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10 वीं बार CM बनने की तैयारी में नीतीश कुमार : जानिए देश के सबसे लम्बे समय तक मुख्यमंत्री रहे नेता कौन-कौन हैं ?

10 वीं बार CM बनने की तैयारी में नीतीश कुमार : जानिए देश के सबसे लम्बे समय तक मुख्यमंत्री रहे नेता कौन-कौन हैं ?

10 वीं बार CM बनने की तैयारी में नीतीश कुमार : जानिए देश के सबसे लम्बे समय तक मुख्यमंत्री रहे नेता कौन-कौन हैं ।
बिहार के नीतीश कुमार, पश्चिम बंगाल के ज्योति बसु, ओडिशा के नवीन पटनायक

10 वीं बार CM बनने की तैयारी में नीतीश कुमार : विधानसभा चुनाव में एनडीए को बड़ी जीत मिलने के बाद राज्य के सबसे अनुभवी नेता और (JDU) चीफ नीतीश कुमार एक बार फिर मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। नीतीश कुमार अब तक 9 बार बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। साल 2000 में उनका एक कार्यकाल सिर्फ 7 दिन चला था, क्योंकि बहुमत नहीं जुट पाया था। अब सवाल उठता है- देश में कौन-कौन नेता सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे हैं?

आइए नजर डालते हैं, भारत के 10 सबसे लंबे समय तक पद संभालने वाले मुख्यमंत्री : –

1) पवन कुमार चामलिंग – 24 साल (सिक्कम)

(12 दिसंबर 1994 – 26 मई 2019)
आईए नजर डालते हैं, लगातार पांच बार चुनाव जीतकर चामलिंग ने लगभग 25 साल तक सिक्किम की कमान संभाली। वह भारत के लंबे समय तक सेवा देने वाले मुख्यमंत्री बने।

2) नवीन पटनायक – 24 साल (ओडिशा)

(5 मार्च 2000 – 12 जून 2024)
आइए नजर डालते हैं, नवीन पटनायक ने दो दशक से ज्यादा समय तक ओडिशा के नेतृत्व किया। 2024 में बीजेपी को जीत मिलने के बाद उनका लंबा कार्यकाल समाप्त हुआ।

3) ज्योति बसु – 23 साल (पश्चिम बंगाल)

(21 जून 1977 – 5 नवंबर 2000)
आइए नजर डालते हैं, ज्योति बसु भारतीय राजनीति के सबसे सम्मानित नेताओं में गिने जाते हैं। दो दशक से अधिक समय तक उन्होंने बंगाल का नेतृत्व किया। उन्हें प्रधानमंत्री बनने का मौका भी मिला था, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया।

4) Gegong Apang – 22 साल (अरुणाचल प्रदेश)

(18 जनवरी 1980 – 19 जनवरी 1999, 3 अगस्त 2003 – 9 अप्रैल 2007)
लगभग 23 साल तक सत्ता में रहे अपांग दो अलग-अलग कार्यकाल में अरुणाचल प्रदेश के सबसे प्रभावशाली नेता बने।

5) लाल थनहवाला – 22 साल (मिजोरम)

(1984 – 1986, 1989 – 1998, 2008 – 2018)

तीन अलग-अलग कार्यकाल में CM रहे थनहवला ने मिजोरम में सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा सुधारो पर खास ध्यान दिया।

6) वीरभद्र सिंह – 21 साल (हिमाचल प्रदेश)

(1983 – 1990, 1993 – 1998, 2003 – 2007, 2012 – 2017)
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरभद्र सिंह ने चार बार सत्ता संभाली और हिमाचल के इतिहास में सबसे लंबे समय तक CM रहे।

7) माणिक सरकार – 19 साल (त्रिपुरा)

(11 मार्च 1998 – 9 मार्च 2018)
सीपीएम नेता माणिक सरकार लगातार चार कार्यकाल तक त्रिपुरा के मुख्यमंत्री रहे और अपनी सादगी के लिए देशभर में जाने जाते हैं।

8) नीतीश कुमार – 19 साल (बिहार)

