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PM Kisan की 21 वीं किस्त के बाद किसानों के लिए एक और बड़ी खुशखबरी कृषि मंत्री बोले—अब PM Fasal Bima Yojana से भरपाई होगी!
PM Kisan की 21 वीं किस्त के बाद किसानों के लिए एक और बड़ी खुशखबरी कृषि मंत्री बोले—अब PM Fasal Bima Yojana से भरपाई होगी!
PM Kisan की 21 वीं किस्त के बाद किसानों के लिए एक और बड़ी खुशखबरी कृषि मंत्री बोले—अब नुकसान की पूरी भरपाई होगी!
PM Fasal Bima Yojana: अब जंगली जानवरों और बढ़ से होने वाला नुकसान भी शामिल, कृषि मंत्री ने कहा-किस को पूरे नुकसान की भरपाई मिलेगी जाने किस होगा सबसे ज्यादा फायदा?

HIGHLIGHYS

PM Kisan की 21वीं किस्त जारी होने के तुरंत बाद केंद्र सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए एक और बड़ा फैसला लिया है।अब PM Fasal Bima Yojana (PMFBY) में ऐसे दो बड़े बदलाव किए गए हैं, जिनकी किसान लंबे समय से मांग कर रहे थे। 

PM Kisan के किस्त देने के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की है कि PM Fasal Bima Yojana के तहत जंगली जानवर के हमले और अतिवृष्टि से होने वाले जलभराव से होने वाला फसल नुकसान भी अब बीमा के दायरे में शामिल किया जाएगा। यानी इन दोनों तरह के नुकसान की भरपाई सरकार के फसल बीमा के तहत की जाएगी।

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने क्या कहा?

किसानों को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री ने कहा:

“किसान भाइयों और बहनों… आपकी दो सबसे बड़ी परेशानियों का हल कर दिया गया है। अब अगर खेत में जंगली जानवर फैसले नष्ट कर दें या भारी बारिश से खेत में पानी भर जाए, तो इसका पूरा मुआवजा सरकार देगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का संकल्प है कि कोई भी किसान बिना सुरक्षा के ना रहे।”

सरकार का कहना है कि देशभर में हाथी, जंगली सूअर, नीलगाय, हिरण और बंदरों जैसे जानवर हर साल लाखों किसानों की फैसले बर्बाद करते हैं। खासतौर पर जंगलों और वन्यजीव गलियारों के आसपास के गांव सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। अब इन नुकसान को Localize Risk की नई श्रेणी में शामिल कर लिया गया है।

नया नियम कब से लागू होगा?

सरकार ने स्पष्ट किया है कि नए नियम करीब 2026 से लागू होंगे। यानी 2026 के बाद होने वाले ऐसे नुकसान पर किसानों को अलग से किसी दफ्तर या अफसर के चक्कर नहीं काटने होंगे। सब कुछ बीमा कवर के अंदर ही निपट जाएगा I 

किसान बीमा दावा कैसे कर पाएंगे?

बीमा दावा प्रक्रिया को भी आसान और पारदर्शी बनाया गया है:

  • राज सरकार है या ताई करेगी कि उनके राज्य में किस जंगली जानवर से सबसे ज्यादा नुकसान होता है।
  •  
  • संवेदनशील जिले और बीमा इकाइयों की पहचान भी राज खुद करेगा।
  •  
  • फसल को नुकसान होने के 72 घंटे के भीतर, किस को PM Fasal Bima App पर जियो टैग फोटो अपलोड करनी होगी।
  •  
  • मंत्रालय का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया को वैज्ञानिक और पारदर्शी रखा गया है ताकि किसान के दावे में देरी न हो।

धान की बाढ़ से होने वाला नुकसान भी कवर में वापस शामिल

2018 में धान की फसलों को बाढ़ से होने वाले नुकसान को बीमा से बाहर कर दिया गया था, क्योंकि इसका आकलन करना मुश्किल माना जाता था। इससे तटीय और बाढ़ प्रभावित इलाकों के किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था।
अब विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों पर सरकार ने इसे फिर से बीमा में शामिल कर लिया है। यानी जिन इलाकों में धान की फसल बाढ़से डूब जाती है, वहां के किसानों को अब फिर बीमा का लाभ मिलेगा।

किस-किस राज्य को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?

इस फैसले से खास तौर पर इन राज्यों के किसान लाभान्वित होंगे:

उड़ीसा,छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, उत्तराखंड, असम, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश।

सरकार का कहना है कि इन बदलावों से लाखों किसानों को अब मजबूत सुरक्षा मिलेगी और उनकी आर्थिक चिंताएं काफी कम होगी।

“PM Kisan Samman Nidhi Yojana: 21वीं किस्त जारी, ₹2000 खाते में पहुँचे या नहीं—तुरंत ऐसे करें स्टेटस चेक”

“PM Kisan Samman Nidhi Yojana: 21वीं किस्त जारी, ₹2000 खाते में पहुँचे या नहीं—तुरंत ऐसे करें स्टेटस चेक”

PM Kisan Samman Nidhi Yojana: 21वीं किस्त जारी, ₹2000 खाते में पहुँचे या नहीं—तुरंत ऐसे करें स्टेटस चेक"
दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन 2025 और प्रदर्शनी के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री ने Pm Kisan Nidhi Yojna की 21वीं किस्त के रूप में 18000 करोड रुपए से अधिक की राशि जारी की जिस देश भर के 9 करोड़ किसानों को लाभ मिला।

Pm Kisan Samman Nidhi Yojana: 21वीं किस्त जारी किसानों के चेहरे खिल उठे !

