अक्टूबर में भारत की औद्योगिक विकास दर सिर्फ 0.4% — जानिए क्यों धीमी पड़ी ग्रोथ और किन सेक्टरों ने दिखाया दम
अक्टूबर में भारत की औद्योगिक विकास दर सिर्फ 0.4% — जानिए क्यों धीमी पड़ी ग्रोथ और किन सेक्टरों ने दिखाया दम
भारत की औद्योगिक विकास दर (IIP Growth) अक्टूबर 2025 में काफी धीमी रही और सिर्फ 0.4% दर्ज की गई।
यह आंकड़ा कई लोगों के लिए चौंकाने वाला हो सकता है, क्योंकि पिछले कुछ महीनो से औद्योगिक उत्पादन अच्छी रफ्तार पड़े हुए था। लेकिन सरकार का कहना है कि इस सस्ती की सबसे बड़ी वजह त्यौहारी सीजन है, जिसमें कार्य दिवस कम होते हैं और कई उद्योगों का कामकाज स्वाभाविक रूप से धीमा पड़ जाता है।
सोमवार को जारी सांख्यिकी मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर महीने में कई सेक्टरों ने मजबूती दिखाई, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों में गिरावट भी देखने को मिली।
🟪 पिछले महीना की तुलना में ग्रोथ क्यों घटी?
अगर हम पिछले चार महीना के आंकड़े देखें:
• जुलाई: 3.5%
• अगस्त: 4%
• सितंबर: 4%
• जून: 1.5%
इनकी तुलना में अक्टूबर का 0.4% काफी कम है।
मुख्य वजहों में शामिल है:
• दशहरा, दीपावली और छठ जैसे त्योहारों की वजह से कम कामकाजी दिन
• कई फैक्ट्रियों में उत्पादन कुछ दिनों के लिए रोक दिया जाता है।
• ट्रांसपोर्ट, सप्लाई चैन और मार्केट गतिविधियां भी त्योहारों में धीमी हो जाती है।
इसलिए उद्योगों में उत्पादन की रफ्तार का काम होना स्वाभाविक माना जा रहा है
🟨 मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने दिखाया बेहतर प्रदर्शन
धीमी औद्योगिक विधि के बावजूद, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया।
पिछले साल की तुलना में इसमें 1.8% की वृद्धि दर्ज की गई।
यह संकेत देता है कि:
• इंडस्ट्री में मांग बनी हुई है
• फैक्ट्रियां अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ाने की कोशिश कर रही है
• कई सेक्टरों में त्योहारी सीजन के कारण पहले से ही तैयारियों का जवाब था
🟩 23 में से 9 इंडस्ट्रियल ग्रुप की ग्रोथ पॉजिटिव
भारत की औद्योगिक विकास : अक्टूबर में कुल 23 औद्योगिक समूहों में से 9 ने अच्छा प्रदर्शन किया।
इसमें सबसे मजबूत ग्रोथ वाले सेक्टर रहे:
✅ 1. बेसिक मेटल – 6.6% की ग्रोथ
स्टील, आयरन जैसे मेटल की मांग निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में ज्यादा रहती है।
सरकार के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का बड़े फायदा इस सेक्टर का सीधा फायदा इस सेक्टर को मिला।
✅ 2. कोक और रिफाइंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स – 6.2%
पेट्रोलियम और उससे जुड़े उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है।
ट्रांसपोर्ट, फैक्ट्रियों और इंडस्ट्रियल यूनिट्स में इनका उपयोग बहुत ज्यादा होता है
✅ 3. मोटर व्हीकल, ट्रेलर्स और सेमी-टेलर्स – 5.8%
त्योहारी महीने में वाहन खरीदारी उच्च स्तर पर होती है।
कार बाइक और कमर्शियल व्हीकल की बिक्री बढ़ने से उत्पादन भी तेज हुआ।
🟥 माइनिंग और बिजली क्षेत्र में बड़ी गिरावट
भारत की औद्योगिक विकास : जहां कुछ सेक्टरों ने अच्छा प्रदर्शन किया, वहीं माइनिंग और बिजली उत्पादन में बड़ी कमी देखी गई।
❌ माइनिंग सेक्टर – (-1.8%)
खनन गतिविधियां कई राज्यों में मौसम, त्योहार और मजदूरों की उपलब्धता के कारण कम हो गई।
❌ इलेक्ट्रिसिटी सेक्टर – (-6.9%)
यह गिरावट सबसे चिंता जनक रही।
सरकार के अनुसार:
• अक्टूबर में बरसात कम हुई
• तापमान भी काम रहा
• इसलिए बिजली की मांग अचानक घट गई
मांग गिरने से उत्पादन भी स्वाभाविक रूप से कम हो गया।
🟦 कैपिटल गुड्स सेक्टर में बढ़त — निवेश बढ़ाने का संकेत
कैपिटल गुड्स वह उपकरण और मशीन हैं जो फैक्ट्रियों में उत्पादन के लिए इस्तेमाल होती है।
इस सेक्टर में अक्टूबर में 2.4% की सालाना वृद्धि हुई।
यह संकेत देता है कि:
• कंपनियां नई मशीन खरीद रही है
• उत्पादन क्षमता बढ़ाई जा रही है
• आने वाले महीना में रोजगार और औद्योगिक गतिविधियां तेज हो सकती है
कुल मिलाकर यह विकास भविष्य के लिए पॉजिटिव माना जा रहा है।
🟨 इंफ्रास्ट्रक्चर व कंस्ट्रक्शन सेक्टर में 7.1% की दमदार वृद्धि
यह सेक्टर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, क्योंकि सरकार हाईवे, रेलवे, एयरपोर्ट और पोर्ट्स जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर तेजी से कम कर रही है।
7.1% की ग्रोथ दर्शाती है कि:
• देश में निर्माण और विकास कर तेजी से जारी है
बड़े प्रोजेक्ट्स का सीधा फायदा सीमेंट, स्टील, मशीनरी और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को मिल रहा है
🧭 कुल तस्वीर: गिरावट पर चिंता नहीं सुधार की उम्मीद ज्यादा
भारत की औद्योगिक विकास : हालांकि अक्टूबर में औद्योगिक विकास किधर 0.4% पर आ गई है, लेकिन इसे बड़ी आर्थिक समस्या नहीं माना जा रहा।
कारण है:
• त्यौहार में उत्पादन हर साल धीमा होता है।
• मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर मजबूत नजर आए
• कैपिटल गुड्स में वृद्धि निवेश के बढ़ने का संकेत देती है
• मांग स्थिर है, इसलिए आने वाले महीना में ग्रोथ वापसी कर सकती है
सरकार के अनुसार, नवंबर और दिसंबर में स्थिति बेहतर रहने की उम्मीद है क्योंकि_
* त्योहार खत्म हो चुके
* हैं मौसम में स्थिर है
* कई उद्योग अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ा रहे हैं
सरकार के अनुसार, नवंबर और दिसंबर में स्थिति बेहतर रहने की उम्मीद है क्योंकि:






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