Google का बड़ा फैसला: AI अपनाओ या कंपनी छोड़ो, कर्मचारियों को मिला Voluntary Exit Option
नई दिल्ली:
दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी Google ने अपने कर्मचारियों को साफ संकेत दे दिया है कि आने वाला समय पूरी तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का है। कंपनी ने कहा है कि जो कर्मचारी Google के भविष्य की AI रणनीति को पूरी तरह अपनाने के लिए तैयार नहीं हैं, वे सेवरेंस पैकेज के साथ स्वैच्छिक रूप से कंपनी छोड़ सकते हैं। यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है, जब Google की पैरेंट कंपनी Alphabet ने साल 2025 में रिकॉर्ड 400 अरब डॉलर के रेवेन्यू की घोषणा की है।
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रिकॉर्ड कमाई के बाद बड़ा फैसला
कुछ ही दिन पहले Alphabet ने जानकारी दी थी कि 2025 कंपनी के इतिहास का अब तक का सबसे सफल साल रहा, जिसमें 400 अरब डॉलर का रेवेन्यू दर्ज किया गया। मजबूत आर्थिक स्थिति के बावजूद Google ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह भविष्य को लेकर कोई समझौता नहीं करना चाहता, खासकर AI को लेकर।
इसी कड़ी में Google की बिज़नेस यूनिट ने उन कर्मचारियों के लिए Voluntary Exit Programme (VEP) की पेशकश की है, जो कंपनी की AI-केंद्रित भविष्य की योजनाओं के साथ पूरी तरह सहज नहीं हैं।
किन कर्मचारियों को मिलेगा स्वैच्छिक विदाई (Voluntary Exit) का विकल्प?
Business Insider की रिपोर्ट के अनुसार, गूगल के चीफ बिज़नेस ऑफिसर फिलिप शिंडलर ने एक इंटरनल मेमो में बताया कि Global Business Organization (GBO) यूनिट के कुछ कर्मचारी इस स्वैच्छिक विदाई कार्यक्रम का लाभ उठा सकते हैं।
GBO यूनिट Google के लिए बेहद अहम मानी जाती है, क्योंकि यही यूनिट:
- विज्ञापन प्रोडक्ट्स और सर्विसेज़
- क्लाइंट सॉल्यूशंस
- ग्लोबल रेवेन्यू ग्रोथ
जैसे बड़े ऑपरेशंस संभालती है।
इस प्रोग्राम के तहत सॉल्यूशंस टीम, सेल्स और कॉरपोरेट डेवलपमेंट जैसी भूमिकाओं में काम कर रहे कर्मचारियों को सेवरेंस पैकेज के साथ कंपनी छोड़ने का विकल्प दिया गया है।
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“AI को अपनाने वाले ही Google का भविष्य हैं”
फिलिप शिंडलर ने अपने संदेश में कहा कि Google ने साल 2026 की शुरुआत एक “मजबूत स्थिति” में की है, लेकिन उन्होंने यह भी माना कि AI की दुनिया बहुत तेजी से बदल रही है।
उन्होंने लिखा,
“खेल लगातार बदल रहा है, रफ्तार बेहद तेज है और दांव बहुत ऊंचे हैं।”
शिंडलर के मुताबिक, Google ऐसे कर्मचारियों के साथ आगे बढ़ना चाहता है जो कंपनी के भविष्य को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध हों और AI को अपनाकर ज्यादा प्रभाव पैदा कर सकें। उनका साफ कहना था कि Google को ऐसे लोग चाहिए जो कंपनी की AI रणनीति में “पूरी तरह साथ” हों।
किन्हें नहीं मिलेगा सेवरेंस पैकेज?
हालांकि, यह स्वैच्छिक विदाई कार्यक्रम सभी कर्मचारियों के लिए नहीं है। Google ने स्पष्ट किया है कि:
- अमेरिका की बड़ी कस्टमर सेल्स टीमें
- अन्य कस्टमर-फेसिंग रोल्स
इन पर यह योजना लागू नहीं होगी।
इस पर शिंडलर ने लिखा,
“हालांकि GBO की सभी भूमिकाएं हमारी दीर्घकालिक रणनीति के लिए अहम हैं, लेकिन ग्राहकों पर पड़ने वाले असर को कम रखने के लिए हमने इन खास पदों पर VEP न देने का फैसला किया है।”
Google पहले भी अपना चुका है ऐसा रास्ता
यह पहली बार नहीं है जब Google ने इस तरह का कदम उठाया हो। इससे पहले:
- अमेरिका में Android और Core Engineering डिवीज़न
- ब्रिटेन (UK) में कुछ कर्मचारियों
को भी स्वैच्छिक विदाई पैकेज की पेशकश की जा चुकी है। इन फैसलों से यह साफ होता है कि Google अपने संगठन को AI-फोकस्ड बनाने के लिए लगातार पुनर्गठन कर रहा है।
सिर्फ Google नहीं, पूरी टेक इंडस्ट्री का ट्रेंड
AI की ओर यह शिफ्ट सिर्फ Google तक सीमित नहीं है। दुनिया की लगभग सभी बड़ी टेक कंपनियां इसी दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
- Amazon, Meta और Microsoft जैसी कंपनियां भी AI-आधारित बिज़नेस मॉडल के लिए कर्मचारियों का पुनर्गठन कर रही हैं।
- रिपोर्ट्स के मुताबिक Microsoft ने अपने सीनियर एग्ज़ीक्यूटिव्स को भी AI अपनाने या कंपनी छोड़ने जैसा सख्त संदेश दिया था।
इससे साफ है कि टेक इंडस्ट्री में अब AI सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता बन चुका है।
कर्मचारियों के लिए क्या है संदेश?
Google का यह फैसला कर्मचारियों के लिए एक स्पष्ट संकेत है—
अगर आप टेक इंडस्ट्री में बने रहना चाहते हैं, तो AI स्किल्स और AI-माइंडसेट अब जरूरी हो गया है। कंपनियां अब ऐसे कर्मचारियों पर दांव लगा रही हैं जो बदलते दौर के साथ खुद को ढाल सकें।
निष्कर्ष:
Alphabet की रिकॉर्ड कमाई के बावजूद Google का यह कदम दिखाता है कि भविष्य की लड़ाई सिर्फ मुनाफे की नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी और इनोवेशन की है। AI को अपनाने वाले कर्मचारियों के लिए मौके हैं, जबकि बदलाव से पीछे रहने वालों के लिए रास्ते अलग हो सकते हैं।
गूगल का संदेश साफ है—
AI के साथ आगे बढ़िए, वरना सम्मानजनक विदाई का विकल्प मौजूद है।





