हरियाणा: IDFC फर्स्ट बैंक में 590 करोड़ रुपये की FD गड़बड़ी पर सरकार की जांच शुरू
हरियाणा: IDFC फर्स्ट बैंक में 590 करोड़ रुपये की FD गड़बड़ी पर सरकार की जांच शुरू
चंडीगढ़: हरियाणा में IDFC फर्स्ट बैंक से जुड़ी लगभग 590 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) अनियमितताओं का मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर गंभीर विषय बन गया है। मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि सरकार ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विधानसभा में उठा मुद्दा
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान विपक्ष के नेता Bhupinder Singh Hooda ने इस विषय को उठाया और सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
हुड्डा ने कहा कि बैंक द्वारा आंतरिक स्तर पर कुछ गड़बड़ियों की जानकारी नियामक संस्थाओं को दी गई थी, ऐसे में सरकार की भूमिका और जिम्मेदारी पर भी सवाल उठते हैं।
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मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने सदन को जानकारी दी कि सरकार को इस मामले की सूचना लगभग चार से पांच दिन पहले मिली थी। इसके बाद तुरंत जांच के आदेश जारी कर दिए गए।
उन्होंने बताया कि अनियमितता सामने आने के बाद संबंधित राशि को सुरक्षित रखने के लिए एक राष्ट्रीयकृत बैंक में स्थानांतरित कर दिया गया है।
सैनी ने यह भी कहा कि एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और विजिलेंस विभाग इस मामले की जांच कर रहे हैं।
चाहे वह सरकारी अधिकारी हो या बैंक कर्मचारी, यदि कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी
मुख्यमंत्री ने कहा।
विपक्ष की मांग: जिम्मेदारी तय हो
विपक्ष ने सरकार से पूछा कि आखिर किस स्तर पर लापरवाही हुई और अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं।
भूपिंदर सिंह हुड्डा ने मांग की कि जांच पूरी होने के बाद पूरी पारदर्शिता के साथ जिम्मेदारी तय की जाए और जनता को पूरी जानकारी दी जाए।
सरकार का दावा: रकम सुरक्षित
मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने आश्वस्त किया कि पूरी धनराशि सुरक्षित है और “एक-एक रुपया सुरक्षित रखा गया है।”
उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
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प्रशासनिक कार्रवाई
राज्य सरकार ने संबंधित बैंक को अस्थायी रूप से डिबार करने की अधिसूचना जारी की है।
इसके साथ ही कुछ बैंक अधिकारियों को निलंबित किया गया है और मामले की स्वतंत्र जांच के लिए एक बाहरी एजेंसी को भी नियुक्त किया गया है।
राजनीतिक महत्व
यह मामला अब हरियाणा की राजनीति में चर्चा का केंद्र बन चुका है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी।
निष्कर्ष:
हरियाणा में IDFC फर्स्ट बैंक से जुड़ा 590 करोड़ रुपये का FD मामला अब प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण विषय बन चुका है। Nayab Singh Saini सैनी ने स्पष्ट किया है कि सरकार पारदर्शिता के साथ जांच कराएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
वहीं विपक्ष इस मुद्दे पर जवाबदेही और जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहा है। फिलहाल सरकार का कहना है कि पूरी धनराशि सुरक्षित है और जांच पूरी होने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और प्रशासनिक कार्रवाई इस मामले की दिशा तय करेगी।
FAQ – हरियाणा IDFC फर्स्ट बैंक 590 करोड़ FD मामला
1️⃣ हरियाणा में 590 करोड़ रुपये का मामला क्या है?
यह मामला IDFC फर्स्ट बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से जुड़ी कथित अनियमितताओं से संबंधित है। राज्य सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
2️⃣ इस मामले पर सरकार का क्या रुख है?
हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने कहा है कि जांच शुरू कर दी गई है और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
3️⃣ विपक्ष ने क्या आरोप लगाए हैं?
विपक्ष के नेता Bhupinder Singh Hooda ने सरकार से जवाबदेही तय करने और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है।
4️⃣ क्या 590 करोड़ रुपये सुरक्षित हैं?
सरकार का दावा है कि पूरी राशि सुरक्षित है और उसे राष्ट्रीयकृत बैंक में स्थानांतरित कर दिया गया है।
5️⃣ जांच कौन कर रहा है?
एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और विजिलेंस विभाग इस मामले की जांच कर रहे हैं।




