बिहार रोजगार योजना 2025: नीतीश कुमार का 1 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का बड़ा ऐलान
बिहार रोजगार योजना 2025: नीतीश कुमार का 1 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का बड़ा ऐलान
बिहार रोजगार योजना 2025: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज के युवाओं के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण घोषणा की है।
उन्होंने साफ कहा है कि आने वाले 5 वर्षों यानी 2025 से 2030 के बीच बिहार में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य तय किया गया है।
यह घोषणा न सिर्फ युवाओं को उम्मीद देती है, बल्कि राज्य सरकार की आने वाली योजनाओं के लिए भी एक मजबूत दिशा तय करती है।
नीतीश कुमार ने कहा कि शुरू से ही उनका ध्यान सरकारी नौकरियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने पर रहा है।
साथ निश्चय-2 कार्यक्रम के तहत 2020 से 2025 के बीच 50 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार दिया जा चुका है। सरकार अब अगले चरण में इससे भी बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है।
रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया तेज — 31 दिसंबर 2025 तक सभी विभागों को आदेश
बिहार रोजगार योजना 2025: मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा की नई सरकार के गठन के बाद से ही हर विभाग में खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है। उन्होंने सभी प्रशासनिक विभागों, प्रमंडलीय आयुक्तों, पुलिस मुख्यालय और जिलाधिकारीयों को निर्देश दिया है कि_
•अपने-अपने विभागों में मौजूद सभी रिक्त पदों की पूरी सूची
• 31 दिसंबर 2025 तक समान प्रशासन विभाग को भेजें दे।
इसके बाद सामान प्रशासन विभाग इन व्यक्तियों की जांच करके उन्हें तुरंत संबंधित नियुक्ति आयोग को भेज देगा ताकि बहाली प्रक्रिया में किसी तरह की देरी न हो।
सरकार का कहना है की नियुक्ति प्रक्रिया में देरी युवाओं के समय और भविष्य दोनों को प्रभावित करती है इसलिए इस बार सिस्टम को और तेज तथा पारदर्शी बनाया जा रहा है।
जनवरी 2026 में पूरे साल का भर्ती कैलेंडर जारी होगा
नीतीश कुमार ने बताया कि सभी नियुक्ति आयोगों और चयन एजेंसियों को या निर्देश दिया गया है कि वह जनवरी 2026 में पूरे साल का एक भारती कैलेंडर जारी करें।
इस कैलेंडर में निम्न बातें स्पष्ट रूप से लिखी होंगी_
• विज्ञापन जारी होने की तिथि
• परीक्षा आयोजित होने की संभावित तारीख
• अंतिम परिणाम जारी होने की तय तिथि
यानी अब उम्मीदवारों को भर्ती प्रक्रिया के हर चरण की स्पष्ट जानकारी पहले से मिल जाएगी। इससे युवाओं को तैयारी में सुविधा होगी और भारती को लेकर होने वाली अनिश्चितता कम होगी
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि किसी भी भर्ती प्रक्रिया में:
➡ विज्ञापन से लेकर अंतिम परिणाम आने तक अधिकतम एक वर्ष का समय ही लगेगा।
इससे अधिक समय किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
यह व्यवस्था युवाओं के लिए बेहद फायदेमंद होगी, क्योंकि बिहार में कई बार बहाली प्रक्रियाएं वर्षों तक लंबी खींच जाती है
परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता — कड़े निर्देश जारी
बिहार रोजगार योजना 2025: सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि सभी परीक्षाएं__
• पूरी तरह पारदर्शी,
• निष्पक्ष
• और तकनीक आधारित तरीके से कराई जाएंगी।
उन्होंने नियुक्ति आयोगों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी अनुचित साधन या गलत तरीके को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि परीक्षा में किसी तरह की अनियमितता पाई जाती है तो–
• दोषियों को चिन्हित किया जाएगा
• और उन्हें फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए सख्त सजा दी जाएगी
सरकार का कहना है की पारदर्शी परीक्षा प्रणाली ही युवाओं में भरोसा कायम करती है और उसके बिना रोजगार प्रक्रिया विश्वसनीय नहीं हो सकती।
कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) के लिए परीक्षा केंद्र बढ़ेंगे
आज ज्यादातर सरकारी परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित होती जा रही है। (बिहार रोजगार योजना 2025) इसी को देखते हुए बिहार सरकार ने फैसला लिया है कि पूरे राज्य में:
➡ CBT परीक्षा केंद्र की संख्या बढ़ाई जाएगी। इससे दो बड़े फायदे होंगे:
• परीक्षाएं समय पर आयोजित की जा सकेगी
• कम समय में अधिक अभ्यर्थियों की परीक्षा कराई जा सकेगी
कई बार बिहार में CBT केंद्रों की कमी के कारण एग्जाम डेट आगे बढ़ जाती थी। सरकार का कहना है कि आने वाले महीना में अधिक परीक्षा केंद्र तैयार होंगे ताकि भर्ती कैलेंडर में किसी तरह की रुकावट न आए।
युवाओं का भविष्य सुरक्षित बनाना सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के बेहतर भविष्य और आत्मनिर्भरता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उनकी सरकार लगातार ऐसे कदम उठा रही है जिनसे:-
• अधिक रोजगार पैदा हों
• सरकारी नौकरी पाने की प्रक्रिया स्पष्ट और भरोसेमंद बने
• युवाओं को ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट का अधिक मौका मिले
• रोजगार के नए सेक्टर खड़े हो
नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी प्राथमिकता है कि बिहार का हर युवा अपने क्षेत्र में कुशाल बने और रोजगार के अवसरों को आसानी से प्राप्त कर सके।
क्यों है यह घोषणा महत्वपूर्ण?
बिहार की बड़ी आबादी युवा है, और यहां रोजगार की कमी हमेशा एक बड़ी चुनौती रही है।
नए लक्ष्य—1 करोड़ नौकरियां का मतलब है:
• हर साल औसतन 20 लाख रोजगार
• सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में नई संभावनाओं को बढ़ावा
• युवाओं के लिए रोजगार आधारित योजनाओं में तेजी
• राज्य में आर्थिक गतिविधियों में बड़ा उछाल+
यह लक्ष्य महत्वाकांक्षी जरूर है, लेकिन यदि इसे सही दिशा में लागू किया गया, तो बिहार की रोजगार स्थिति में बड़ा बदलाव आ सकता है।
अगले 5 साल में क्या बदल सकता है
अगर सरकार अपनी योजना पर सही तरीके से काम करती है तो:
1. सरकारी विभागों में सालों से खाली पेट भर जाएंगे
स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस, परिवहन, ग्रामीण विकास—हर विभाग में हजारों पद खाली हैं।
2. बिहार में निजी निवेश बढ़ेगा
नए उद्योग, स्टार्टअप और MSME सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा।
3. स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम मजबूत होंगे
तकनीकी और व्यावसायिक ट्रेनिंग को बढ़ाया जाएगा।
4. भर्ती प्रक्रिया समयबद्ध होगी
एक साल में प्रक्रिया पूरी करने से युवाओं में भरोसा भी बढ़ेगा।
5. पारदर्शी परीक्षाएं युवाओं का विश्वास लौटाएंगी
गलत तरीकों का इस्तेमाल करने वालों पर सख्त कार्रवाई से सिस्टम साफ होगा।