देश के करीब 9 करोड़ किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी आ गई है । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के कोयंबटूर से Pm Kisan Samman Nidhi Yojana की 21वीं किस्त जारी कर दी है । इस बार किसानों को दीपावली के बाद इंतजार करना पड़ा , लेकिन अब ₹2000 की किस्त उनके बैंक खातों में भेज दी गई है !

अगर आपके मोबाइल पर मैसेज नहीं आया है तो आप अपनी आसानी से pmkishan.gov.in पर जाकर अपना स्टेटस देख सकते हैं !

 

अगर PM kishan का पैसा नहीं आया तो ये वजह हो सकती है !

अगर आपके खाते में पैसे नहीं आए हैं, तो संभव है कि इनमें से कोई गलती हुई है।

  1.  अपने  e-KYC नहीं करवाया है।
  2. आपका फार्मर आईडी नहीं बना।
  3.  पात्रता का रूल पूरा नहीं होने के बाद भी योजना का फायदा ले रहे थे।

इन कारणों से आपका नाम लिस्ट में से हट सकता है

कई बार गलत जानकारी या नियमों के कारण किसानों का नाम लिस्ट से कट जाता है :

  1.  पति पत्नी दोनों योजना का फायदा ले रहे हो।
  2. लाभार्थी की उम्र 18 साल से कम हो ई केवाईसी नहीं कराई हो।
  3.  फार्मर आईडी नहीं बनाई हो।

इन कारणों से आपका नाम लिस्ट से हट सकता है।

कई बार गलत जानकारी या नियमों के कारण किसानों का नाम लिस्ट से कट जाता है।

पति-पत्नी दोनों योजना का फायदा ले रहे हों।

  1. लाभार्थी की उम्र 18 साल से कम हो।

  2.  e-KYC नहीं कराई हो।

  3. Farmer ID नहीं बनवाई हो।

फरवरी 2019 के बाद खेती की जमीन खरीदी हो।

PM kishan लिस्ट में नाम नहीं है क्या करें?

अगर किस्त नहीं आई और लिस्ट में भी नाम नहीं दिख रहा है तो घबराएं नहीं ।

  1.  pmkisan.gov.in पर जाए।

  2.  No your status में जाकर स्टेटस चेक करें।

  3. 3 सब ठीक है फिर भी पैसा नहीं आया है तो नजदीकी कृषि केंद्र पर जाएं।

या PM Kishan हेल्पलाइन 155261 पर कॉल करें।

उड़ीसा में कई किसानों के खाते में क्यों नहीं आया पैसा ?

उड़ीसा में 21वीं किस्त 34.12 लाख किसानों को मिली है, लेकिन पिछले 20 वीं किस्त (34.84 लाख किसानों) की तुलना में इस बार हजारों नाम कम पाए गए हैं । यानी कई किसानों के नाम कट चुके हैं।

21 वीं किस्त से पहले लांच हुई नई योजना

किस जारी करने से पहले पीएम मोदी ने किसानों के लिए एक और बड़ी योजना शुरू की है —
प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना, जिसके तहत 24 हजार करोड रुपए का लाभ दिया जा चुका है । यह योजना देश के 100 पिछड़े  जिलों के किसानों के लिए है।

PM Kishan के ₹2000 हजार मिल गए? अब ऐसे पाए हर महीने ₹3000 हजार पेंशन।

अगर आपके खाते में PM Kishan की ₹2000 हजार की किस्त आ गई है तो आप इसे PM Kishan Maandhan Yojna में भी शामिल हो सकते हैं ।

हर महीने 55 रुपए से 200 रुपए तक देना होता है ।

लेकिन किसानों का यह योगदान PM Kishan की किस्त से ही एडजस्ट हो जाता है ।
60 साल की उम्र पर आपको 3000 रुपए मासिक पेंशन मिलने लगेगी।

क्या आपका नाम PM Kishan लिस्ट में है?

कई किसानों को 21वीं किस्त नहीं आई ।
इसका मतलब आपका नाम लिस्ट से कट भी सकता है ।इसलिए वेबसाइट पर जाकर तुरंत लिस्ट चेक कर लें।

क्या अभी भी PM Kishan e-kyc कर सकते हैं?