(3–11 मार्च 2000; 24 नवंबर 2005 – 20 मई 2014; 2 फरवरी 2015 – वर्तमान)
नीतीश कुमार बिहार के सबसे लंबे कार्यकाल वाले मुख्यमंत्री हैं और वह अपने 10वे कार्यकाल की ओर बढ़ रहे हैं, नीतीश कुमार को बिहार में कानून व्यवस्था सुधारने और भ्रष्टाचार पर काबू पाने की कोशिशों के कारण लोग सुशासन बाबू कहने लगे, नितेश कुमार ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी और शुरुआती समय में उन्होंने बिहार स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड में भी नौकरी की।

9) एम. करुणानिधि – 18 साल (तमिलनाडु)

(1969–1976, 1989–1991, 1996–2001, 2006–2011)
डीएमके के दिग्गज नेता करुणानिधि कई बार तमिलनाडु के CM रहे हैं। और राज्य की राजनीति के पर उनकी गहरी छाप है।

10) प्रकाश सिंह बादल – 18 साल (पंजाब)

(1970–1971, 1977–1980, 1997–2002, 2007–2017)
प्रकाश की बादल पंजाब के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक रहे हैं और देश के सबसे कम उम्र में प्रधानमंत्री बनने का रिकॉर्ड भी उन्हीं के नाम है। प्रकाश सिंह बादल सिर्फ 43 साल की उम्र में पहली बार मुख्यमंत्री बने थे इस वजह से वह भारत के सबसे कम उम्र में CM बनने वाले नेताओं में गिने जाते हैं, वह बड़े किसान परिवार से आते थे किसान और किसानों से जुड़ी समस्याओं को उठाने के लिए पूरे देश में जाने जाते थे।

Bihar Vidhan Sabha Result 2025: नीतीश कुमार की वापसी, NDA ने बनाया रिकॉर्ड

Bihar Vidhan Sabha Result 2025: नीतीश कुमार की वापसी, NDA ने बनाया रिकॉर्ड

Bihar Vidhan Sabha Result 2025: नीतीश कुमार की वापसी, NDA ने बनाया रिकॉर्ड
बिहार विधान सभा चुनाव 2025

Bihar Vidhan Sabha Result 2025: नीतीश कुमार की वापसी, NDA ने बनाया रिकॉर्ड Bihar Chunav Result Winner List 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 मतगणना पुरी हो चुकी है और 243 सीटों के नतीजे सामने आ चुके हैं। इस बार एक एक बार फिर नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले वाले NDA ने जबरदस्त जीत दर्ज की है। एनडीए को कुल 202 सीटे मिली, जबकि तेजस्वी यादव के महागठबंधन को सिर्फ 35 सीटों पर जीत मिली है।

AIMIM (एआईएमआईएम) को 5 और BSP ( बीएसपी) को 1 सीट हासिल हुई है। अगर गठबंधन की पार्टियों की बात करे, तो –

 एनडीए में:-

  •  बीजेपी: 89 सीट
  •  
  •  जेडीयू: 85 सीट
  •  
  •  एलजेपी-आर: 19 सीट
  •  
  •  एचएएम: 5 सीट
  •  
  •  आरएलएम: 4 सी   
  •  
  •  महागठबंधन में:
  •  
  •  आरजेडी: 25 सीट
  •  
  •  कांग्रेस: 6 सीट
  •  
  •  सीपीआई-एमएल: 2 सीट
  •  
  •  सीपीएम: 1 सीट
  •  
  •  आईआईपी: 1 सीट
लोग नीतीश कुमार को प्यार से "सुशासन बाबू" कहते हैं। पिछले 20 सालों में कानून-व्यवस्था सुधारने, सड़कें बनाने, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएँ बेहतर करने और महिलाओं के लिए कई कदम उठाने की वजह से उन्हें यह नाम मिला है।

बिहार चुनाव 2025: एनडीए की जबरदस्त जीत और महागठबंधन की हार

डिजिटल डेस्क, पटना — बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 202 सीटें हासिल कीं। बीजेपी को 89 और जेडीयू को 85 सीटें मिलीं। इस जीत के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दसवीं बार राज्य की सत्ता में वापसी कर रहे हैं।

