सिर्फ एक स्टार खिलाड़ी हैं बल्कि टीम की आधारशिला बन चुकी हैं।

निष्कर्ष:

स्मृति मंधाना सिर्फ एक क्रिकेटर नहीं__

वह देश की उम्मीद, युवा खिलाड़ियों की प्रेरणा और दुनिया भर में भारतीय महिला क्रिकेट का चेहरा है

उनकी कहानी दिखती है की प्रतिभा, मेहनत और अनुशासन के साथ दुनिया का कोई भी शिकार हासिल किया जा सकता है।

 

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