हां:
21वीं किस्त भले जारी हो गई हो, लेकिन जिन किसानों ने e-kyc नहीं करवाया है, वे अभी भी इसे पूरा कर सकते हैं ।
e-Kyc पूरा होते ही 22वीं किस्त आने की पूरी संभावना रहती है।——

मोबाइल से तुरंत मिसिंग जानकारी कैसे अपडेट करें?

अगर खाते में पैसा नहीं आया तो हो सकता है कि आपकी कुछ जानकारी अधूरी हो। इस घर बैठे ऐसे ठीक करें:

  1.  pmkisan.gov.in पर जाएं।
  2. Update missing beneficiary information पर क्लिक करें।
  3. आधार नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर अपना अकाउंट खोजें।
  4. अधूरी जानकारी को पूरा करके सेव कर दे।
Bihar Election 2025: नीतीश कुमार और एनडीए की जीत पर अंतरराष्ट्रीय मीडिया का बड़ा विश्लेषण

Bihar Election 2025: नीतीश कुमार और एनडीए की जीत पर अंतरराष्ट्रीय मीडिया का बड़ा विश्लेषण

Bihar Election 2025: नीतीश कुमार और एनडीए की जीत पर अंतरराष्ट्रीय मीडिया का बड़ा विश्लेषण
बिहार में इस बार NDA को 2010 जैसी बड़ी !जीत मिली है

Bihar Election: में नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की जीत ने सिर्फ देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में चर्चा बटोरी है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया के कई रिपोर्ट और विश्लेषण इस नतीजे को बाहर अहम रहे हैं। कई विदेशी विशेषज्ञों का मानना है कि इस जीत के पीछे महिलाओं को किए गए कैश ट्रांसफर, जमीनी योजनाओं का असर और एनडीए की राजनीतिक रणनीति की बड़ी भूमिका रही। कुछ विश्लेषकों ने इसे बिहार की सामाजिक और राजनीतिक दिशा में बड़ा बदलाव बताया है, जो आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति को भी प्रभावित कर रहा है।

महिलाओं तक पहुंची योजनाओं का असर

कई विदेशी मीडिया संस्थानों ने इस बात पर जोर दिया है कि NDA की जीत में महिलाओं की भागीदारी निर्णायक रही। बिहार में लंबे समय से लडकियों की शीशा, साइकिल योजना गैस कनेक्शन, स्कॉलरशिप और हाल में किए गए ट्रांसफर जैसे कदमों ने महिला वोटरों को सरकार के करीब बनाए रखा।
इन रिपोर्टों के अनुसार, बिहार की महिलाओं ने नीतीश को अस्थिरता और सुरक्षा का प्रतीक मानते हुए एक बार फिर उस पर भरोसा जताया।

NDA की राजनीतिक रणनीति की प्रशंसा

अंतर्राष्ट्रीय विश्लेषकों ने एनडीए की राजनीति को काफी प्रभावी बताया । जदयू और भाजपा का संयुक्त नेतृत्व, विपक्ष की कमजोर तैयारी के मुकाबले ज्यादा संगठित दिखाई दिया। रिपोर्ट में कहा गया कि चुनाव प्रचार पूरी तरह एनडीए के एजेंडे पर केंद्रित रहा – सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और कानूनी व्यवस्था जैसी पारंपरिक उपलब्धियां बार-बार सामने रखी गई। इन सब ने मतदाताओं के मन में इस गठबंधन के प्रति भरोसे को मजबूत किया !

Bihar की राजनीति में बड़ा मोड़ ?

कई विदेशी विशेषज्ञों ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि यह चुनाव सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि बिहार के सामाजिक-राजनीतिक माहौल में एक बड़े बदलाव का संकेत है। उन्होंने कहा कि यह नतीजा भविष्य में देश की राजनीति को नए समीकरण दे सकता है, खासकर तब – जब जातीय राजनीति, कल्याणकारी योजनाएं और नेतृत्व की छवि तीनों एक साथ प्रभाव डाल रहे हों।

“फाइनेंशियल टाइम्स” का विश्लेषण: नीतीश कुमार की बाइडन से तुलना

Bihar Election 2025: नीतीश कुमार और एनडीए की जीत पर अंतरराष्ट्रीय मीडिया का बड़ा विश्लेषण

“Bihar Election के दौरान नीतीश कुमार की खराब सेहत को लेकर लगातार खबरें चर्चा में बनी रहीं।”

ब्रिटेन के प्रतिष्ठित अखबार “फाइनेंशियल टाइम्स” में प्रसिद्ध ग्लोबल इन्वेस्टर और लेखक रुचिर शर्मा ने एक बेहद दिलचस्प विश्लेषण लिखा है, जिसमें उन्होंने नीतीश कुमार की तुलना अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन से की है।

उन्होंने लिखा कि Bihar Election प्रचार के दौरान नीतीश कुमार की खराब सेहत की चर्चा खूब रही। वह मंच पर आते तो थे, लेकिन उनके आसपास मौजूद सहयोगी इस बात को लेकर चिंतित दिखते थे की कहीं भाषण देते समय गलती ना कर दे। उनके कमजोर सेहत, सूनी निगाहें और कभी-कभी भूलने जैसी स्थितियों की बातें मीडिया में लगातार आती रहीं।