इस चुनाव में 67.13% की रिकॉर्ड वोटिंग हुई। खास बात यह रही कि महिलाओं की हिस्सेदारी ने इस बार चुनाव में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एनडीए की जीत का बड़ा कारण महिलाओं के लिए चलाई गई योजनाएँ, बेहतर कानून-व्यवस्था और युवाओं को दिए गए अवसर माने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जीत को “महिलाओं और युवाओं की जीत” बताया।

जहाँ मुकाबला रहा सबसे कड़ा – 1000 से कम वोटों से जीत

बिहार के 9 विधानसभा क्षेत्रों में जीत-वोट का अंतर 1000 से भी कम रहा। यहाँ परिणाम इस प्रकार रहे —

संदेश (भोजपुर): जदयू के राधा चरण साह ने (RJD) के दीपू सिंह को सिर्फ 27 वोट से हराया — यह बिहार चुनाव इतिहास के सबसे कम अंतर वाली जीतों में से एक है।

आगिआंव (भोजपुर): (BJP) के महेश पासवान ने माले उम्मीदवार को 95 वोटों से हराया।

फॉरबिसगंज (अररिया): कांग्रेस के मनोज विश्वास ने (BJP) के विद्या सागर केशरी को 221 वोटों से मात दी।

रामगढ़ (कैमूर): (BSP) के सतीश कुमार सिंह यादव ने BJP के अशोक कुमार सिंह को 30 वोटों से हराया।

चनपटिया (प. चंपारण): कांग्रेस के अभिषेक रंजन ने (BJP) के उमाकांत सिंह को 602 वोटों से हराया।

जहानाबाद: (RJD) के राहुल कुमार ने JDU के चंदेश्वर प्रसाद को 793 वोटों से हराया।

गोह (औरंगाबाद): (RJD) के अमरेंद्र कुमार ने BJP के डॉ. रणविजय कुमार को 767 वोटों से हराया।

बोध गया: (RJD) के कुमार सर्वजीत ने LJP(रामविलास) के श्यामदेव पासवान को 881 वोटों से मात दी।

बख्तियारपुर (पटना): लोजपा के अरुण कुमार ने (RJD) के अनिरुद्ध कुमार को 981 वोटों से हराया।

विपक्ष के आरोप और राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ

महागठबंधन ने कुछ सीटों पर मतगणना में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। तेजस्वी यादव का कहना है कि कई सीटों पर “खेल” हुआ है। राहुल गांधी ने भी शुरुआत से ही चुनाव को अनुचित बताया।

हालाँकि, चुनाव आयोग ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है।

वरिष्ठ पत्रकार कुणाल प्रताप सिंह ने भी कहा कि ईवीएम और पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाना वास्तविक हालात से मेल नहीं खाता। उनका कहना है कि चंपारण की 21 सीटों में से महागठबंधन ने 3 सीटें

बेहद कम अंतर से जीती हैं, जो चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को साबित करता है!

इन निकटतम मुकाबलों में संदेश की 27 वोटों की जीत बिहार के चुनावी इतिहास में सबसे कम अंतरों में से एक है

Bihar Election Result 2025

दिल्ली बम विस्फोट: डीएनए से पुष्टि,दिल्ली बम विस्फोट: डीएनए से पुष्टि

दिल्ली बम विस्फोट: डीएनए से पुष्टि, डॉ. उमर उस गाड़ी को चला रहा था, उसका पैर स्टेरिंग और एक्सीलेटर के बीच में था।

दिल्ली बम विस्फोट: डीएनए से पुष्टि, डॉ. उमर उस गाड़ी को चला रहा था, उसका पैर स्टेरिंग और एक्सीलेटर के बीच में था।
सोमवार शाम को लाल किले के निकट हुए बम विस्फोट में मरे व्यक्ति की पहचान डॉक्टर के रूप में की गई है। उसकी उम्र नबी के रूप में मानी जाती है। दिल्ली पुलिस ने खुलासा किया कि फॉरेंसिक जांच में कार के भीतर जले हुए पैर का डीएनए नमूना नबी की माता के सैंपल से मेल खाता है।

डीएनए
बृहस्पतिवार को दिल्ली में लाल किला कार बम विस्फोट स्थल पर गार्ड खड़ा है। (एएनआई)