फिर भी शर्मा के अनुसार नीतीश कुमार ने बाइडन से भी ज्यादा गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के बावजूद अपनी नेतृत्वकारी क्षमता के सहारे अपने गठबंधन को जीत दिला दी। यह चुनाव उनके लिए बड़ी चुनौती था, लेकिन नतीजे बताते हैं की जनता का भरोसा अभी उनके साथ है।

इवेंट की मेजबानी युटुब आशीष चंचलानी ने की, जिन्होंने अपने मजाकिया अंदाज से भीड़ को लगातार मनोरंजन किया। उन्होंने भी साइंस की तरह (जय बाबू) का नारा लगाया ओर RRR के लिए राजामौली की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय सिनेमा को नई ऊंचाई दी है।

 जब श्रुति हसन मंच पर आई और लाइव परफॉर्म किया तो माहौल और शानदार हो उठा। उन्होंने फिल्म के एल्बम का अपना सिंगल “लेट ईट बैंग, ग्लोबट्रॉटर” गया, जिस एमएम कीरवाणी ने कंपोज किया है। यह गाना पहले ही काफी चर्चा बटोर रहा है।

नीतीश कुमार की लोकप्रियता अभी भी कायम

अपने लेख में रुचिर शर्मा भी बताते हैं कि वह पिछले 30 सालों से भारत के राष्ट्रीय और राज्यों के चुनाव कवर करते आए हैं, और यह उनका बिहार का छठ दौरा था। उनकी नजर में बिहार की हरी-भरी मगर दलदली जमीन पर गरीबी की गहरी छाप अभी दिखती है।

उनके अनुसार नीतीश कुमार के सेहत और बिहार के धीमे विकास को लेकर उन्हें लगा था कि इस बार एक बड़े मुद्दे बनेंगे।

लेकिन बिहार के लोगों से बातचीत के बाद उन्होंने महसूस किया कि नीतीश के पारंपरिक समर्थक आज भी उनके कामों के लिए आभारी हैं – विशेषकर शिक्षा, बिजली, सड़क और महिलाओं की सुरक्षा के क्षेत्र में हुए बदलावों के लिए। यही वजह है कि स्वास्थ्य संबंधी विवादों और विपक्ष की आलोचनाओं के बावजूद नीतीश कुमार पर लोगों ने भरोसा कायम रखा।

अंतरराष्ट्रीय मीडिया की नजर में Bihar Election क्यों खास?

विदेशी मीडिया ने कुछ प्रमुख कारण बताए हैं, जिनकी वजह से इस चुनाव पर उनकी नजर टिकी रही: –

1. नेतृत्व की परीक्षा

नीतीश कुमार जैसे वरिष्ठ नेता की सेहत पर सवालों के बीच जीत एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश देता है।

2. सामाजिक आधार में बदलाव

जातीय राजनीतिक से आगे बढ़कर महिला वोट, युवा वोट और कल्याणकारी नीतियों की राजनीति पर ध्यान गया।

3. भारतीय राजनीति का संकेत

यह चुनाव दिखता है कि भारत में कल्याणकारी योजनाओं, विकास, स्थानीय नेतृत्व और गठबंधन राजनीति का संतुलन भविष्य के चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

नतीजे: उम्मीद और चुनौतियों के बीच एक जीत

नीतीश कुमार और एनडीए की जीत को अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने एक आश्चर्यजनक, राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण और विश्लेषण योग्य घटना बताया है। एक तरफ उनके स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार चर्चा होती रही, दूसरी तरफ उनके लंबे शासन में किए गए बुनियादी सुधारो ने एक बड़ा जनाधार तैयार कर दिया – जिसने फिर से उन्हें सत्ता तक पहुंचाया।

शशि थरूर ने असम के मंत्री की विवादित ‘गोभी खेती’ पोस्ट की कड़ी आलोचना की

“गोभी खेती विवाद: थरूर का सख्त विरोध, लेकिन मानवता और एकता पर सकारात्मक संदेश भी” 2026

शशि थरूर ने असम के मंत्री की विवादित 'गोभी खेती' पोस्ट की कड़ी आलोचना की
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने असम के मंत्री अशोक सिंघल की विवादास्पद 'गोभी की खेती' वाली पोस्ट की कड़ी आलोचना की है, जिसके बारे में कई लोगों का कहना है कि यह 1989 में मुसलमानों के खिलाफ भागलपुर हिंसा का परेशान करने वाला संदर्भ है। Photo: PTI, X/@TheAshokSinghal.

असम के मंत्री अशोक सिंगल की एक सोशल मीडिया पोस्ट पर विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने फूलगोभी के खेती की एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा,

*बिहार ने गोभी की खेती को मंजूरी दी।*
ऑनलाइन कई लोगों ने इस पोस्ट पर नाराज़गी व्यक्त की,
क्योंकि उनका कहना था कि यह तस्वीर (1989 के बिहार के भागलपुर दंगों) की याद दिलाती है, जहां कई मुसलमानों की हत्या के बाद कथित तौर पर शवो को खेतों में दफ़न कर फूलगोभी के पौधे लगाए गए थे।

इस पोस्ट पर नेताओं और लोगों ने सवाल खड़े किए कि यह किसी (पुरानी त्रासदी का मजाक उड़ाना उसका महिमामंडन है।)

“थरूर ने कहा – धर्म और राष्ट्रवाद किसी नरसंहार को सही नहीं ठहराते”

कांग्रेस सांसद ** शशि थरूर ** ने रविवार को पोस्ट की तीखी निंदा की।

उन्होंने कहा कि ( न हिंदू धर्म और न ही राष्ट्रवाद ) कभी किसी कि वह “समावेशी भारत” के समर्थक हैं और ऐसी मानसिकता को गलत बताते हैं। जब एक उपयोगकर्ता ने आरोप लगाया कि थरूर ने सीधी निंदा नहीं की तो उन्होंने जवाब दिया, “मैंने साफ-साफ इसकी निंदा की है”

** हनी नेताओं ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी**
कांग्रेस नेता (गौरव गोगोई) ने कहा कि एक मंत्री द्वारा ऐसी भाषा का इस्तेमाल राजनीति में

*नई और खतरनाक गिरावट दिखता है*

उन्होंने याद दिलाया कि यह तस्वीर (1989 के लोग नरसंहार) से जुड़ी है जिसमें 116 मुसलमान की हत्या हुई थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ऐसी सोच को मुख्यमंत्री “हिमंत बिस्वा सरमा” बढ़ावा दे रहे हैं और कहा कि असम की धरती नफरत के लिए नहीं है।

टीएमसी सांसद (साकेत गोखले) नेवी पोस्ट की आलोचना करते हुए कहा कि “गोभी खेती” शब्दावली “भागलपुर की सामूहिक हत्या का महिमा मंडल” करती है।

गोखले ने यह भी कहा कि पोस्ट एक बाहरी व्यक्ति की नहीं बल्कि एक  “केंद्रीय भाजपा मंत्री से जुड़े असम सरकार के मंत्री” की है!

टीएमसी नेता ने x पर कहा, “स्पष्ट रूप से, @PMOIndia इसे मंजूरी देता है। दुनिया को पता चलना चाहिए।”

वाराणसी का धमाकेदार लॉन्च: महेश बाबू के रुद्र अवतार ने जीता फैंस का दिल 2027 में होगी रिलीज़

Varanasi Teaser: महेश बाबू के रुद्र अवतार कब होगा रिलीज

हैदराबाद में शनिवार 15 नवम्बर को जबरदस्त माहौल देखने को मिला, जब ग्लोब ट्रॉटर के निर्माताओं ने फिल्म का नया शीर्षक (वाराणसी) घोषित किया और साथ ही महेश बाबू का पहला लुक भी लॉन्च किया। रामोजी फिल्म सीटी में हुए इस भव्य इवेंट में हजारों फैंस जुटे।

हालांकि टाइटल और विजुअल्स ने सभी को उत्साहित कर दिया, लेकिन असली सरप्राईज टीजर में छिपा था, जिसने इस पौराणिक साहसिक कहानी की गहराई दिखाई।

Varanasi Teaser: महेश बाबू के रुद्र अवतार कब होगा रिलीज
ग्लोब ट्रॉटर का आधिकारिक नाम अब वाराणसी रखा गया (Credit: Twitter)

सार: 

हैदराबाद में ग्लोब ट्रॉटर का नया स्टाइल Varanasi Teaser भव्य तरीके से लांच किया, जहां महेश बाबू का रूद्र लुक पहली बार सामने आया। निर्देशक एसएस राजामौली ने मंच पर टीचर का अनावरण किया, जिसमें महेश का दमदार और तीव्र अवतार देखने को मिला प्रियंका चोपड़ा ने अपने धारा प्रवाह तेलुगू भाषण और साइंस के साथ ऊर्जा से भारी बातचीत से कार्यक्रम में अलग ही चमक जोड़ दी। जानिए फिल्म बड़े पर्दे पर कब रिलीज होने वाली है और इसका मेगा इवेंट में क्या खास रहा।

Varanasi Teaser में महेश बाबू का पहला लुक - अवतार में

Varanasi Teaserनिर्देशक एसएस राजमौली ने मंच पर महेश बाबू का पहला लुक जारी किया, जिसे देखकर फैंस की तालियों से पूरा हॉल गूंज उठा। महेश बाबू रुद्र के रूप में दिखाई देते हैं – त्रिशूल थामे एक उग्र सांड पर सवार, और पीछे काशी के प्राचीन मंदिरों का विराट दृश्य। 