 

दिल्ली बम विस्फोट: नबी जम्मू-कश्मीर के पुलवामा से हैं और फरीदाबाद में अल-फलाह यूनिवर्सिटी में सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने विस्फोट से 11 दिन पहले एक सफेद हुंडई i20 गाड़ी खरीदी थी।
जांच में यह खुलासा हुआ है कि नबी का उन दो चिकित्सकों से संबंध था जिन्हें हाल ही में जम्मू-कश्मीर में गिरफ्तार किया गया। इन चिकित्सकों के पास से 2,900 किलो अमोनियम नाइट्रेट और शस्त्रों की बरामदगी हुई थी। पुलिस का दावा है कि यह विस्फोट एक योजनाबद्ध आतंकवादी हमले का हिस्सा था।

dna structure
DNA structure

1.डीएनए क्या है
DNA यानी (Deoxyribonucleic Acid) हमारे शरीर का “जेनेटिक मैटेरियल” है, यही वह मॉलेक्युलस है जो हमारे जींस बनता है. हर इंसान के लगभग हर सेल (कोशिका) में एक ही जैसा DNA होता है,
ज़्यादा तर DNA कोशिका के (न्यूक्लियस) में होता है इसे न्यूक्लियर डीएनए कहते हैं! लेकिन थोड़ा सा DNA माइटोकॉन्ड्रिया में भी मिलता है, जिसे माइटोकॉन्ड्रियल डीएनए या MTDNA कहा जाता है।

2.माइटोकॉन्ड्रिया क्या करते हैं?

माइटोकॉन्ड्रिया कोशिका के “पावरहाउस” होते हैं – ये हमारे खाने से मिलने वाली ऊर्जा को ऐसे रूप में बदलते हैं, जिसे कोशिका उपयोग कर सकें। माइटोकॉन्ड्रिया खाद्य अणुओं को तोड़कर और ऑक्सीजन का उपयोग करके एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट (ATP) के रूप में ऊर्जा उत्पन्न करते हैं, जो कोशिका के लिए आणविक ईंधन है।

3.डीएनए का कोड कैसा लिखा होता है?

DNA एक कोड की तरह होता है जो 4 रासायनिक आधार से बना है।

एडेनिन (ए)
गुआनिन (जी)
साइटोसिन (सी)
थाइमिन (टी)
इंसान के डीएनए में लगभग 3 बिलियन बेस पेयर होते है, और सभी लोगों के डीएनए में इनका 99% हिस्सा बिल्कुल सामान होते हैं। इन बेस का ऑर्डर (अनुक्रम ) ही ये तय करता है कि हमारा शरीर कैसे बनता है और काम करता है। बिल्कुल वैसे ही जैसे अक्षर मिलकर शब्द और वाक्य बनता है !

3.बेस पेयर और डीएनए का संरचना
डीएनए का बेस हमेशा जोड़े में जुड़ते हैं।
A के साथ T
C के साथ G
हर बेस एक शुगर अणु और एक फॉस्फेट अणु से भी जुड़ता है, ये तीनों मिलकर न्यूक्लियोटाइड बनाते हैं।
DNA 🧬 में ये न्यूक्लियोटाइड दो लम्बे किस्म में अरेंज होते हैं, जो मिलकर (double helix) स्पाइरल शेप बनाते हैं।
जैसे एक सीधी सीढ़ी (ladder) जिसमें बेस पेयर रंग बनाते हैं, और शुगर फास्फेट चैन उसके साइड रेल्स ।

DNA की कॉपी कैसे बनती है?
डीएनए की एक खास बात है कि वो अपनी नकल (कॉपी) बना सकता है। जब भी कोशिका विभाजन होता है, DNA 🧬 के डोनो स्ट्रैंड्स एक-एक पैटर्न के रूप में काम करते हैं, ताकि नए कोशिका में पुराने कोशिका जैसा ही DNA 🧬 बन सके।
ये प्रक्रिया जरूरी है क्योंकि हर नई कोशिका को पूरी आनुवंशिक जानकारी चाहिए होती है – बिल्कुल वैसे ही जैसे एक किताब की हर कॉपी मूल (ओरिजिनल) जैसी ही होती है।