राजमौली ने बताया कि रामायण से प्रेरित यह सीक्वेंस बनाया उनका बचपन का सपना था। हर सीन और डायलॉग लिखते समय उन्हें अद्भुत अनुभव हुआ। जब महेश भगवान राम के लोक में फोटो शूट के लिए आए, तो उन्हें रोंगटे खड़े हो गए। 

उनके अनुसार महेश में कृष्ण की मोहकता और राम की शांति दोनों झलकती है। यह पूरा हिस्सा 60 दिनों में शूट हुआ और इसे छोटे-छोटे “मिनी फिल्मों” की तरह प्लान किया गया। राजमौली मानते हैं कि यह हिस्सा फ़िल्म की सबसे यादगार झलकियों में से एक बनेगा।

Varanasi में महेश बाबू और प्रियंका चोपड़ा ने जीता दिल

Varanasi Teaser लाने से पहले महेश बाबू ने मंच पर इलेक्ट्रिक बुल पर एंट्री मारकर माहौल गर्मा दिया। प्रियंका चोपड़ा जो फिल्म में उनकी को स्टार है, उनके मंच पर आते ही तेलगु में बोलकर सभी को चौंका दिया। उन्होंने कहा कि जहां फ्रेंड्स महेश को lion कहते हैं, वहीं वह उन्हें इनक्रेडिबल और लेजेंडरी मानती हैं। वह भी फैंस के साथ बाबू-बाबू के नारे लगाती नज़र आई।

राजमौली के भव्य Varanasi Teaser इवेंट की झलक

इस पूरे इवेंट की थीम भी फिल्म से जुड़ी थी। स्टेज को वाराणसी के घाटों की तरह सजाया गया था, जहां बहती गंगा का सुंदर दृश्य दिखाई देता था।

Varanasi Teaser के कार्यक्रम में मौजूद थे _

  • एसएस राजामौली 
  • एमएम किरवानी
  • भूषण कुमार 
  • नम्रता शिरोडकर
  • पृथ्वीराज सुखु मारन मारन व सुप्रिया मेनन
  • लेखक वी. विजेंद्र प्रसाद 

इवेंट की मेजबानी युटुब आशीष चंचलानी ने की, जिन्होंने अपने मजाकिया अंदाज से भीड़ को लगातार मनोरंजन किया। उन्होंने भी साइंस की तरह (जय बाबू) का नारा लगाया ओर RRR के लिए राजामौली की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय सिनेमा को नई ऊंचाई दी है।

 जब श्रुति हसन मंच पर आई और लाइव परफॉर्म किया तो माहौल और शानदार हो उठा। उन्होंने फिल्म के एल्बम का अपना सिंगल “लेट ईट बैंग, ग्लोबट्रॉटर” गया, जिस एमएम कीरवाणी ने कंपोज किया है। यह गाना पहले ही काफी चर्चा बटोर रहा है।

Teaser टाइटल और रिलीज डेट का ऐलान

Teaser के अंत में नया टाइटल वाराणसी दिखाई देता है, लेकिन साथ ही #Global Trotter भी रखा गया है, ताकि दर्शकों को महसूस हो की टाइटल बदला है पर फिल्म की आत्मा वही है। संगीतकार एमएम कीरवाणी ने घोषणा की है कि वाराणसी 2027 में गर्मी के सीजन में रिलीज होगी, और इसे भारत की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक माना जा रहा है।

अपने विशाल पैमाने संधार विजुअल पौराणिक पृष्ठभूमि और दमदार स्टार कास्ट के साथ, वाराणसी फिल्म ने रिलीज से पहले ही जबरदस्त उत्सुकता पैदा कर दी है। टीजर तो बस शुरुआत है फैंस तो अब महेश बाबू को रूद्र के रूप बड़े पर्दे पर देखने के लिए बेताब हैं। माना जा रहा है यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ परफॉमेंस करेगी।

बिहार विधानसभा चुनाव:
Bihar Vidhan Sabha Result 2025: नीतीश कुमार की वापसी, NDA ने बनाया रिकॉर्ड

Bihar Vidhan Sabha Result 2025: नीतीश कुमार की वापसी, NDA ने बनाया रिकॉर्ड

Bihar Vidhan Sabha Result 2025: नीतीश कुमार की वापसी, NDA ने बनाया रिकॉर्ड
बिहार विधान सभा चुनाव 2025

Bihar Vidhan Sabha Result 2025: नीतीश कुमार की वापसी, NDA ने बनाया रिकॉर्ड Bihar Chunav Result Winner List 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 मतगणना पुरी हो चुकी है और 243 सीटों के नतीजे सामने आ चुके हैं। इस बार एक एक बार फिर नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले वाले NDA ने जबरदस्त जीत दर्ज की है। एनडीए को कुल 202 सीटे मिली, जबकि तेजस्वी यादव के महागठबंधन को सिर्फ 35 सीटों पर जीत मिली है।

AIMIM (एआईएमआईएम) को 5 और BSP ( बीएसपी) को 1 सीट हासिल हुई है। अगर गठबंधन की पार्टियों की बात करे, तो –

 एनडीए में:-

  •  बीजेपी: 89 सीट
  •  
  •  जेडीयू: 85 सीट
  •  
  •  एलजेपी-आर: 19 सीट
  •  
  •  एचएएम: 5 सीट
  •  
  •  आरएलएम: 4 सी   
  •  
  •  महागठबंधन में:
  •  
  •  आरजेडी: 25 सीट
  •  
  •  कांग्रेस: 6 सीट
  •  
  •  सीपीआई-एमएल: 2 सीट
  •  
  •  सीपीएम: 1 सीट
  •  
  •  आईआईपी: 1 सीट
लोग नीतीश कुमार को प्यार से "सुशासन बाबू" कहते हैं। पिछले 20 सालों में कानून-व्यवस्था सुधारने, सड़कें बनाने, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएँ बेहतर करने और महिलाओं के लिए कई कदम उठाने की वजह से उन्हें यह नाम मिला है।

बिहार चुनाव 2025: एनडीए की जबरदस्त जीत और महागठबंधन की हार

डिजिटल डेस्क, पटना — बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 202 सीटें हासिल कीं। बीजेपी को 89 और जेडीयू को 85 सीटें मिलीं। इस जीत के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दसवीं बार राज्य की सत्ता में वापसी कर रहे हैं।

इस चुनाव में 67.13% की रिकॉर्ड वोटिंग हुई। खास बात यह रही कि महिलाओं की हिस्सेदारी ने इस बार चुनाव में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एनडीए की जीत का बड़ा कारण महिलाओं के लिए चलाई गई योजनाएँ, बेहतर कानून-व्यवस्था और युवाओं को दिए गए अवसर माने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जीत को “महिलाओं और युवाओं की जीत” बताया।

जहाँ मुकाबला रहा सबसे कड़ा – 1000 से कम वोटों से जीत

बिहार के 9 विधानसभा क्षेत्रों में जीत-वोट का अंतर 1000 से भी कम रहा। यहाँ परिणाम इस प्रकार रहे —

संदेश (भोजपुर): जदयू के राधा चरण साह ने (RJD) के दीपू सिंह को सिर्फ 27 वोट से हराया — यह बिहार चुनाव इतिहास के सबसे कम अंतर वाली जीतों में से एक है।

आगिआंव (भोजपुर): (BJP) के महेश पासवान ने माले उम्मीदवार को 95 वोटों से हराया।

फॉरबिसगंज (अररिया): कांग्रेस के मनोज विश्वास ने (BJP) के विद्या सागर केशरी को 221 वोटों से मात दी।

रामगढ़ (कैमूर): (BSP) के सतीश कुमार सिंह यादव ने BJP के अशोक कुमार सिंह को 30 वोटों से हराया।

चनपटिया (प. चंपारण): कांग्रेस के अभिषेक रंजन ने (BJP) के उमाकांत सिंह को 602 वोटों से हराया।

जहानाबाद: (RJD) के राहुल कुमार ने JDU के चंदेश्वर प्रसाद को 793 वोटों से हराया।

गोह (औरंगाबाद): (RJD) के अमरेंद्र कुमार ने BJP के डॉ. रणविजय कुमार को 767 वोटों से हराया।

बोध गया: (RJD) के कुमार सर्वजीत ने LJP(रामविलास) के श्यामदेव पासवान को 881 वोटों से मात दी।

बख्तियारपुर (पटना): लोजपा के अरुण कुमार ने (RJD) के अनिरुद्ध कुमार को 981 वोटों से हराया।

विपक्ष के आरोप और राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ

महागठबंधन ने कुछ सीटों पर मतगणना में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। तेजस्वी यादव का कहना है कि कई सीटों पर “खेल” हुआ है। राहुल गांधी ने भी शुरुआत से ही चुनाव को अनुचित बताया।

हालाँकि, चुनाव आयोग ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है।

वरिष्ठ पत्रकार कुणाल प्रताप सिंह ने भी कहा कि ईवीएम और पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाना वास्तविक हालात से मेल नहीं खाता। उनका कहना है कि चंपारण की 21 सीटों में से महागठबंधन ने 3 सीटें

बेहद कम अंतर से जीती हैं, जो चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को साबित करता है!

इन निकटतम मुकाबलों में संदेश की 27 वोटों की जीत बिहार के चुनावी इतिहास में सबसे कम अंतरों में से एक है

Bihar Election Result 2025

दिल्ली बम विस्फोट: डीएनए से पुष्टि,दिल्ली बम विस्फोट: डीएनए से पुष्टि

दिल्ली बम विस्फोट: डीएनए से पुष्टि, डॉ. उमर उस गाड़ी को चला रहा था, उसका पैर स्टेरिंग और एक्सीलेटर के बीच में था।

दिल्ली बम विस्फोट: डीएनए से पुष्टि, डॉ. उमर उस गाड़ी को चला रहा था, उसका पैर स्टेरिंग और एक्सीलेटर के बीच में था।
सोमवार शाम को लाल किले के निकट हुए बम विस्फोट में मरे व्यक्ति की पहचान डॉक्टर के रूप में की गई है। उसकी उम्र नबी के रूप में मानी जाती है। दिल्ली पुलिस ने खुलासा किया कि फॉरेंसिक जांच में कार के भीतर जले हुए पैर का डीएनए नमूना नबी की माता के सैंपल से मेल खाता है।

डीएनए
बृहस्पतिवार को दिल्ली में लाल किला कार बम विस्फोट स्थल पर गार्ड खड़ा है। (एएनआई)

 

दिल्ली बम विस्फोट: नबी जम्मू-कश्मीर के पुलवामा से हैं और फरीदाबाद में अल-फलाह यूनिवर्सिटी में सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने विस्फोट से 11 दिन पहले एक सफेद हुंडई i20 गाड़ी खरीदी थी।
जांच में यह खुलासा हुआ है कि नबी का उन दो चिकित्सकों से संबंध था जिन्हें हाल ही में जम्मू-कश्मीर में गिरफ्तार किया गया। इन चिकित्सकों के पास से 2,900 किलो अमोनियम नाइट्रेट और शस्त्रों की बरामदगी हुई थी। पुलिस का दावा है कि यह विस्फोट एक योजनाबद्ध आतंकवादी हमले का हिस्सा था।

dna structure
DNA structure

1.डीएनए क्या है
DNA यानी (Deoxyribonucleic Acid) हमारे शरीर का “जेनेटिक मैटेरियल” है, यही वह मॉलेक्युलस है जो हमारे जींस बनता है. हर इंसान के लगभग हर सेल (कोशिका) में एक ही जैसा DNA होता है,
ज़्यादा तर DNA कोशिका के (न्यूक्लियस) में होता है इसे न्यूक्लियर डीएनए कहते हैं! लेकिन थोड़ा सा DNA माइटोकॉन्ड्रिया में भी मिलता है, जिसे माइटोकॉन्ड्रियल डीएनए या MTDNA कहा जाता है।

2.माइटोकॉन्ड्रिया क्या करते हैं?

माइटोकॉन्ड्रिया कोशिका के “पावरहाउस” होते हैं – ये हमारे खाने से मिलने वाली ऊर्जा को ऐसे रूप में बदलते हैं, जिसे कोशिका उपयोग कर सकें। माइटोकॉन्ड्रिया खाद्य अणुओं को तोड़कर और ऑक्सीजन का उपयोग करके एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट (ATP) के रूप में ऊर्जा उत्पन्न करते हैं, जो कोशिका के लिए आणविक ईंधन है।

3.डीएनए का कोड कैसा लिखा होता है?

DNA एक कोड की तरह होता है जो 4 रासायनिक आधार से बना है।

एडेनिन (ए)
गुआनिन (जी)
साइटोसिन (सी)
थाइमिन (टी)
इंसान के डीएनए में लगभग 3 बिलियन बेस पेयर होते है, और सभी लोगों के डीएनए में इनका 99% हिस्सा बिल्कुल सामान होते हैं। इन बेस का ऑर्डर (अनुक्रम ) ही ये तय करता है कि हमारा शरीर कैसे बनता है और काम करता है। बिल्कुल वैसे ही जैसे अक्षर मिलकर शब्द और वाक्य बनता है !

3.बेस पेयर और डीएनए का संरचना
डीएनए का बेस हमेशा जोड़े में जुड़ते हैं।
A के साथ T
C के साथ G
हर बेस एक शुगर अणु और एक फॉस्फेट अणु से भी जुड़ता है, ये तीनों मिलकर न्यूक्लियोटाइड बनाते हैं।
DNA 🧬 में ये न्यूक्लियोटाइड दो लम्बे किस्म में अरेंज होते हैं, जो मिलकर (double helix) स्पाइरल शेप बनाते हैं।
जैसे एक सीधी सीढ़ी (ladder) जिसमें बेस पेयर रंग बनाते हैं, और शुगर फास्फेट चैन उसके साइड रेल्स ।

DNA की कॉपी कैसे बनती है?
डीएनए की एक खास बात है कि वो अपनी नकल (कॉपी) बना सकता है। जब भी कोशिका विभाजन होता है, DNA 🧬 के डोनो स्ट्रैंड्स एक-एक पैटर्न के रूप में काम करते हैं, ताकि नए कोशिका में पुराने कोशिका जैसा ही DNA 🧬 बन सके।
ये प्रक्रिया जरूरी है क्योंकि हर नई कोशिका को पूरी आनुवंशिक जानकारी चाहिए होती है – बिल्कुल वैसे ही जैसे एक किताब की हर कॉपी मूल (ओरिजिनल) जैसी ही होती है।